उत्तर रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि त्योहार के दौरान उत्तर रेलवे द्वारा कुल मिलाकर 572 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें पटना, गया, दरभंगा, वाराणसी, लखनऊ अमृतसर जम्मू और उधमपुर के लिए विशेष ट्रेनें शामिल हैं।
Thursday, August 23, 2012
यात्रियों की सुविधा के लिए पांच सौ से च्यादा विशेष ट्रेनें
उत्तर रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि त्योहार के दौरान उत्तर रेलवे द्वारा कुल मिलाकर 572 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें पटना, गया, दरभंगा, वाराणसी, लखनऊ अमृतसर जम्मू और उधमपुर के लिए विशेष ट्रेनें शामिल हैं।
Tuesday, March 1, 2011
रेलमंत्री ने मुंबई रेल विकास कॉर्पोरेशन (एमआरवीसी) की मुंबई की लाइफलाइन को सुधारने के लिए तारीफ की
Monday, February 14, 2011
मार्च माह में कुर्ला-ठाणे छठे रेलवे लाइन का काम पूरा हो जाएगा
Monday, January 3, 2011
नववर्ष आपको मंगलमय हो
सत्य न्याय और प्रेम पताका, सुगंध सुवासित नूतन किसलय हो
रहे कोई न शत्रु जग में, हे प्रभुराम प्रेममय जग हो
विपुल कीर्ती भारत की होवे, उच्च तिरंगा प्रखर अमर हो
कर जोर पुन: विनती करता, नववर्ष आपको मंगलमय हो
Thursday, November 11, 2010
दिल्ली ने महाराष्ट्र पर पृथ्वी मिसाइल छोड़ी
Monday, October 11, 2010
बीते हफ्ते नई ट्रेनों की 101वीं खेप मुंबई पहुंच गई।
Tuesday, September 14, 2010
संदेश
14 सितम्बर, 'हिंदी दिवस' के अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं ।
आज से 61 साल पहले 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान सभा की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि संघ की राजभाषा हिंदी होगी ।
गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस की तरह आज का दिन भी राष्ट्रीय गौरव का दिन है । आज का दिन न केवल 'हिंदी दिवस' बल्कि सभी भारतीय भाषाओं के परस्पर आदान-प्रदान, एकता और आपसी सौहार्द का भी दिन है ।
संविधान की आठवीं अनुसूची में हिंदी को संघ की राजभाषा और विभिन्न राज्यों की अपनी-अपनी भाषाओं को उन राज्यों की राजभाषा का दर्जा दिया गया है । संविधान निर्माताओं का यह पावन उद्देश्य था कि स्वतंत्र भारत में केंद्र सरकार का काम-काज हिंदी में और राज्य सरकारों का काम राज्यों की राजभाषा में चले तथा हमें किसी विदेशी भाषा की जरूरत न हो और हम अपनी अस्मिता का स्वयं सम्मान कर सकें ।
गांधी जी का यह सपना था कि स्वतंत्र भारत में हम अपने देश की ही भाषाओं को अपनाएं और उनके महत्व को समझें । इससे देश वास्तविक प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ेगा और सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनेगा ।
राजभाषा हिंदी का प्रयोग प्रसार न केवल हमारी संवैधानिक जिम्मेवारी है, बल्कि यह हमारी नैतिक जिम्मेवारी भी है । मैं चाहूंगा कि भारत सरकार की राजभाषा नीति को सफल बनाने के लिए न केवल आप स्वयं कार्यालय के काम-काज में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करें बल्कि व्यक्तिगत रूचि ले कर इसे बढ़ावा भी दें जिससे हम गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित सभी लक्ष्यों को हासिल कर सकें ।
'हिंदी दिवस' के अवसर पर हर वर्ष हमें इस बात का एक मौका मिलता है कि हम स्चयं अपना आत्मावलोकन करें कि पिछले वर्ष में हमने राजभाषा के काम-काज में कितनी प्रगति की है और कहां हमारी कमियां रही हैं, जिससे आगामी वर्ष में उन कमियों को पूरा करने के लिए हम स्वयं अपने लक्ष्य निर्धारित कर सकें
आज का युग सूचना प्रौद्यौगिकी का युग है । मैं चाहूंगा कि एमआरवीसी में भी सूचना प्रौद्यौगिकी के हर क्षेत्र में राजभाषा हिंदी को बढ़ावा दिया जाए ।
इस अवसर पर मैं उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी यह खास अपील करता हूं कि जिन्हें हिंदी का ज्ञान है वे अनुवाद का सहारा छोड़कर अब मूल रूप से अपना सभी काम हिंदी में करना शुरू करें । मेरा यह विशेष आग्रह है कि 'हिंदी दिवस' के दिन एमआरवीसी के सभी अधिकारी और कर्मचारी अपना पूरा काम हिंदी में ही करें ।
14 सितम्बर 2010
(डॉ. पी. सी सहगल)
प्रबंध निदेशक
