राष्ट्रीय
स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) ने सह-सरकार्यवाह के सी कण्णन को 'महिला से
संबंधों' को लेकर पद से हटाकर संगठन से वापस लौटा दिया है।
बेंगलुरु में पिछले सप्ताह हुई प्रतिनिधि सभा की बैठक में कण्णन को सभी दायित्वों
से मुक्त करने की घोषणा की गई। संघ के पदानुक्रम में सह-सरकार्यवाह, सरसंघचालक और सरकार्यवाह के बाद तीसरे नंबर का पद होता है। कण्णन के अलावा
सुरेश सोनी, दत्तात्रेय हसबोले और डॉ. कृष्ण गोपाल अभी
सह-सरकार्यवाह की भूमिका निभा रहे हैं।
संघ में प्रचारक मोटे तौर पर अविवाहित होते हैं। निचले स्तर पर कुछ विवाहित लोग भी पूर्णकालिक की तरह काम करते हैं। यह पहला मामला है कि जब संगठन के इतने बड़े अधिकारी को किसी आरोप में पद से हटाकर वापस लौटाया गया है। 52 वर्षीय कण्णन साल 2012 में डॉ. कृष्ण गोपाल के साथ सहसरकार्यवाह बनाए गए थे। संघ के कई नेताओं के लगता था कि वह संगठन में शीर्ष तक पहुंच सकते थे। इस मामले में टिप्पणी के लिए वह उपलब्ध नहीं हो पाए।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए संघ के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा, 'कण्णन ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते घर वापस लौटने का फैसला किया है। वह अब पारिवारिक जीवन शुरू करेंगे और इस बारे में उन्होंने संगठन के नेतृ्त्व को कुछ महीने पहले ही सूचित कर दिया था।'
संघ में प्रचारक मोटे तौर पर अविवाहित होते हैं। निचले स्तर पर कुछ विवाहित लोग भी पूर्णकालिक की तरह काम करते हैं। यह पहला मामला है कि जब संगठन के इतने बड़े अधिकारी को किसी आरोप में पद से हटाकर वापस लौटाया गया है। 52 वर्षीय कण्णन साल 2012 में डॉ. कृष्ण गोपाल के साथ सहसरकार्यवाह बनाए गए थे। संघ के कई नेताओं के लगता था कि वह संगठन में शीर्ष तक पहुंच सकते थे। इस मामले में टिप्पणी के लिए वह उपलब्ध नहीं हो पाए।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए संघ के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा, 'कण्णन ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते घर वापस लौटने का फैसला किया है। वह अब पारिवारिक जीवन शुरू करेंगे और इस बारे में उन्होंने संगठन के नेतृ्त्व को कुछ महीने पहले ही सूचित कर दिया था।'
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