तंदूर कांड के दोषी सुशील शर्मा को फांसी नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस कांग्रेस नेता की सजा मंगलवार को उम्रकैद में बदल दी। गौरतलब
है कि इस मामले में निचली अदालत ने आरोपी सुशील शर्मा को फांसी की सजा सुनाई थी।
इसके बाद सुशील शर्मा ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने फांसी की सजा
कन्फर्म की थी जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में आया था। सुप्रीम कोर्ट ने
पिछले महीने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।
गौरतलब है कि 2 जुलाई, 1995 को दिल्ली के मंदिर मार्ग इलाके में रहने वाली नैना साहनी को सुशील शर्मा ने गोली मारी थी और बाद में लाश को उसे टुकड़े टुकड़े कर तंदूर में जला दिया था। पुलिस ने उसके अधजले शव बरामद किए थे। इस मामले में सुशील शर्मा को आरोपी बनाया गया और बाद में उसे फांसी की सजा सुनाई गई।
गौरतलब है कि 2 जुलाई, 1995 को दिल्ली के मंदिर मार्ग इलाके में रहने वाली नैना साहनी को सुशील शर्मा ने गोली मारी थी और बाद में लाश को उसे टुकड़े टुकड़े कर तंदूर में जला दिया था। पुलिस ने उसके अधजले शव बरामद किए थे। इस मामले में सुशील शर्मा को आरोपी बनाया गया और बाद में उसे फांसी की सजा सुनाई गई।
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