Wednesday, August 5, 2015

बहन का जीन्स-टी शर्ट पहनना- मौत

अपनी 17 साल की बहन का जीन्स-टी शर्ट पहनना और लड़कों से बात करना उसके 19 साल के भाई को इतना नागवार गुजरा कि उसने बहन की जमकर पिटाई कर दी। सोमवार रात को हुई इस घटना के बाद लड़की को गहरी चोटें आई। चोट के कारण ही उसकी मौत भी हो गई।
ओंकार सुनील लाड नाम के युवक को हालांकि गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस एक घटना से समाज में महिलाओं की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता का नाम ऐश्वर्या था। उसके भाई सुनील को शक था कि ऐश्वर्या का किसी लड़के के साथ कोई प्रेम संबंध है।
लक्ष्मीपुरी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर धन्याकुमार गोडसे ने बताया कि जब ऐश्वर्या ने सुनील के आरोपों से इनकार किया तो उसे गुस्सा आ गया और उसने पहले तो ऐश्वर्या को एक लकड़ी के डंडे से और फिर परदे के डंडे से मारा। ऐश्वर्या के सिर पर गहरी चोट आई और काफी खून निकलने के कारण वह बेहोश हो गई।
पुलिस ने बताया कि घटना के समय सुनील की मां गर पर ही मौजूद थीं। मां और बहन के होने का सुनील पर कोई असर नहीं पड़ता था। वह अपनी मनमर्जी करके ही मानता था। भाई-बहन के बीच की लड़ाई में जब मां ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन्हें भी हल्की चोटें आईं।

Friday, July 31, 2015

मोटापा

मोटापे की समस्या से निपटने के लिए अब तक कई तरह की दवाएं तैयार की जा चुकी हैं। लेकिन, अब एक ऐसी दवा आने वाली है, जो मोटापा बढ़ाने वाले तत्वों को आपके शरीर में ही नहीं घुसने देगी । दुनिया भर में महामारी जैसी समस्या बन चुका मोटापा इस दवा के प्रभाव से आपके शरीर से दूर ही रहेगा। शोधकर्ताओं के मुताबिक बीते कुठ सालों में मोटापे की समस्या ने बहुत तेजी से अपने पांव फैलाए हैं।
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने 'एमएसपी' नाम से एक ऐसी दवा तैयार करने का काम किया है, जो शरीर में फैट बढ़ाने वाले पार्टिकल्स से लड़ने का काम करेगी। कन्सास यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की ओर से तैयार यह दवा आंतों में मौजूद ऐसे पदार्थों से लड़ेगी, जो आसानी से हजम नहीं होते। इस दवा के असर से यह तत्व मल के साथ बाहर निकल जाएंगे।
मोटापे की समस्या से निजात पाने के लिए फिलहाल जो दवाएं बाजार में मौजूद हैं, उनको लेकर भी कई तरह की मुश्किलें हैं। कई बार यह मोटापा तो कम नहीं कर पातीं, बल्कि अन्य साइड इफेक्ट्स पैदा करती हैं। जिससे दिल की बीमारियां और अवसाद की समस्या भी बढ़ जाती है। इसके अलावा मोटापे की समस्या से निजात के लिए हालिया दौर में सर्जरी और व्यायाम जैसे तरीके प्रचलित हैं।

