Monday, November 18, 2013

विकास का एक पैमाना यह भी , कांग्रेस की रैली फेल

रविवार को साउथ दिल्ली में कांग्रेस की रैली में उस वक्त अजीब हालात पैदा हो गए जब लोग कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भाषण के बीच में ही वहां से उठकर जाने लगे। रैली खत्म होने से पहले ही लोगों को उठकर जाता देख राहुल के साथ मौजूद दिल्ली की सीएम शीला दीक्षित ने हालात को संभालने की कोशिश की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया, 'अभी मत जाइये, 10 मिनट राहुल गांधी को सुन कर जाइए।' लेकिन लोगों के ऊपर शीला की अपील का कोई असर नहीं पड़ा और उनके जाने का सिलसिला बना रहा।
राहुल गांधी की दिल्ली में दूसरी चुनावी रैली भी फीकी रही। दक्षिणपुरी की रैली में बमुश्किल मैदान में लगी कुर्सियां भर पाईं। इस रैली में राहुल ने अपना भाषण महज साढ़े छह मिनट में खत्म कर दिया। उनके भाषण में सिर्फ दिल्ली सरकार की उपलब्धियां गिनाने के अलावा कोई नई बात नजर नहीं आई। वह जब भाषण दे रहे थे, तभी लोगों ने उठकर जाना शुरू कर दिया। लोग जा ही नहीं रहे थे, बल्कि बीच में खड़े भी हो गए थे। शायद यह नजारा देखकर राहुल ने इतनी जल्दी अपनी बात खत्म कर दी।
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने हालांकि किसी भी आयोजक से अपना गुस्सा जाहिर नहीं किया, लेकिन उनके चेहरे से नाराजगी साफ दिखाई दे रही थी। इससे पहले मंगोलपुरी में हुई रैली में भीड़ काफी कम थी और काफी लोग पीछे से उठकर चल दिए थे।

