Monday, April 7, 2014

प्रीमियम ट्रेन के तौर पर इस समस्या का हल ढूंढा

छुट्टियों में गांव जाने के लिए लोगों को रेलवे का आरक्षित लेने के लिए चप्पल घिसनी पड़ती थी। रेलवे से कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के बाद कई लोग दलालों के शिकार होकर एक सीट पाने के लिए हजारों रुपये खर्च कर देते थे। 
रेलवे ने प्रीमियम ट्रेन के तौर पर इस समस्या का हल ढूंढा है। इस साल पहली बार मुंबई से पूर्वोत्तर राज्यों के लिए प्रीमियम ट्रेनें चलाई जा रही हैं जिसका अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। इसे देखते हुए अब रेलवे बोर्ड ने वाराणसी और गोरखपुर के लिए और प्रीमियम ट्रेनें चलाने का फैसला निर्णय किया है। रेलवे बोर्ड के मेंबर ट्रैफिक देवी प्रसाद पांडेय ने कहा कि इन दोनों गाड़ियों के मिले प्रतिसाद के मद्देनजर इस रूट और प्रीमियम स्पेशल गाड़ियां चलाई जांएगी। 
डाइनैमिक प्राइसिमग सिस्टम पर आधारित होने की वजह से प्रीमियम ट्रेनने दलालों की पहुंच से दूर है, क्योंकि इन गाड़ियों के टिकटों की कीमत मांग के आधार पर कम-ज्यादा हो सकती है। साथ ही बुकिंग भी पर्सनल आईडी से ही की जा सकती है, और सबसे बड़ी बात है कि आपको कन्फर्म टिकट मिलता है। हालांकि इसके लिए आपको सामान्य किराये से कुछ पैसे ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन उतने नहीं जितने दलालों की जेब में जाते हैं। 

Wednesday, April 2, 2014

लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

यहां से बीजेपी प्रत्याशी और सांसद राजेन्द्र अग्रवाल को सोमवार को अपने चुनाव प्रचार के दौरान कुंडा गांव के लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उनके साथ प्रचार के लिए चल रहे बीजेपी विधायक और मेयर को भी लोगों ने नहीं बख्शा। विरोध कर रहे लोग सांसद व अन्य नेताओं की गाड़ी पर चढ गए और जमकर हंगामा किया। इस दौरान लोगों ने अग्रवाल की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। लोगों का कहना है कि सांसद से बार-बार मिलने के बावजूद उन्होंने क्षेत्र की सड़कें ठीक नहीं कराई थी, इसलिए गांव के लोगों ने उनका बॉयकॉट करने का फैसला लिया है। वहीं बीजेपी प्रत्याशी का कहना है कि क्षेत्र के एसपी के सभासद के इशारे पर कुछ युवकों ने उनपर हमला किया है।
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट के बीजेपी प्रत्याशी और सांसद राजेन्द्र अग्रवाल सोमवार को चुनाव प्रचार के लिए निकले थे। उनके साथ बीजेपी के विधायक रवींद्र भड़ाना, मेयर हरिकांत अहलूवालिया व अन्य नेता के अलावा उनके सर्मथक भी थे। बताया जाता है कि जब अग्रवाल का काफिला कुंडा रेलवे फाटक के पास पहुंचा तो वहां पहले से कुछ लोग उनके बॉयकॉट का बैनर लगाए बैठे थे। उनके काफिले के वहां पहुंचते ही लोगों ने अग्रवाल वापस जाओं के नारे लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोग राजेंद्र अग्रवाल की गाड़ी के सामने लेट गए। बीजेपी नेताओं ने लोगों को समझाना चाहा तो लोगों ने आरोप लगाया कि वे सांसद से गांव की सड़क ठीक कराने के लिए कई बार मिले, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। इस पर दोनों ओर से नोकझोंक शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में वहां अफरातफरी फैल गई। विरोध कर रहे कई युवक सांसद, मेयर व विधायक की गाड़ियों पर चढ़कर हंगामा करने लगे। उन्होंने गाड़ियों पर मुक्के मारे।
आरोप है कि युवकों ने कारों में तोड़फोड़ की और उनके शीशे तोड़ दिए। किसी तरह सांसद के सर्मथक उन्हें वहां से निकाल कर ले गए। बताया जाता है कि इस घटना से पहले रास्ते में रिठानी के पास इंदिरापुरम कॉलोनी और अछरौडा गांव की महिलओं ने भी बीजेपी प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल का विरोध किया था। उनका आरोप था कि पांच सालों में सांसद कभी उनके क्षेत्र में नही आए हैं। वहां से सांसद का काफिला किसी तरह से शताब्दी नगर सेक्टर- 4 होता हुआ कुंडा के फाटक पर पहुंचा।
इस बारे में राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि एसपी के एक सभासद के इशारे पर उन पर यह हमला किया गया है। गांव की लोग उनके साथ हैं। उनका कहना है कि वे अपने एसपी के साथियों से कहना चाहते हैं कि जनतंत्र में यह तरीका ठीक नहीं है। साथ ही वे प्रशासन से भी कहेंगे की वह ज्यादा सर्तकता बरते। हमले के आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने के बारे में पूछे जाने पर अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल उसकी जरूरत नहीं है।