Tuesday, July 28, 2015

भावपूर्ण श्रद्धांजलि – शत शत नमन

पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने जिस वक्त आखिरी सांस ली थी, उस वक्त उनके करीबी सहयोगी सृजन पाल सिंह वहीं थे। उन्होंने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर डॉक्टर कलाम के आखिरी पलों का जिक्र किया है। हम सृजन पाल सिंह की फेसबुक पोस्ट से उन पलों की कहानी आपके सामने रख रहे हैं:
"
हम लेक्चर हॉल में गए। वह लेट नहीं होना चाहते थे। वह हमेशा कहते थे कि छात्रों से इंतजार नहीं करवाया जाना चाहिए। मैंने तुरंत उनका माइक सेट किया, लेक्चर के बारे में थोड़ा ब्रीफ किया और कंप्यूटर संभाल लिया। जैसे ही मैंने उनका माइक सेट किया, वह मुस्कुराए और बोले, 'Funny Guy! सब ठीक है न?'
जब कभी वह Funny guy कहते, इसके कई मतलब निकलते। इसका मतलब इस बात पर निर्भर करता कि उनकी टोन कैसी थी और आपने क्या अंदाजा लगाया। इसका मतलब यह हो सकता है कि तुमने बहुत बढ़िया काम किया और यह भी कि तुमने कुछ गड़बड़ कर दी है। पिछले 6 सालों में मुझे 'Funny guy' का मतलब समझ आना शुरू हो गया था। इस बार इसे समझने का आखिरी मौका था।
'Funny guy!
सब ठीक है?', उन्होंने कहा। मैंने मुस्कुराते हुए कहा, 'जी हां।' ये उनके कहे आखिरी शब्द थे। मैं उनके पीछे बैठा था। उनके दो मिनट के भाषण के बाद मैंने कुछ महसूस किया कि उन्होंने कुछ ज्यादा ही लंबा ठहराव ले लिया है। जैसे ही मैंने उनकी तरफ नजर उठाई, तभी वह गिर गए।
हमने उन्हें उठाया। डॉक्टर दौड़ता हुआ आया और हमने वह सब कुछ किया, जो कर सकते थे। मैं उनकी बिल्कुल थोड़ी सी खुली आंखों का वह मंजर नहीं भूल सकता। एक हाथ से मैंने उनका सिर पकड़ा था। उनका हाथ मेरी उंगली पर भिंचा हुआ था। उनके चेहरे पर स्थितरता थी और उनकी उन खामोश आंखों से मानो ज्ञान की आभा बिखर रही थी।
उन्होंने कुछ नहीं कहा। उनके चेहरे पर दर्द का भी नामो-निशान तक नहीं था। पांच मिनट के अंदर हम नजदीकी अस्पताल में थे। कुछ ही मिनटों में उन्होंने हमें बताया कि मिसाइल मैन ने उड़ान भर ली है, हमेशा के लिए। मैंने आखिरी बार उनके चरण स्पर्श किए। अलविदा बुजुर्ग दोस्त! महान परमार्शदाता! विचारों में दर्शन करूंगा और अगले जन्म में मुलाकात।"


