तबाही का रास्ता है। दोनों ही खयाल गलत हैं। निवेश जुआ नहीं है, उसे एक साइंस की तरह अपनाना चाहिए। सबसे अच्छे निवेशक भी मानते हैं कि अगर उन्हें एवरेज 20 फीसदी सालाना रिटर्न मिल जाए तो वे खुद को धन्य समझेंगे। गो सिस्टमैटिक बाजार की उठापटक ने बता दिया है कि एक ही झोंक में सब कुछ दांव पर लगा देना कितना खतरनाक होता है। सिस्टमैटिक तरीके से यानी धीरे-धीरे किस्तों में अपना पोर्टफोलियो तैयार कीजिए। याद रहे कोई भी बाजार के टॉप और बॉटम की भविष्यवाणी नहीं कर सकता। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमंट इस रिस्क को कम करता है। जल्दी शुरुआत करें निवेश की शुरुआत जिंदगी में जितने जल्द होगी, उतना बेहतर रहेगा। कम उम्र में जोखिम लिए जा सकते हैं। स्टॉक इन्वेस्टमेंट के लिए यह सही समय होता है। शुरू में बचाई गई छोटी रकम भी वक्त के साथ बड़ा खजाना बन जाती है। पहले यकीन करें अगर आपको भारत और दुनिया के बेहतर भविष्य पर यकीन है, तो निवेश कीजिए। उन कंपनियों को चुनिए जो उस भविष्य में साझीदार होंगी। एक अच्छा इन्वेस्टर होने के लिए आशावाद जरूरी है। उम्मीद ही तो है, जो हमें बचाए रखती है। यह आपका ही पैसा है निवेश का मतलब पैसा लगाकर सो जाना नहीं है। याद रखिए यह आपका ही पैसा है, इसलिए जागरूक बनिए। देश और दुनिया के हालात को समझने की कोशिश कीजिए, कंपनियों की किस्मत पढ़ना जानिए और सबसे बड़ी बात, हर सलाह के पीछे भागने की बजाए उतनी ही कंपनियों में पैसा लगाइए जिन्हें आप नियमित तौर पर ट्रैक कर सकें। सेफ्टी सबसे जरूरी अमीर बनने का ख्वाब देखने में कोई बुराई नहीं, लेकिन इससे जरूरी है अपनी पूंजी को डूबने से बचाए रखना। उन कंपनियों का साथ दीजिए जो टिकाऊ और भरोसेमंद हैं। आप देखेंगे कि लंबी रेस में मजबूत इंजन जीतता है, सेक्सी लुक नहीं।
Saturday, October 17, 2009
महालक्ष्मी का स्वागत करें
तबाही का रास्ता है। दोनों ही खयाल गलत हैं। निवेश जुआ नहीं है, उसे एक साइंस की तरह अपनाना चाहिए। सबसे अच्छे निवेशक भी मानते हैं कि अगर उन्हें एवरेज 20 फीसदी सालाना रिटर्न मिल जाए तो वे खुद को धन्य समझेंगे। गो सिस्टमैटिक बाजार की उठापटक ने बता दिया है कि एक ही झोंक में सब कुछ दांव पर लगा देना कितना खतरनाक होता है। सिस्टमैटिक तरीके से यानी धीरे-धीरे किस्तों में अपना पोर्टफोलियो तैयार कीजिए। याद रहे कोई भी बाजार के टॉप और बॉटम की भविष्यवाणी नहीं कर सकता। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमंट इस रिस्क को कम करता है। जल्दी शुरुआत करें निवेश की शुरुआत जिंदगी में जितने जल्द होगी, उतना बेहतर रहेगा। कम उम्र में जोखिम लिए जा सकते हैं। स्टॉक इन्वेस्टमेंट के लिए यह सही समय होता है। शुरू में बचाई गई छोटी रकम भी वक्त के साथ बड़ा खजाना बन जाती है। पहले यकीन करें अगर आपको भारत और दुनिया के बेहतर भविष्य पर यकीन है, तो निवेश कीजिए। उन कंपनियों को चुनिए जो उस भविष्य में साझीदार होंगी। एक अच्छा इन्वेस्टर होने के लिए आशावाद जरूरी है। उम्मीद ही तो है, जो हमें बचाए रखती है। यह आपका ही पैसा है निवेश का मतलब पैसा लगाकर सो जाना नहीं है। याद रखिए यह आपका ही पैसा है, इसलिए जागरूक बनिए। देश और दुनिया के हालात को समझने की कोशिश कीजिए, कंपनियों की किस्मत पढ़ना जानिए और सबसे बड़ी बात, हर सलाह के पीछे भागने की बजाए उतनी ही कंपनियों में पैसा लगाइए जिन्हें आप नियमित तौर पर ट्रैक कर सकें। सेफ्टी सबसे जरूरी अमीर बनने का ख्वाब देखने में कोई बुराई नहीं, लेकिन इससे जरूरी है अपनी पूंजी को डूबने से बचाए रखना। उन कंपनियों का साथ दीजिए जो टिकाऊ और भरोसेमंद हैं। आप देखेंगे कि लंबी रेस में मजबूत इंजन जीतता है, सेक्सी लुक नहीं।
Sunday, October 4, 2009
काम करेंगे
काम करेंगें, काम करेंगें,
जग में हम कुछ नाम करेंगें.
