ऑस्ट्रेलिया में 62 साल के एक
भारतीय ने रेल के ट्रैक पर गिरी 18 महीने की
पोती को बचाने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की। सामने से रेल आ रही थी, मगर बुजुर्ग
ट्रैक से बच्ची को उठाकर प्लैटफॉर्म पर ले आए। यह मामला स्थानीय मीडिया में छाया
हुआ है।
डेली टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना सिडनी के वेंटवर्थविल स्टेशन की है। रविवार को बच्ची का प्राम ढलान की वजह से अपने आप चलता हुआ सीधे पटरी पर जा गिरा। बच्ची के दादा ने ट्रैक पर कूदकर बच्ची को उठाया और उसे अपनी पत्नी और बहू के हवाले कर दिया। मगर उनके पास इतना टाइम नहीं था कि खुद ऊपर चढ़ सकें।
ट्रेन तेजी से उनकी तरफ आ रही थी और वक्त बहुत कम बचा था। ऐसे में बुजुर्ग ने दौड़ लगाई और आगे एक तरफ को कूद गए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बच्ची के दादा कुछ दिन पहले ही ऑस्ट्रेलिया आए थे और परिवार गुरुद्वारे जा रहा था।
इस स्टेशन के प्लैटफॉर्म में मौसम के हिसाब से ढलान दी गई है, ताकि बारिश का पानी सीधा पटरियों में चला जाए। बच्ची के अंकल ने बाद में रिपोर्टर्स को बताया, 'उन्होंने कमाल कर दिया और अपनी जिंदगी की एक पल के लिए भी फिक्र नहीं की। वह उसकी जान बचाने के लिए सीधे कूद गए।'
बच्ची और उसके दादा थोड़े से जख्मी हुए हैं, मगर उन्हें छुट्टी मिल गई है। सिडनी ट्रेन्स के डायरेक्टकर ऑफ ऑपरेशंस टोनी एड का कहना है कि इस तरह की घटना फिर कभी न हो, इसके लिए स्टेशन को अपग्रेड किया जाएगा।
डेली टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना सिडनी के वेंटवर्थविल स्टेशन की है। रविवार को बच्ची का प्राम ढलान की वजह से अपने आप चलता हुआ सीधे पटरी पर जा गिरा। बच्ची के दादा ने ट्रैक पर कूदकर बच्ची को उठाया और उसे अपनी पत्नी और बहू के हवाले कर दिया। मगर उनके पास इतना टाइम नहीं था कि खुद ऊपर चढ़ सकें।
ट्रेन तेजी से उनकी तरफ आ रही थी और वक्त बहुत कम बचा था। ऐसे में बुजुर्ग ने दौड़ लगाई और आगे एक तरफ को कूद गए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बच्ची के दादा कुछ दिन पहले ही ऑस्ट्रेलिया आए थे और परिवार गुरुद्वारे जा रहा था।
इस स्टेशन के प्लैटफॉर्म में मौसम के हिसाब से ढलान दी गई है, ताकि बारिश का पानी सीधा पटरियों में चला जाए। बच्ची के अंकल ने बाद में रिपोर्टर्स को बताया, 'उन्होंने कमाल कर दिया और अपनी जिंदगी की एक पल के लिए भी फिक्र नहीं की। वह उसकी जान बचाने के लिए सीधे कूद गए।'
बच्ची और उसके दादा थोड़े से जख्मी हुए हैं, मगर उन्हें छुट्टी मिल गई है। सिडनी ट्रेन्स के डायरेक्टकर ऑफ ऑपरेशंस टोनी एड का कहना है कि इस तरह की घटना फिर कभी न हो, इसके लिए स्टेशन को अपग्रेड किया जाएगा।
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