Friday, August 30, 2013

गायब ऑस्ट्रेलियन युगल की तलाश

ऑस्ट्रेलिया से आगरा आकर होटल में ठहरे एक जोड़े का होटल से घूमने निकलने के बाद से अब तक कुछ पता नहीं है। जोड़ा ताजमहल का दीदार करने यहां आया था। इस कपल के वापस नहीं लौटने पर होटल संचालक ने पर्यटन थाना पुलिस को पर्यटकों के गायब होने की लिखित सूचना दी है।
इस मामले में पुलिस ने ऑस्ट्रेलियन दूतावास को सूचित करने के साथ ही गायब ऑस्ट्रेलियन युगल की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया निवासी 26 वर्षीय पीकॉक रावर्ट स्टीफन अपनी महिला मित्र उरेलसे जेड के साथ ताजनगरी आगरा घूमने के लिए 26 अगस्त को आए थे। ये लोग ताजमहल के पूर्वी गेट पर स्थित होटल शीला के कमरा नंबर 102 में ठहरे थे।
होटल कर्मचारियों के अनुसार ये दोनों मंगलवार शाम करीब 4 बजे होटल से घूमने के लिए निकले लेकिन रात तक वापस नहीं लौटे। बुधवार शाम तक दोनों पर्यटकों के वापस नहीं लौटने पर होटल संचालक नीरज अग्रवाल ने पर्यटन थाना पुलिस को लिखित सूचना देकर पर्यटकों के गायब होने के बारे में बताया। पर्यटकों के गायब होने की जानकारी होते ही पुलिस की हवाईयां उड़ गई।

होटल संचालक ने पुलिस को बताया कि पर्यटकों का सामान भी होटल के कमरे में ही रखा हुआ है। मामला विदेशी पर्यटकों का होने के कारण पुलिस ने आनन-फानन में ऑस्ट्रेलियाई दूतावास को सूचित करने के साथ ही गायब दोनों पर्यटकों की ई-मेल आईडी पर मेल कर तुरन्त पुलिस से संपर्क करने को कहा। इस सम्बन्ध में पर्यटन थाना प्रभारी भानुप्रताप सिंह ने बताया कि पर्यटक वापस होटल में नहीं लौटे हैं पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई दूतावास को भी सूचित कर दिया गया है।

Thursday, August 29, 2013

विकास का नतीजा

समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बेलगाम होकर दिन पर दिन कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोवा में कॉलगर्ल के साथ एसपी विधायक की गिरफ्तारी काफी शर्मनाक है। 
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि एसपी नेता और विधायक अपनी हरकतों से दूसरे राज्य में जाकर यूपी को शर्मसार कर रहे हैं, कहीं वह बेलगाम होकर कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे है। सरकारी तंत्र उनके संरक्षण में खड़ा दिखता है। पाठक ने कहा कि गोवा में एसपी विधायक पर जो आरोप लगाए गए, वह शर्मनाक हैं। यूपी में पहले भी एक कैबिनेट मंत्री महिला अधिकारियों की सुंदरता के कसीदे पढ़ते नजर आ चुके हैं। मंत्री का दर्जा प्राप्त एक नेता तो अपनी ही पार्टी की महिला नेता से 18 से 19 साल तक की लड़कियों की मांग के लिए चर्चा मंे रह चुके हैं। एसपी ने उस समय तो मीडिया और विपक्ष की साजिश बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। अब गोवा में जो घटना घटी, उस पर अखिलेश यादव क्या कहेंगे? उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार को कानून और व्यवस्था के मोर्चे पर उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ताओं से चुनौती मिल रही है। पाठक ने कहा कि जनता ने बड़े भरोसे से एसपी को बहुमत दिया था, पर उसके कार्यकर्ता यूपी के अमन चैन के लिए खतरा बन गये हैं। 


Wednesday, August 14, 2013

शुभकामनायें

आप सभी को एवं आपके परिवार को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें । 