हमारी ओर से उस महान हस्ती को भावपूर्ण श्रद्धांजलि – शत शत नमन 

Thursday, July 23, 2015

जरा इधर भी नजर कीजिए

एक लड़की ने चुपचाप एक स्कूल टीचर को पिछले हफ्ते चिट्ठी दी थी। यह कोई साधारण खत नहीं था। इस खत के जरिए लड़की ने छुट्टी नहीं मांगी थी। इस हताश लड़की ने परेशान होकर टीचर को खत लिख मदद मांगी थी। लड़की ने चिट्ठी में लिखा था कि पिता उसके साथ रेप करता है। उसकी मां चुपचाप देखती है लेकिन कुछ करती नहीं।
टीचर ने खत पाने के बाद वाशी में एक लोकल एनजीओ से संपर्क साधा। एनजीओ ने उस विकृत माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पिछले हफ्ते आठवीं क्लास में पढ़ने वाली 13 साल की इस स्टूडेंट ने अपने टीचर को खत लिखा तो डराने वाला वाकया सामने आया। उसने लिखा था, मेरा पिता मुझसे रेप करता है और मां चुप रहती है।'
लड़की के खत को पढ़ने के बाद बुरी तरह से टूट चुके टीचर इस मामले में एक भी शब्द कहने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं। उन्होंने चिट्ठी को पढ़कर तत्काल फेंक दिया। उन्हें डर था कि उसकी चिट्ठी कोई और पढ़ सकता है। टीचर ने लोकल एनजीओ से संपर्क साधा था। एनजीओ की मदद से ही एफआईआर दर्ज की गई थी। सोमवार की रात पिता और लड़की की मां दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
पुलिस ने कहा, '45 साल के लड़की का पिता फल बेचता है। पुलिस को दिए बयान में लड़की ने कहा है, 'मां के सामने मुझसे मेरा पिता रेप करता है। रेप के बाद मेरी मां मुझे खाने के लिए कुछ दवाई देती थी। जब मैं सात साल की थी तब से ही मेरा बाप मेरे साथ रेप कर रहा है।'  शिकायत के बावजूद मेरी मां ने मदद करने से इनकार कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह प्रेगनेंसी से बचने के लिए मां की तरफ से दी जाने वाली दवाई की जांच कर रही है। रेप पीड़िता की एक बड़ी बहन और एक बड़ा भाई है। इसके साथ ही पीड़िता के दो और छोटे भाई हैं। पीड़िता ने दावा किया है कि जब भाई-बहन घर पर नहीं होते थे तब पिता रेप करता था।  उसने पुलिस से कहा, 'जब मेरे भाई घर पर नहीं होते थे तब पिता रेप करता था। मेरे भाई का घर पर न होना पिता के लिए रेप करने का सुरक्षित मौका होता था। मेरी मां के सामने वह घर में रेप करता रहा लेकिन मां ने मेरी कभी मदद नहीं की।' लड़की ने पुलिस से कहा कि उसने अपनी 17 साल की बहन को भी इस वाकये के बारे में बताया था।
पुलिस ने बताया कि उसकी बड़ी बहन परिवार के साथ नहीं रहती थी। लड़की ने बताया कि उसकी बड़ी बहन पर भी पिता ने यौन हमले किए थे। लड़की ने यह भी बताया कि उसने इससे पहले रेप के बारे में अपने पड़ोसियों को बताया था लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। पड़ोसियों ने कहा था कि वह खुद ही पुलिस से संपर्क साधे।
वाशी पुलिस स्टेशन के एक पुलिस ऑफिसर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया, 'कुछ एनजीओ नवी मुंबई के स्कूलों में यौन उत्पीड़न पर काउंसलिंग क्लास शुरू की थी। इसी क्लास के दौरान लड़की ने महसूस किया कि उसे अपने पैरंट्स के खिलाफ बोलना चाहिए।'
पुलिस ने इस मामले में रेप पीड़िता की मां से पूछताछ की है। मां ने अपनी बेटी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। महिला ने दावा किया कि उसे 15 दिन पहले पता चला कि उसका पति बेटी के साथ रेप करता है। महिला ने कहा कि उसने जानने के बाद अपने पति को डांटा और बेटी से अलग रहने को कहा है। फिलहाल लड़की को एनजीओं के संरक्षण में रखा गया है।
लड़की के माता-पिता के खिलाफ इंडियन पिनल कोड के सेक्शन 376(रेप), सेक्शन 5 और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रोम सेक्शुअल ऑफेंस ऐक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इस मामले अभी केवल पिता को अरेस्ट किया गया है। लड़की के पिता को थाणे कोर्ट में मंगलवार को पेश किया गया था। फिलहाल उसे गुरुवार तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस शाहजी उमा ने इस वाकये की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पिता को अरेस्ट कर लिया गया है। शाह ने कहा कि इस वारदात में मां की भूमिका की जांच की जा रही है। पीड़िता ने दावा किया है कि उसकी मां के सामने रेप होता था और वह चुप रहती थी। पीड़ित लड़की ने मां पर रेप के बाद दवाई देने का भी आरोप लगाया है।

Wednesday, July 22, 2015

45 मिलियन लोगों को हुनरमंद बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

