Tuesday, May 28, 2013

तमिल फिल्मों की ऐक्ट्रेस लीना मारिया पॉल-गिरफ्तार



करीब 20 करोड़ रुपये की चीटिंग में वॉन्टेड तमिल फिल्मों की ऐक्ट्रेस लीना मारिया पॉल को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन उसका बॉयफ्रेंड और चीटिंग का मास्टरमाइंड बालाजी फरार हो गया।

लीना मारिया पॉल (25) ने हिन्दी और साउथ इंडियन फिल्मों में ऐक्टिंग की है। उसने मद्रास कैफे, थाउजैंड्स इन गोवा, कोबरा और रेड चिलीज आदि फिल्मों में रोल किए हैं। उसकी स्कूली पढ़ाई दुबई में हुई थी। उसका परिवार दुबई में रहता है। वह बीडीएस करने के बाद मॉडलिंग करने लगी थी। दो साल से वह ऐक्टिंग कर रही थी।

डीसीपी (साउथ) भोला शंकर जायसवाल के मुताबिक, चेन्नै पुलिस लीना और उसके बॉयफ्रेंड बालाजी शेखर रेड्डी की तलाश में दिल्ली आई हुई थी। उनकी मदद के लिए साउथ दिल्ली पुलिस की टीम बनाई गई। पुलिस को जानकारी मिली कि लीना और बालाजी वसंत कुंज के ऐंबियंस मॉल में आए हुए हैं। मॉल के बाहर पुलिस को लीना की सुरक्षा में छह बाउंसर खड़े मिले। लीना को महिला पुलिसकर्मियों ने पकड़ लिया। बाउंसरों ने इसका विरोध किया। पुलिसकर्मियों ने सभी बाउंसरों को भी दबोच लिया। उनकी तलाशी में लाइसेंसी पिस्तौलें बरामद हुईं।

Thursday, May 23, 2013

अब हम रीयल एस्टेट के बिजनस में हैं।


 आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर डी कंपनी का नाम लिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस पूरे रैकेट का रिमोट कंट्रोल दुबई से ऑपरेट करने वाली डी कंपनी के पास है। लेकिन, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गैंग ने स्पॉट फिक्सिंग से किसी भी तरह का कनेक्शन होने से इनकार किया है। दाऊद के दाहिने हाथ छोटा शकील ने मंगलवार को हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को फोन करके बताया कि मीडिया ने ही 'भाई' का नाम इस विवाद में घसीटा है। शकील ने कहा कि भाई को सट्टेबाजी से मिली हराम की कमाई की जरूरत नहीं है।

छोटा शकील ने माना कि पहले डी कंपनी सट्टेबाजी और हवाला कारोबार से भी जुड़ी हुई थी। उसके मुताबिक हैंसी क्रोन्ये वाली कंट्रोवर्सी के दौरान हम इस धंधे में थे, लेकिन अब भाई की फैमिली का कोई मेंबर और अनीस भी इसमें शामिल नहीं है। छोटा शकील ने कहा, 'शुरू में हमारा गैंग सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग में बेशक शामिल था, लेकिन अब हम इस धंधे को छोड़ चुके हैं। पहले भाई का भरोसेमंद शरद अन्ना (शेट्टी) इस काम को संभालता था। 2002 में अन्ना की मौत के बाद से हमने इस धंधे से किनारा कर लिया था। भाई ने भी हमें सट्टे से दूर रहने की कड़ी हिदायत दी है। अब हम रीयल एस्टेट के बिजनस में हैं। क्या आपने पिछले कुछ सालों में सुना कि हमने किसी को धमकी दी हो?'

छोटा शकील से जब सट्टेबाज सुनील दुबई से डी कंपनी के रिश्तों के बारे में पूछा गया तो जवाब मिला, 'हम उसकी तरह ही सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग करने वाले बहुत से लोगों को जानते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम इस धंधे से जुड़े हुए हैं। अब हम काफी आगे बढ़ चुके हैं और ये चीज़ें काफी पीछे छूट गई हैं। अब हम रीयल एस्टेट और दूसरे वाइट बिजनस में काफी अच्छा कर रहे हैं। भाई सट्टेबाजी से आने वाली ये हराम की कमाई नहीं चाहते।'

Thursday, April 18, 2013

जुलाई 2010 की अधिसूचना रद्द


 इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में छत्रपति शाहूजी महाराज नगर (अमेठी) नामक नया जिला बनाने संबंधी पूर्ववर्ती मायावती सरकार की जुलाई 2010 की अधिसूचना सोमवार को रद्द कर दी।

मुख्य न्यायाधीश शिवकीर्ति सिंह और न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार अरोरा की खंडपीठ ने इस मामले में लंबित याचिकाओं पर यह फैसला दिया। ये याचिकाएं बृजकिशोर वर्मा तथा अन्य ने दायर की थीं।

मायावती सरकार ने सुलतानपुर जिले की अमेठी, गौरीगंज और जगदीशपुर तीन तहसीलों और रायबरेली जिले की सलोन और तिलोई तहसीलों को काटकर छत्रपति शाहूजी महाराज नगर नामक नया जिला बनाने की अधिसूचना एक जुलाई 2010 को जारी की थी। इसके खिलाफ बृजकिशोर वर्मा तथा अन्य ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिकाएं दायर की थी।

Monday, April 15, 2013

दो दर्जन अधिकारियों के एक दल ने उनके घर पर आकर लाल बत्ती उतारी


 समाजवादी पार्टी की सांसद जया प्रदा ने आज कहा कि कुछ सरकारी अधिकारियों ने उनकी गाड़ी से जबर्दस्ती लाल बत्ती हटा दी। सांसद ने मामले को संसद में उठाने की चेतावनी दी। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों सहित करीब दो दर्जन अधिकारियों के एक दल ने उनके घर पर आकर लाल बत्ती उतारी।