Thursday, August 8, 2013

जवान होते ही शहीद होने के लिए हैं- विकास की पराकाष्ठा

बिहार सरकार के किसी भी मंत्री के पटना एयरपोर्ट पर शहीदों के शवों को सम्मान न आने को लेकर पूछे गए सवाल पर ग्रामीण विकास मंत्री भीम सिंह भड़क गए। उन्होंने सैनिकों के बारे में विवादास्पद बयान देए हुए कह दिया कि कि जवान होते ही शहीद होने के लिए हैं। हालांकि, कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फटकार लगने के बाद भीम सिंह के तेवर ठंडे पड़ गए और उन्होंने अपने इस बयान के लिए माफी मांग ली।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तानी सेना के हमले में बिहार के चार सैनिक शहीद हुए हैं। बुधवार रात को उनके शवों को विशेष विमान से जब पटना लाया गया, तो नीतीश सरकार का कोई भी मंत्री एयरपोर्ट नहीं पहुंचा। एक टीवी चैनल के पत्रकार ने राज्य सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री से जब इस बाबत जानना चाहा, तो वह बुरी तरह भड़क गए।
भीम सिंह कहना था, 'जवान तो शहीद होने के लिए ही होते हैं न... सेना और पुलिस में नौकरी क्यों होती है?.. आप थोड़े न शहीद होइएगा। शहादत के लिए ही वे जाते हैं। भावना के साथ कोई सेना और पुलिस में जाता है।'
पत्रकार ने जब पूछा कि इस भावना को इज्जत भी तो मिलनी चाहिए थी तो मंत्री का जवाब था, 'बिल्कुल मिल रही है। पूरा देश एक साथ है। पूरी संसद एक साथ है। राज्य सरकार साथ है।'
पत्रकार ने फिर सवाल दागा कि फिर भी कोई एयरपोर्ट नहीं पहुंचा, तो भीम सिंह का पारा चढ़ गया और वह पत्रकार पर भड़क गए। उन्होंने उल्टे पत्रकार से ही सवाल जवाब शुरू कर दिया। उन्होंने कहा 'आप भी तो बस ड्यूटी कर रहे थे। आपके बाबू जी गए थे वहां? आपके बाबूजी गए थे वहां? आपके पिता नागरिक हैं ना? क्या आपके पिता गए? आपकी माता गई? आपकी माता गई थी की नहीं ?' इसके बाद भीम सिंह वहां से चले गए।

Monday, July 22, 2013

रूट चेंज किए जाने पर विचार

दिल्ली से मेरठ के बीच हाई स्पीड ट्रेन चलाए जाने के मामले में एनएचएआई की आपत्ति को देखते हुए टे्रन का रूट चेंज किए जाने पर विचार किया जा रहा है। नए रूट के रूप में दिल्ली से मेरठ के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के डिवाइडर पर पिलर बनाने की योजना पर परामर्शी कंपनी ने विचार करना शुरू कर दिया है। अब तक एनएच- 58 के डिवाइडर पर पिलर बनाने का प्रस्ताव था। अगर रूट में चेंज आया तो इससे रूट की लंबाई और प्रोजेक्ट खर्चा दोनों बढ़ जाएंगे। 
हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दिल्ली के निजामुद्दीन से मेरठ के पल्लवपुरम के बीच हाई स्पीड ट्रेन चलाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद उम्मीद बंधी थी कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। एनएचएआई की आपत्ति ने इस उम्मीद को धंुधला कर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार इस ट्रेन को दिल्ली और मेरठ के बीच एनएच-58 के ऊपर से होकर गुजरना था। इसके लिए एनएच-58 के डिवाइडर पर पिलर खड़े किए जाने थे, जिस पर एनएचएआई सहमत नहीं है। उसकी आपत्ति यह है कि प्रोजेक्ट डिजाइन के अनुसार करीब 8 से 10 फुट चौड़ाई के पिलर खड़े किए जाने हैं। चार लेन के एनएच- 58 की चौड़ाई इस समय कुल 15.7 मीटर है, जिसमें से इसके बीच 2.5 मीटर का डिवाइडर बना हुआ है। इस डिवाइडर पर 10 फुट का पिलर खड़े किए जाने के लिए सड़क पर 7.5 मीटर अतिरिक्त जगह की जरूरत पड़ेगी। साथ ही पिलर निर्माण के दौरान कुछ और अतिरिक्त जगह की आवश्यकता होगी। 
वर्तमान समय में यह हाइवे ट्रैफिक जाम की समसया से जूझ रहा है। ऐसे में यदि इस रूट पर पिलर बनाए गए तो स्थिति भयावह हो जाएगी। इस समस्या से निबटने के लिए एनएचएआई ने ट्रेन का रूट बदलने की सलाह दी है। उसने अपने सुझाव में एनएच- 58 के स्थान पर दिल्ली के निजामुद्दीन से शुरू होने वाली इस ट्रेन को एनएच-24 से होकर डासना तक लाने और उसके बाद इसे दिल्ली मेरठ के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के डिवाइडर के ऊपर से गुजारने को कहा है। 
सूत्रों का कहना है कि एनएचएआई ने अपना यह सुझाव एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड को दे दिया है। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट की परामर्शी कंपनी ने रूट के संशोधन प्लान पर विचार शुरू कर दिया है। अगर रूट का नया संशोधित प्लान मान लिया गया तो हाई स्पीड टे्रन के रूट की लंबाई 97 किमी से बढ़कर 104 किमी हो जाएगी और इस प्रोजेक्ट की लागत 15 हजार करोड़ से बढ़कर 15800 करोड़ हो जाएगी। 

Wednesday, July 10, 2013

कनॉट प्लेस रीडिवेलपमेंट प्रॉजेक्ट

नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) के कनॉट प्लेस रीडिवेलपमेंट प्रॉजेक्ट की कई डेडलाइन मिस करने से भले ही यहां उन पर सवाल उठने लगे हैं, लेकिन फ्रांस में उनके काम की तारीफ हो रही है। कनॉट प्लेस रीडिवेलपमेंट प्रॉजेक्ट से प्रभावित होकर फ्रांस ने एनडीएमसी डेलिगेशन को पैरिस आने का इन्विटेशन दिया है ताकि वहां के री-जेनरेशन प्रॉजेक्ट पर चर्चा हो सके।