'विश्व युवा कौशल दिवस' के मौके पर महाराष्ट्र ने 2022 तक 45 मिलियन लोगों को हुनरमंद बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री द्वारा स्किल इंडिया के लॉन्च के मौके पर मुंबई में महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) ने भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।भारत में 15-29 साल की उम्र की 3.47 करोड़ की जनसंख्या में केवल 10 प्रतिशत ही हुनरमंद हैं। ऐसे में, बड़ी संख्या में लोगों को हुनरमंद बनाने की जरूरत है। इंडस्ट्री के बड़े नामों के साथ ही कौशल विकास का महकमा इस मौके पर मौजूद था। 
महाराष्ट्र राज्य स्किल डिवेलपमेंट सोसायटी के सीईओ विजय कुमार गौतम ने कहा कि हम आने वाले समय में लोगों को हुनरमंद बनाने के साथ इंडस्ट्री की डिमांड के क्रम में उन्हें नौकरी दिलाने की राह दिखाएंगे। यह बेरोजगार युवकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी सरल बनाएंगे, जिससे छोटे-छोटे गांवों से लोगों को जिले तक नहीं आना पड़ेगा। यदि हुनर को फिर से तराशने की जरूरत पड़ेगी तो हम वह भी करने के लिए तैयार हैं। 

Wednesday, July 8, 2015

सामने से रेल आ रही थी

ऑस्ट्रेलिया में 62 साल के एक भारतीय ने रेल के ट्रैक पर गिरी 18 महीने की पोती को बचाने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की। सामने से रेल आ रही थी, मगर बुजुर्ग ट्रैक से बच्ची को उठाकर प्लैटफॉर्म पर ले आए। यह मामला स्थानीय मीडिया में छाया हुआ है।
डेली टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना सिडनी के वेंटवर्थविल स्टेशन की है। रविवार को बच्ची का प्राम ढलान की वजह से अपने आप चलता हुआ सीधे पटरी पर जा गिरा। बच्ची के दादा ने ट्रैक पर कूदकर बच्ची को उठाया और उसे अपनी पत्नी और बहू के हवाले कर दिया। मगर उनके पास इतना टाइम नहीं था कि खुद ऊपर चढ़ सकें।
ट्रेन तेजी से उनकी तरफ आ रही थी और वक्त बहुत कम बचा था। ऐसे में बुजुर्ग ने दौड़ लगाई और आगे एक तरफ को कूद गए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बच्ची के दादा कुछ दिन पहले ही ऑस्ट्रेलिया आए थे और परिवार गुरुद्वारे जा रहा था।
इस स्टेशन के प्लैटफॉर्म में मौसम के हिसाब से ढलान दी गई है, ताकि बारिश का पानी सीधा पटरियों में चला जाए। बच्ची के अंकल ने बाद में रिपोर्टर्स को बताया, 'उन्होंने कमाल कर दिया और अपनी जिंदगी की एक पल के लिए भी फिक्र नहीं की। वह उसकी जान बचाने के लिए सीधे कूद गए।'
बच्ची और उसके दादा थोड़े से जख्मी हुए हैं, मगर उन्हें छुट्टी मिल गई है। सिडनी ट्रेन्स के डायरेक्टकर ऑफ ऑपरेशंस टोनी एड का कहना है कि इस तरह की घटना फिर कभी न हो, इसके लिए स्टेशन को अपग्रेड किया जाएगा।

Monday, July 6, 2015

सर्वोच्च राजस्व की प्राप्ति

वेस्टर्न रेलवे के मुंबई डिविजन द्वारा बिना टिकट यात्रा के विरुद्ध सघन अभियान से अप्रैल एवं मई, 2015 में अब तक के सर्वोच्च राजस्व की प्राप्ति की गई है। अप्रैल, 2015 में की गई नियमित जांच का यह परिणाम रहा कि बिना टिकट/अनियमित यात्रा सहित बिना बुक किए गए सामान के 1.3 लाख मामले पकड़े गए। इस माल से 5.68 करोड़ रुपये जुर्माने स्वरूप प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की इसी माह तुलना में 27.04 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार मई, 2015 में किए गए बिना टिकट/अनियमित यात्रा सहित बिना बुक किए गए सामान के 1.2 लाख मामले पकड़े गए, जिनसे 5.41 करोड़ रुपये जुर्माने के तौर पर मिले। अप्रैल तथा मई, 2015 के दौरान 6 फोर्ट्रेस जांच आयोजित की गईं, जिनसे बतौर जुर्माना 36.44 लाख रुपये प्राप्त हुए।