Friday, March 28, 2014

हार्बर लाइन पर 12 डिब्बों की लोकल चलाने के लिए प्रशासन को कई परेशानियों का सामना

हार्बर लाइन पर 12 डिब्बों की लोकल चलाने के लिए प्रशासन को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इस रूट पर बढ़ती भीड़ को देखकर इस योजना को हर हालत में पूरा करना सेंट्रल रेलवे के लिए एक चुनौती साबित हो रहा है। इस चुनौती से पार पाने के लिए कई तरह के सुझाव सामने आ रहे हैं, इनमें से आधिकारिक तौर पर एक सुझाव दिया गया है कि प्लैटफॉर्म नंबर-एक से गाड़ियों का आवागमन बंद हो कर मौजूदा 2 नंबर प्लैटफॉर्म को एक नंबर (एक्सटेंडेड) प्लैटफॉर्म में कर दिया जाए।
हार्बर लाइन के लिए 12 डिब्बे की लोकल गाड़ियां चलाने के लिए रेलवे एक नंबर 1 और 2 की जगह प्लैटफॉर्म नंबर 2 और 3 से गाड़ियां चलाने पर विचार कर रहा है। हालांकि एमआरवीसी (मुंबई रेल विकास निगम) प्लैटफॉर्म नंबर एक के मस्जिद छोर की तरफ तीन डिब्बों के लिए सिंगल डिसपर्सल का भी प्रस्ताव रखा है, पर यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर रेल प्रशासन इस विकल्प पर ध्यान नहीं दे रहा है। प्लैटफॉर्म नंबर एक के मस्जिद छोर की तरफ स्थित प्रशासनिक इमारत के कारण हार्बर लाइन के लिए प्लैटफॉर्म का विस्तार नहीं हो पा रहा है।

रेलवे से जुड़े सूत्रों की माने तो दिसंबर 2014 तक इस प्रकल्प को पूरा कर हार्बर लाइन पर 12 डिब्बों की लोकल गाड़ियों का संचालन शुरु कर दिया जाएगा। सेंट्रल रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार सीएसटी में लोकल के लिए 7 प्लैटफॉर्म है। इनमें से दो प्लैटफॉर्म से हार्बर, 2 से मेन लाइन की स्लो तथा 2 प्लैटफॉर्म (6 और 7 से) फास्ट सर्विस चलाई जाती है। प्लैटफॉर्म शिफ्ट होने के बाद फास्ट लोकल सेवाओं के लिए सीएसटी पर एक रेक लिए जो पार्किंग स्लॉट उपलब्ध है(प्लैटफॉर्म नं 7) वो बाद में उपलब्ध नहीं हो सकेगा।

Tuesday, March 18, 2014

खड़गपुर के एमटेक सेकंड ईयर के एक छात्र का शव सोमवार को हॉस्टल के उसके कमरे में छत से झूलता पाया गया।

कोलकाता इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी, खड़गपुर के एमटेक सेकंड ईयर के एक छात्र का शव सोमवार को हॉस्टल के उसके कमरे में छत से झूलता पाया गया। संस्थान के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। 
कुलसचिव टी.के. घोषाल के अनुसार, मृत पाया गया 24 वर्षीय एस. बोगा एमटेक-कम्प्यूटर साइंस का छात्र था। घोषाल ने आईएएनएस से कहा, 'आज सुबह छात्र का शव छत से झूलता पाया गया। पुलिस घटना की जांच कर रही है।' छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इस सवाल को उन्होंने हालांकि यह कहकर टाल दिया कि पुलिस जांच की रिपोर्ट आने तक कुछ कहा नहीं जा सकता।
 
बोगा आंध्र प्रदेश के नलगोंडा जिले का रहने वाला था।

Friday, March 14, 2014

यूपी बोर्ड के क्वेश्चन पेपर लूटने के लिए आधा दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया।