फ्रांस की एंबेसी के जरिए एनडीएमसी को यह इन्विटेशन भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक पैरिस के मेयर ऑफिस के जरिए 'दी ला रिपब्लिक' में अर्बन मेट्रोपॉलिटन री-जेनरेशन प्रॉजेक्ट शुरू किया जाना है। इसी तरह एनडीएमसी ने कनॉट प्लेस में रीडिवेलपमेंट का काम किया है। एनडीएमसी डेलिगेशन को पैरिस में साइट का दौरा करने और तकनीक की जानकारी देने को कहा गया है। पैरिस के मेयर की तरफ से एनडीएमसी डेलिगेशन को जुलाई के तीसरे हफ्ते में इनवाइट किया गया है। एनडीएमसी चेयरपर्सन अर्चना अरोड़ा ने कहा कि डेलिगेशन भेजने पर अभी फैसला नहीं लिया गया है।

भले ही एनडीएमसी डेलिगेशन को पैरिस में एक्सपर्ट के तौर पर राय लेने के लिए बुलाया जा रहा है लेकिन कनॉट प्लेस प्रॉजेक्ट पर कई डेडलाइन मिस होने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाया है। एनडीएमसी ने 2004 में सीपी रीडिवेलपमेंट प्रॉजेक्ट के बारे में सोचा और नवंबर 2008 में इस काम को करने के लिए फाइनल अप्रूवल मिल गया। तब इसकी डेडलाइन अक्टूबर 2010 रखी गई थी, यानी कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले काम पूरा होना था। फिर नई डेडलाइन जून 2011 तय की गई और तब से डेडलाइन बढ़ती ही चली गई।

Friday, June 14, 2013

मुंबई को उसके पूर्वी उपनगरों से जोड़ने वाली अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना 'ईस्टर्न फ्री-वे' का उद्घाटन




मुंबई को उसके पूर्वी उपनगरों से जोड़ने वाली अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना 'ईस्टर्न फ्री-वे' का उद्घाटन गुरुवार को दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण करेंगे। दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके से लगे ऑरेंज गेट से लेकर चेंबूर से लगे पांजरापोल तक का 13.59 किलोमीटर हिस्सा जनता के इस्तेमाल से लिए खोला जाएगा। अनुशक्ति नगर से लगी 4.3 किलोमीटर सुरंग इसमें शामिल है। 550 मीटर चौड़ाई में आनेजाने के लिए अलग-अलग डबल सुरंगों का निर्माण किया गया है। कुल 1200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले फ्री-वे में पांजरापोल से लेकर घाटकोपर तक की तीन किलोमीटर सड़क जोड़ना अभी बाकी है। अगले महीने से इसका निर्माण शुरू होना है। 

ट्रैफिक समस्या हल होगी: सरकारी सूत्रों ने बताया कि चार किलोमीटर लंबी इस तरह की सुरंग फिलहाल भारत के किसी भी शहरी इलाके में नहीं है। निर्माण पूरा होने के बाद यह देश का जमीन के ऊपर गुजरने वाला दूसरा बड़ा ऐलिवेटिड रोड़ बन जाएगा। फ्लाइओवर की तरह का 9.5 किलोमीटर ऐलिवेटिड हिस्सा 313 खम्भों पर खड़ा किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि रोजाना 25 हजार वाहन इस फ्री-वे का इस्तेमाल करेंगे। इसकी वजह से दादर-लालबाग और सायन का ट्रैफिक कम होगा। पोर्ट ट्रस्ट के हिस्से वाले पोर्ट रोड़ और उसके नजदीक के ट्रकों की आवाजाही वाले पी. डिमोलो रोड़ पर भी ट्रैफिक की समस्या कम होगी। 

नौ जगह जुड़ेगा: इस फ्री-वे का इस्तेमाल करने वाले नौ अलग-अलग जगहों से इस पर पहुंच सकेंगे। किंगसर्कल, माटुंगा, दादर, सायन, वडाला, फाइव गार्डन, प्रभादेवी, वरली और शिवडी- वडाला- चेंबूर से इस उन्नत फ्री-वे पर चढ़ा जा सकेगा। मुख्य शहर के कुलाबा, नरिमन पॉइंट, मलाबार हिल, मुंबई सेंट्रल, फोर्ट, क्रॉफर्ड मार्केट, मस्जिद, ताडदेव, कालबादेवी, गिरगांव इलाकों के वाहनों को इस तक पहुंचने के लिए ऑरेज गेट तक आना होगा। जोगेश्वरी -विक्रोली लिंक रोड़ और सायन-धारावी रोड़ के वाहन भी इसका उपयोग कर सकेंगे। साल के अंत तक सांताक्रूज-चेंबूर लिंक रोड़ के पूरे हो जाने पर पश्चिमी सबर्ब के वाहन भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।