Wednesday, November 13, 2013

नवी मुंबई - प्रस्तावित इंटरनैशनल एयरपोर्ट के निर्माण

नवी मुंबई के प्रस्तावित इंटरनैशनल एयरपोर्ट के निर्माण की राह में अब तक की सबसे बड़ी बाधा बने 'भू-अधिग्रहण विवाद' के हल हो जाने की खुशी में कई गांवों में दीवाली-सा जश्न है। इसका सबसे बड़ा कारण विदेशों में मिलने वाले आकर्षक पैकेज की तर्ज पर यहां के किसानों व भूमिहीनों को मिला देश का अब तक का सबसे बड़ा पैकेज है। सिडको को उम्मीद है कि अब 2017 तक किसी भी हाल में पहले चरण का निर्माण पूरा कर यहां से पहली उड़ान शुरू हो जाएगी।
नए इंटरनैशनल एयरपोर्ट से विस्थापित होने वाले ग्रामीणों के साथ मुआवजे, पुनर्वसन और अन्य लाभ की मांग को लेकर बीते 10 साल से सिर्फ बातें और बातें ही हो रही थी। एक वक्त ऐसा भी आया कि सभी को लगा कि 305 फीसदी तक महंगा हो चुका यह एयरपोर्ट सपना ही रह जाएगा और इसकी योजना कागजों पर ही सिमट जाएगी।
राज्य सरकार के इस अत्यंत महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट का 2002-03 में शुरुआती बजट करीब 4000 करोड़ रुपये का था। पर 10 सालों में यही बजट चार गुना बढ़कर अब 15000 से 16000 हजार करोड़ रुपये के करीब हो चुका है। अभी यह भी निश्चित नहीं है कि इतने बजट में ही सब काम हो जाएगा।
सितंबर में नीदरलैंड (डच) की 'नीदरलैंड्स एयरपोर्ट कंसल्टटेंट्स' कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक जोयेरी आलमैन ने महाराष्ट्र सरकार को यह सलाह दी थी कि महंगी जमीन के सौदे को देखते हुए जेएनपीटी (उरण) के पास के समुद्र में भराई कर 2500 हेक्टेयर जमीन का निर्माण कर नया इंटरनैशनल एयरपोर्ट बनाया जा सकता है।
परियोजनाग्रस्तों की अव्यवहारिक 35 फीसदी विकसित भूखंड समेत कई अन्य राहत की मांग से परेशान महाराष्ट्र सरकार ने इसे गंभीरता से लिया था। सूत्रों का कहना है कि इस समुद्री विकल्प के चलते ही परियोजनाग्रस्तों पर दबाव बढ़ा और अंततः राज्य सरकार से जो भी प्रस्ताव मिला, उसे मंजूर कर लिया। हालांकि जिस मुआवजे पर सहमति बनी है, वह पूरे देश में बेजोड़ और शानदार ही कही जाएगी।
नए हवाई अड्डे से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां एयरपोर्ट में लगने वाली कुल जमीन: 2268 हेक्टेयर सिडको के कब्जे वाली कुल जमीन: 1572 हेक्टेयर हस्तांतरण के इंतजार में बची सरकारी जमीन: 25 हेक्टेयर अभी तक संपादित जमीन: 1597 हेक्टेयर शेष बची असंपादित जमीन: 671 हेक्टेयर वैमानिक क्षेत्र की मुख्य जमीन: 1160हेक्टेयर वैमानिक क्षेत्र में आने वाले 10 गावों की असंपादित जमीन: 292 हेक्टेयर प्रॉजेक्ट का शुरुआती मूल बजट: करीब 4000 करोड़ रुपये प्रॉजेक्ट का वर्त्तमान संभावित बजट: 15000 से 16000 करोड़ या इससे अधिक विस्थापित होने वाले गांव: तारघर, कोंबडभुजे, उलवे, गणेशपुरी, वाघिवली वाडा, अप्पर ओवले,कोल्ही, कोपर, चिंचपाडा व वाघिवली 3500 विस्थापित परिवारों के लिए विकल्प: पनवेल के पास दापोली गांव में बनेगा पुष्पक नगर पुष्पक नगर की रचना: 106 हेक्टेयर के विस्तृत भूखंड पर इंटरनैशनल स्टैंडर्ड व सुविधाओं वाला नगर पुष्पक नगर में होंगी ये सुविधाएं: कंक्रीट सड़कें, अत्याधुनिक हॉस्पिटल्स, शैक्षणिक संकुल, तीन व पांच सितारा होटेल्स, वाणिज्यिक व व्यवसायिक संकुल पुष्पक नगर का बजट: 850 करोड़ रुपये एयरपोर्ट की संभावित यात्री उड़ान क्षमता: पूरी तरह से बन जाने के बाद 60 मिलियन (छह करोड़) हवाई यात्री प्रति वर्ष। 

Friday, November 8, 2013

ऐटमी क्षमता संपन्न बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफल परीक्षण

 भारत ने गुरुवार को ओडिशा तट पर स्थित टेस्ट सेंटर से अपनी स्वदेशी और ऐटमी क्षमता संपन्न बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफल परीक्षण किया। इस मिसाइल की मारक क्षमता 700 किलोमीटर है। 
सतह से सतह पर मार कर सकने वाली इस मिसाइल में ठोस ईंधन का इस्तेमाल किया गया है। मिसाइल का परीक्षण वीलर आइलैंड की इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज के लॉन्च पैड-4 से 9 बजकर 33 मिनट पर किया गया।
 
आईटीआर के डायरेक्टर एम. वी. के. वी. प्रसाद ने कहा, ''बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण पूरी तरह सफल रहा।'' उन्होंने कहा, ''अग्नि-1 मिसाइल को स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड (एसएफसी) द्वारा लॉन्च किया गया।''
 

उन्होंने यह भी कहा कि डीआरडीओ द्वारा विकसित मध्यम-दूरी की इस बैलिस्टिक मिसाइल को सैन्य बलों द्वारा नियमित प्रशिक्षण के भाग के रूप में लॉन्च किया गया। उन्होंने कहा कि अग्नि-1 मिसाइल में एक विशेष नेविगेशन सिस्टम लगा है जो यह सुनिश्चित करता है कि यह अपने लक्ष्य पर पूरी स्पष्टता के साथ पहुंचे।