थाना जानी क्षेत्र के अरनावाली गांव स्थित इंटर कॉलेज में बुधवार देर रात यूपी बोर्ड के क्वेश्चन पेपर लूटने के लिए आधा दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया। वहां मौजूद दो गार्ड को बदमाशों ने बंधक बनाकर उनकी जमकर पिटाई की। भागते हुए बदमाश गार्ड से उसकी बाइक और 12 सौ रुपये लूट कर ले गए। पुलिस अधिकारियों ने एग्जाम होने तक कॉलेज में पुलिस तैनात करने का आदेश दिया है। 
अरनावली गांव के मेरठ-बड़ौत मार्ग पर महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज है। कॉलेज में यूपी बोर्ड का सेंटर है। बुधवार रात वहां गार्ड मनोज निवासी गढ़ी दबथुआ और वीरेंद्र निवासी छज्जूपुर पहरे पर थे। बताया जाता है कि रात करीब 11 बजे हथियारों से लैस आधा दर्जन बदमाश कॉलेज की चारदीवारी लांघ कर अंदर घुस आए। गार्ड के अनुसार बदमाशों ने कॉलेज में आते ही बोर्ड के क्वेश्चन पेपर के बारे में उनसे जानकारी मांगी। साथ ही कहा कि वे प्रिंसिपल के कमरे की चाबी उन्हें दें। इस पर गार्ड ने उन्हें बताया कि क्वेश्चन पेपर के बारे में उन्हें पता नहीं है। न ही उनके पास ऑफिस की चाबी है। इस पर बदमाश भड़क गए। उन्होंने दोनों गार्डों को हाथ-पैर बांधकर बंधक बना लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी। इसी दौरान बदमाशों ने क्वेश्चन पेपर की तलाश में कमरे का ताला भी तोड़ना चाहा। जब बदमाश को सफलता नहीं मिली तो वे दोनों गार्ड से 12 सौ रुपये और उनकी बाइक लूटकर वहां से फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद दोनों गार्ड ने कॉलेज के मैनेजर संदीप कुमार को घटना की सूचना दी। मैनेजर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस का कहना है कि गार्ड की ओर से लूट की कोशिश के बारे में दिए गए बयान की सत्यता की जांच की जा रही है। वहीं, गुरुवार को आला अधिकारी स्कूल पहुंचे। उन्होंने बोर्ड परीक्षा के होने तक कॉलेज में पुलिस बल तैनात करने का आदेश दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। इस घटना के पीछे छात्रों का हाथ तो नहीं था, इसकी भी जांच की जा रही है। 

Wednesday, March 12, 2014

सह-सरकार्यवाह के सी कण्णन को 'महिला से संबंधों' को लेकर पद से हटाकर संगठन से वापस

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) ने सह-सरकार्यवाह के सी कण्णन को 'महिला से संबंधों' को लेकर पद से हटाकर संगठन से वापस लौटा दिया है। बेंगलुरु में पिछले सप्ताह हुई प्रतिनिधि सभा की बैठक में कण्णन को सभी दायित्वों से मुक्त करने की घोषणा की गई। संघ के पदानुक्रम में सह-सरकार्यवाह, सरसंघचालक और सरकार्यवाह के बाद तीसरे नंबर का पद होता है। कण्णन के अलावा सुरेश सोनी, दत्तात्रेय हसबोले और डॉ. कृष्ण गोपाल अभी सह-सरकार्यवाह की भूमिका निभा रहे हैं।
संघ में प्रचारक मोटे तौर पर अविवाहित होते हैं। निचले स्तर पर कुछ विवाहित लोग भी पूर्णकालिक की तरह काम करते हैं। यह पहला मामला है कि जब संगठन के इतने बड़े अधिकारी को किसी आरोप में पद से हटाकर वापस लौटाया गया है। 52 वर्षीय कण्णन साल 2012 में डॉ. कृष्ण गोपाल के साथ सहसरकार्यवाह बनाए गए थे। संघ के कई नेताओं के लगता था कि वह संगठन में शीर्ष तक पहुंच सकते थे। इस मामले में टिप्पणी के लिए वह उपलब्ध नहीं हो पाए।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए संघ के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा, 'कण्णन ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते घर वापस लौटने का फैसला किया है। वह अब पारिवारिक जीवन शुरू करेंगे और इस बारे में उन्होंने संगठन के नेतृ्त्व को कुछ महीने पहले ही सूचित कर दिया था।'

Monday, March 10, 2014

केजरीवाल ने अपनी रैली में 4 आरटीआई कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी

अरविंद केजरीवाल ने अपनी रैली में 4 आरटीआई कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दे दी, जबकि इनमें से 3 जीवित हैं। केजरीवाल ने शनिवार को अपने भाषण के दौरान समाज के हित के लिए शहीद होने वालों में अमित जेठवा, भानू देवानी, जयसुख भमभानिया और मनीषा गोस्वामी का नाम लिया। केजरीवाल ने कहा, 'सबसे पहले मैं उन लोगों को श्रद्धांजलि देना चाहता हूं जिन्होंने बीते 10 साल में गुजरात में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया।' उन्होंने इन सभी को श्रद्धांजलि दी। 
केजरीवाल ने जिन 4 लोगों के नाम लिए उनमें से सिर्फ जेठवा की मौत हो चुकी है। जेठवा की 20 जुलाई 2010 को गुजरात हाई कोर्ट के सामने कथित रूप से खनन माफियाओं द्वारा हत्या कर दी गई थी। लेकिन, अन्य 3जीवित हैं। पोरबंदर जिले के एक वकील देवानी (64) ने कहा, 'मुझ पर 3 वर्ष पहले हमला हुआ था लेकिन अब मेरा स्वास्थ्य अच्छा है...और भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी लडाई जारी है।'