काम करेंगें, काम करेंगें,
कभी नहीं आराम करेंगें,
रुकने वाला पानी सडता,
रुकने वाला चक्का सडता,
रुकने वाली घडी न चलती,
रुकने वाली कलम न लिखती,
रुकने वाली फौजें हारी,
राह रुकी तो मन्जिल भारी,
हम रुकने की रीत न सीखें,
हम झुकने का गीत न सीखें,
काम करेंगें, काम करेंगें,
जग में हम कुछ नाम करेंगे,
काम करेंगें, काम करेंगें,
रोशन एमआरवीसी का नाम करेंगे.
कांतीलाल शिवराम कसबले
कार्यलय सहायक
Tuesday, September 22, 2009
एमआरवीसी का नाम बढे उससे अधिक काम बढे
देश के कोने कोने में रेल हमारी जाती है
हिंदी भाषा ही जिसको सारे मार्ग दिखाती है ।
यात्री अपने प्रांत के एक दूजे से मिल जाते हैं
यात्रा के दौरान वे सब हिंदी के गुन गाते है ।
मद्रासी हो गुजराती हो यात्री चाहे हो सिंधी
मेल मिलाप की बात चले जब, सबकी भाषा हो हिंदी ।
रेल मिलाती है शहरों को गांवों से देहातो से
तुम भी अपने दिल मिलाओं हिंदी छलके बातों से ।
एक ही भाषा है जो सारे भाषाओं की रानी है
हिंदी में ही काम चले जब सामने हिंदुस्तानी है ।
विकास पथ के पथ पर चलके रेल विकास करना है
तकनीकों का स्वागत करके तकलीफों का नीकास करना है ।
एमआरवीसी का नाम बढे उससे अधिक काम बढे
यात्री जिससे हो संतुष्ट ऐसे प्रयास करना है ।
कलीमुल्ला अ. अजी़म
एमआरवीसी
Saturday, July 4, 2009
मुंबई में विकास जारी रहेगा, बजट में जो प्रावधान है अपेक्षाकृत कम लेकिन समुचित
Tuesday, June 30, 2009
MRVC की आवाज
मुंबई यात्री सेवा में,
किए असंभव काज ।
ये MRVC की आवाज .....
था हुआ गठन निन्यानवे में,
है प्रदेश की साझेदारी ।
था लक्ष्य रेल-विकास का,
लाना था परिवर्तन भारी ।।
भीड़भाड़ हो कम ट्रेनों में,
मिले सभी को लाभ ।।
ये MRVC की आवाज ....
मुंबई रेल – प्रणाली विकसित,
मध्य और पश्चिम रेलों पर ।
तिरसठ लाख यात्री प्रतिदिन,
सेवाएं हर एक मिनट पर ।।
अतुलनीय ये दुनियाँ में,
पहने है रेलों का ताज ।।
ये MRVC की आवाज ......
उत्तम नियमित सेवाओं से,
अब प्रतिदिन बढती माँगे ।
नई लाइनें, नये टर्मिनल,
नई दिशाओं की हैं माँगे ।।
हों रेल तंत्र की क्षमता में,
शीघ्र विकास के काज ।।
ये MRVC की आवाज .....
प्रतिकूल विषम स्थितियों में,
यह थी कठिन परीक्षा ।
बाधाएं हर एक कदम पर,
साथ जटिल थी वित्त व्यवस्था ।।
विश्व बैंक से निधि आयोजन,
किया कठिन ये काज ।।
ये MRVC की आवाज ......
संचालन प्रबंध व्यवस्था का,
कंप्यूटरीकृत प्रयोगों से ।
योजनाओं का कार्यान्वयन,
नूतन वैज्ञानिक विधियों से ।।
परिणाम लाये हैं `सहगलजी`
आज हमें है उनपर नाज़ ।।
ये MRVC की आवाज .......
थी अपेक्षा कई वर्षों से,
अब स्वप्न हुए साकार ।
नई डिजाइन के डिब्बों में ,
है सुविधायं कई प्रकार ।।
मुंबई जनता करे प्रशंसा,
MRVC का सौभाग्य ।।
ये MRVC की आवाज .......
नये मार्गों के खुलने से,
बृद्धि हो रही क्षमता में ।
बढती हुई सेवाओं से,
संतुष्टि बढ रही जनता में ।।
लगन और मेहनत का फल,
और नहीं कोई ये राज ।।
ये MRVC की आवाज .....
MRVC के माध्यम से,
मुंबई में हो रहा विकास ।
द्वितीय चरण की स्वीकृति से ,
हों नई दिशा में नये प्रयास ।।
कार्य सभी हों जल्दी पूरें,
आओं हाथ बढायें आज़ ।।
ये MRVC की आवाज .....
`विकास-पथ` पर सदा अग्रसर,
MRVC की सेवाएं ।
करती रहें सदा ये पूरी,
मुंबई जनता की आशाएं ।।
लक्ष्य सदा जनता की सेवा,
हो उन्नत मुबई समाज़ ।
ये MRVC की आवाज ....
द्वारा श्री रमेश भावे,
सचिव/ प्रबंध-निदेशक