उद्योग संगठन सीआईआई के
सालाना सम्मेलन में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भारतीय शासन व्यवस्था
में भारी बदलाव की पैरवी की। उन्होंने कहा कि समस्याएं जटिल हैं और इसके जवाब भी
जटिल हैं। कोई भी एक आदमी एक अरब लोगों की समस्याएं दूर नहीं कर सकता है, एक अरब लोगों को पावर दीजिए समस्याएं खुद-ब-खुद
दूर हो जाएंगी। हालांक, ये बदलाव कैसे आएंगे, इसका कोई ठोस उपाय राहुल नहीं सुझा पाए।
अपने भाषण के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष ने परोक्ष रूप से बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए के शासनकाल में सबको साथ लेकर चलने की कोशिश हुई इसलिए प्रगति हुई। उन्होंने कहा कि अलगाव की राजनीति बंद होनी चाहिए।राहुल गांधी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री बनूंगा या नहीं, मैं शादी करूंगा या नहीं, ये सब अप्रासंगिक और गैरजरूरी सवाल हैं।
पहली बार कॉरपोरेट जगत से मुखातिब राहुल ने कहा कि 4000 हजार विधायक और 600-700 सांसद मिलकर देश को चला रहे हैं। इन करीब 5000 लोगों को 200-300 लोग चुनते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी राजनीतिक व्यवस्था सांसदों और विधायकों के लिए बनी है। हमें गांवों को साथ लेना होगा।
अपने भाषण के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष ने परोक्ष रूप से बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए के शासनकाल में सबको साथ लेकर चलने की कोशिश हुई इसलिए प्रगति हुई। उन्होंने कहा कि अलगाव की राजनीति बंद होनी चाहिए।राहुल गांधी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री बनूंगा या नहीं, मैं शादी करूंगा या नहीं, ये सब अप्रासंगिक और गैरजरूरी सवाल हैं।
पहली बार कॉरपोरेट जगत से मुखातिब राहुल ने कहा कि 4000 हजार विधायक और 600-700 सांसद मिलकर देश को चला रहे हैं। इन करीब 5000 लोगों को 200-300 लोग चुनते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी राजनीतिक व्यवस्था सांसदों और विधायकों के लिए बनी है। हमें गांवों को साथ लेना होगा।
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