Monday, November 4, 2013

मंगल ग्रह को करीब

 चंद्रयान के बाद अब मंगलयान की बारी है। मंगल ग्रह को करीब से जानने की यह कोशिश अगर कामयाब होती है तो भारत अंतरिक्ष के मामले में एक बड़ी ताकत बनकर उभरेगा। जाहिर है,
अभी तक अमेरिका, रूस और यूरोप के कुछ देश (संयुक्त रूप से) ही मंगल की कक्षा में अपने यान भेज पाए हैं। चीन और जापान इस कोशिश में अब तक कामयाब नहीं हो सके हैं। रूस भी अपनी कई असफल कोशिशों के बाद इस मिशन में सफल हो पाया है। अब तक मंगल को जानने के लिए शुरू किए गए दो तिहाई अभियान नाकाम साबित हुए हैं। भारत इस अभियान को अपने दम पर अंजाम तक पहुंचाने की ख्वाहिश रखता है और पूरी दुनिया की नजरें इस पर लगी हुई हैं।
मंगलयान को पिछले महीने 19 अक्टूबर को छोडे़ जाने की योजना थी, लेकिन दक्षिण प्रशांत महासागर क्षेत्र में मौसम खराब होने के कारण यह काम टाल दिया गया। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) ने अब आज यानी 5 नवंबर को इसे दिन में 2 बजकर 38 मिनट पर छोड़ने का फैसला किया है। इस अभियान को मार्स ऑर्बिटर मिशन नाम दिया गया है। भारत के इस मिशन के लिए सरकार ने इसरो को 3 अगस्त 2012 को मंजूरी दी थी। वैसे, इसके लिए 2011-12 के बजट में ही फंड का प्रावधान कर दिया गया था। भारत की जनता के साथ ही देश के स्पेस साइंटिस्ट्स इस अभियान को लेकर खासे उत्साहित हैं।

Sunday, November 3, 2013

शुभकामनायें

दीप पर्व की शुभकामनायें 

Monday, October 28, 2013

मोटापा तेजी से फैल रहा है

भारत में मोटापा तेजी से फैल रहा है। शहरी इलाकों में तो यह बीमारी बेकाबू हो गई है। ऐसे में अगर अब भी जागरूक नहीं हुए तो स्थिति काफी भयावह हो सकती है। कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल में आयोजित गोष्ठी में बैरियाट्रिक सर्जन डॉ. सुशील फोतेदार ने बताया कि भारत में मोटापा से पीडि़त मरीजों की संख्या तीन करोड़ से ज्यादा हो चुकी है और इनमें ज्यादातर शहरी इलाकों में रहने वाले ही हैं। मोटापा से शरीर में न सिर्फ कई तरह की गड़बडि़यां होती हैं, बल्कि शरीर में कई बीमारियां भी पैदा हो जाती हैं। मोटापे से पीडि़त मरीज को हार्ट अटैक, डायबिटीज, हारपरटेंशन और कई प्रकार के कैंसर की बीमारी भी हो जाती है। मोटापा का सबसे बड़ा कारण शारीरिक श्रम की कमी और व्यायाम न करना है। आनुवांशिक कारणोंे और खानपान की खराब आदत से भी मोटापा हो जाता है। 

Tuesday, October 8, 2013

फांसी नहीं- उम्रकैद

 तंदूर कांड के दोषी सुशील शर्मा को फांसी नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस कांग्रेस नेता की सजा मंगलवार को उम्रकैद में बदल दी। गौरतलब है कि इस मामले में निचली अदालत ने आरोपी सुशील शर्मा को फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद सुशील शर्मा ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने फांसी की सजा कन्फर्म की थी जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में आया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।

गौरतलब है कि 2 जुलाई, 1995 को दिल्ली के मंदिर मार्ग इलाके में रहने वाली नैना साहनी को सुशील शर्मा ने गोली मारी थी और बाद में लाश को उसे टुकड़े टुकड़े कर तंदूर में जला दिया था। पुलिस ने उसके अधजले शव बरामद किए थे। इस मामले में सुशील शर्मा को आरोपी बनाया गया और बाद में उसे फांसी की सजा सुनाई गई।