आगामी मार्च माह में कुर्ला-ठाणे छठे रेलवे लाइन का काम पूरा हो जाएगा और उन पर रेलगाडि़यां दौड़ने लगेंगी। इससे मुंबई में मध्य रेलवे के उपनगरीय यात्रियों को बहुत राहत मिलेगी। पांचवें और छठे रेलवे ट्रैक पर अन्य बिजली के तारों जैसा ही अधिक वोल्टेज वाला विद्युत प्रवाह होने के कारण लोकल यात्रियों को सावधानी बरतनी पड़ेगी। 15 साल से चल रहे इस काम को गत दो वषोर्ं से गति मिली है। दौड़ेंगी लोकल और मेल बिना रुकावट: गत कुछ वर्षों से कुर्ला टर्मिनस से बाहर गांव की लंबी दूरी वाली रेलगाडि़यां छूटती हैं और टमिर्नस होने के कारण वहीं आकर रुकती भी होती हैं। इसलिए मध्य रेलवे की तेज लोकल विद्या विहार के पास आकर या खड़ी रहती हैं या फिर तेज लोकल मंद गति से आगे जा पाती हैं। कई बार लोकल को निकालने के लिए बाहर गांव वाली रेलगाडि़यों को भी विद्याविहार के पास लंबे समय तक रुकना पड़ता है और बिना किसी कारण कुर्ला टमिर्नस तक पहुंचने में घंटों लेट हो जाती हैं। फरवरी के अंत तक मेल ट्रेन चलेगी: मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि कुछ समय तक दोनों नए ट्रैक पर लोकल रेलगाडि़यां ट्रायल के लिए चलाई जाएंगी। फिलहाल विक्रोली के पास काम करीब-करीब पूरा हो चुका है। मार्च माह में दोनों नए ट्रैक पर रेलगाडि़यां दौड़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और लगता है कि फरवरी माह के अंत में ही काम पूरा हो जाएगा और इन ट्रैकों पर मेल गाडि़यां दौड़ने लगेंगी। बढ़ जाएगी विक्रोली वासियों की परेशानी: अलबत्ता इससे विक्रोली वासियों की परेशानी बढ़ जाएगी। कारण साफ है विक्रोली क्रासिंग पर फुट ओवर ब्रिज नहीं है और मजबूरन लोगों को रोजाना जान हथेली पर रखकर रेलवे लाइन पार करनी पड़ेगी। फुट ओवर ब्रिज की मांग लेकर विक्रोली वासियों ने आंदोलन भी किया था। पहले ही बेचारे 4-4 रेलवे लाइनें पार कर रहे हैं अब दो और यानि 6 रेलवे लाइन पार करनी पड़ेंगी। 15 साल का समय क्यों लगा: पांचवें और छठे ट्रैक को बनाने के लिए विक्रोली, कांजुरमार्ग के बीच चौथे ट्रैक के पास रहने वाले लोगों के पुनर्वास, विद्याविहार की इमारतों में रहने वाले लोगों का पुनर्वास सबसे बड़े चुनौती बनकर सामने आए थे। कई साल इसी प्रक्रिया में गुजर गए। स्टेशन के पूर्व में बनी चार इमारतों के पुनर्वास ने बहुत समय खाया। इससे काम में देरी होने के साथ ही योजना का खर्च भी बढ़ता गया।
Monday, February 14, 2011
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