अभिनेत्री से नेत्री बनीं जया प्रदा ने कहा, ''अधिकारियों को मेरे घर नहीं आना चाहिए था। उन्हें मेरी गाड़ी की जांच सड़क पर करनी चाहिए थी।'' उन्होंने कहा, ''मैं मामले को संसद में उठाऊंगी।'' इसी जिले में जया प्रदा के होटल कक्ष में तीन मार्च को पुलिस की छापेमारी के बाद यह कार्रवाई हुई है।

पुलिस ने कहा था कि छापेमारी इस संदेह पर की गई कि पूर्व अभिनेत्री मतदाताओं के बीच बांटने के लिए काफी मात्रा में धन लेकर आई हैं। जया प्रदा भले ही एसपी की सांसद हैं लेकिन वह अमर सिंह से जुड़ी हुई हैं जिन्हें पार्टी ने निष्कासित कर दिया था।

Thursday, April 4, 2013

समस्याएं जटिल हैं और इसके जवाब भी जटिल हैं


उद्योग संगठन सीआईआई के सालाना सम्मेलन में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भारतीय शासन व्यवस्था में भारी बदलाव की पैरवी की। उन्होंने कहा कि समस्याएं जटिल हैं और इसके जवाब भी जटिल हैं। कोई भी एक आदमी एक अरब लोगों की समस्याएं दूर नहीं कर सकता है, एक अरब लोगों को पावर दीजिए समस्याएं खुद-ब-खुद दूर हो जाएंगी। हालांक, ये बदलाव कैसे आएंगे, इसका कोई ठोस उपाय राहुल नहीं सुझा पाए।

अपने भाषण के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष ने परोक्ष रूप से बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए के शासनकाल में सबको साथ लेकर चलने की कोशिश हुई इसलिए प्रगति हुई। उन्होंने कहा कि अलगाव की राजनीति बंद होनी चाहिए।राहुल गांधी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री बनूंगा या नहीं, मैं शादी करूंगा या नहीं, ये सब अप्रासंगिक और गैरजरूरी सवाल हैं।

पहली बार कॉरपोरेट जगत से मुखातिब राहुल ने कहा कि 4000 हजार विधायक और 600-700 सांसद मिलकर देश को चला रहे हैं। इन करीब 5000 लोगों को 200-300 लोग चुनते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी राजनीतिक व्यवस्था सांसदों और विधायकों के लिए बनी है। हमें गांवों को साथ लेना होगा।

Monday, April 1, 2013

मुंबई की धारावी भारत की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी है और एक आकलन के मुताबिक यहां 65 करोड़ डॉलर का कारोबार होता है।

जनगणना आयोग की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में छह करोड़ 40 लाख लोग, यानी हर छह में एक भारतीय गंदी-संदी झोपड़पट्टियों में रहते हैं, जो इंसानों के रहने लायक नहीं हैं। इस तथ्य को लेकर कई तरफ से आहें-कराहें सुनाई पड़ रही हैं। लेकिन ज्यादातर गांवों में स्थितियां इससे भी बुरी हैं। जानवर पालकर मजे से रह लेने की खुशफहमी वाले लोगों की कल्पना में हरे-भरे गांव शहरी मलिन बस्तियों की तुलना में कहीं अच्छे हैं। लेकिन दसियों लाख लोगों का हर साल गांवों से भागकर इन्हीं गंदी बस्तियों में रहना यह बताता है कि लोग इन्हें आगे बढ़ने के रास्ते की तरह देखते हैं। झोपड़पट्टियां गंदी जरूर हैं लेकिन ये उद्यमशीलता का गढ़ भी हैं। भारत का निर्धन वर्ग इन्हें अवसर और आय की सीढ़ियों की तरह देखता है। इस जनगणना रिपोर्ट में ही यह बताया गया है कि झोपड़पट्टियों के 16.7 प्रतिशत घर असलियत में कारखाना, दुकान या दफ्तर हैं। ये बंद गली जैसी कोई चीज नहीं, चहल-पहल भरे वाणिज्यिक केंद्र हैं।

मुंबई की धारावी भारत की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी है और एक आकलन के मुताबिक यहां 65 करोड़ डॉलर का कारोबार होता है। न जाने कितने 'स्लमडॉग मिलियनेयर' यह अब तक तैयार कर चुकी है। ऐसी जगहें ईर्ष्या का विषय बननी चाहिए, दया का नहीं। चंद्रभान प्रसाद और मिलिंद कांबले जैसे दलित लेखकों ने इस बात को रेखांकित किया है कि शहर कैसे अवसर और गरिमा का केंद्र हैं। आंबेडकर ने क्रूरता और पूर्वाग्रह के अंधकूप के रूप में गांवों की भर्त्सना की है, जो बिल्कुल ठीक है। कई ग्रामीण इलाकों में ताकतवर जातियां आज भी सामंती शासकों जैसा बर्ताव करती हैं। कई गांवों में सामाजिक बाधाएं दलितों और शूद्रों के लिए सिर उठाकर चलना मुश्किल बना देती हैं। लेकिन एक बार शहर चले जाने के बाद वे जाति आधारित ऊंच-नीच और भूस्वामी पर निर्भरता के चंगुल से छूट जाते हैं। गांवों की तुलना में शहरों में उनकी आमदनी कहीं ज्यादा होती है, और यहां से जो पैसे कमाकर वे अपने घर भेजते हैं, उनके सहारे उनके संबंधी भी गांवों के सामंती माहौल से आजादी हासिल करते हैं।


Tuesday, March 26, 2013

होली की हार्दिक शुभकामनायें


होली की हार्दिक शुभकामनायें