Wednesday, June 3, 2009

मुंबई रेलवे विकास निगम की नई योजनाओं का खुलासा किया गया

हार्बर लाइन पर बढ़ते यात्रियों के बोझ और नवी मुम्बई में लोकल ट्रेनों के ऑपरेशन की संभावनाओं के मद्देनजर राज्य सरकार ने इस रूट पर 12 डिब्बों की लोकल चलाने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है और इसकी संभाव्यता रिपोर्ट (फिजीबिलिटी रिपोर्ट)का आकलन करने के लिए फौरन 1 करोड़ रुपए भी सैंक्शन कर दिया है। फिलहाल इसका पता लगाने के लिए मुम्बई रेल विकास कारपोरेशन (एमआरवीसी) ने इसका अध्ययन कर रही है और जैसे ही यह पूरा हो जाता है, रेलवे बोर्ड के पास इसे अप्रूवल के लिए भेज दिया जाएगा। यही नहीं, सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे के स्टेशनों पर 100-100 एटीवीएम लगाने के खर्च को वहन करने की मां.ग को भी राज्य सरकार ने मंजूर कर लिया है। राज्य सरकार के फैसले पर खुशी का इजहार करते हुए एमआरवीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. पी. सी. सहगल ने बताया कि अब जबकि राज्य सरकार ने इस बहुप्रतीक्षित प्रॉजेक्ट को हरी झंडी दिखाते हुए काम आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है, तो हमें पूरी उम्मीद है कि साल 2013 के अंत तक हम हार्बर लाइन पर 12 डिब्बों की लोकल चलाने की पोजीशन में होंगे। हालांकि उनका कहना था कि इस पर पूरी तरह से काम अगले साल ही शुरू हो पाएगा, जब रेल बजट में इसका प्रावधान कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि हार्बर लाइन पर 9 डिब्बों की लोकल को 12 डिब्बों में बदलने का प्रस्ताव एमयूटीपी के फेज-1 और फेज-2 में किया गया था। जहां तक फेज-3 का सवाल है तो इसे साल 2013 तक शुरू कर देने की उम्मीद है, जिस पर अगले 20 सालों में 30,000 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान लगाया गया है। जहां तक 9 डिब्बों की लोकल को 12 डिब्बों की लोकलों में कन्वर्ट करने का सवाल है, तो इसमें प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाना, स्टेबलिंग साइडिंग का एक्सटेंशन, पुलों के स्ट्रक्चर में सुधार, बिजली सप्लाई का प्रावधान, ओवरहेड औजारों की समुचित देखरेख, सिग्नलों को फिर से फिट करना, प्लेटफॉर्म से उनकी शिफ्टिंग और ट्रैकों के सर्किट का मॉडिफिकेशन करना महत्वपूर्ण काम माना जाता है। इसके अलावा 12 डिब्बों के कोचों की उपलब्धता भी एक प्रमुख समस्या मध्य रेल के पास होगी।

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