Thursday, March 4, 2010

महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी ने डॉ. सहगल को पुरस्कृत किया

महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी की उपाध्यक्ष और सांस्कृतिक विभाग की राज्य मंत्री फौजिया खान ने एक संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी ​कि महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी द्वारा प्र​ति वर्ष की भां​ति इस वर्ष श्रेष्ठ लेखकों को 27 मार्च 10 को उनकी कृतियों के लिए पुरस्कृत किया जाएगा जिसमें मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन के प्रबंध ​निदेशक डॉ. पी सी सहगल को तकनीकी पुस्तक लेखन के लिए अकादमी का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया जाएगा । इस पुरस्कार में डॉ. सहगल को 35000/- रू का पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र दिया जाएगा ।

Thursday, January 28, 2010

डॉ. पी सी सहगल - कमलापति त्रिपाठी स्वर्ण पदक से सम्मानित


मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक डॉ. पी सी सहगल को कमलापति त्रिपाठी राजभाषा स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है । यह सम्मान दिनांक 27 जनवरी, 2010 को रेलवे बोर्ड नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड श्री सुरिन्दर सिंह खुराना के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया । समारोह में बोर्ड तथा अन्य भारतीय रेलों के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजू़द थे ।

यह सम्मान भारतीय रेलों में कार्यरत अधिकारियों के लिए सर्वोच्च्य सम्मान है जो कि महाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों को उनकी विशिष्ठ सेवाओं के लिए दिया जाता है जिसमें राजभाषा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यो का समावेश है । यह पहला अवसर है कि भारतीय रेलों के उपक्रमों में कार्यरत प्रबंध निदेशक को यह सम्मान प्राप्त हुआ है ।

उल्लेखनीय है कि डॉ. पी सी सहगल ने हिन्दी में नई तकनीक की ए सी डी सी रेक नामक तकनीकी पुस्तक लिखी है जिसे इसी कार्यक्रम में प्रथम पुरस्कार दिया गया है ।

Monday, January 18, 2010

राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य के लिए डॉ. पी सी सहगल को कमलापति त्रिपाठी राजभाषा पदक

राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य के लिए डॉ. पी सी सहगल को कमलापति ​त्रि​पाठी राजभाषा पदक देने की घोषणा रेलवे बोर्ड ने की है । यह पुरस्कार महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी को राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य के लिए दिया जाता है । पुरस्कार 27 जनवरी को बोर्ड कार्यालय में प्रदान किया जाएगा । इसके अतिरिक्त डॉ. सहगल को उसी दिन तकनीकी पुस्तक हिन्दी मेंलिखने के लिए लालबहादुर शास्त्री तकनीकी लेखन का प्रथम पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा जिसमें 15 हजार रूपये नकद राशि दी जाती है

Saturday, January 2, 2010

नव वर्ष की शुभकामनाएं

नव वर्ष की शुभकामनाएं
हमारे प्रिय पाठकों को नव वर्ष की शुभकामनाएं
नव वर्ष 2010 आपकेलिए सुख-समृ​द्ध् आरोग्य, तथा मनोकामनाएं पूर्ण करे,
इन्ही शुभकामनाओं द्वारा आपके समक्ष नई आशाओं के साथ
डॉ राजेन्द्र कुमार गुप्ता

Saturday, October 17, 2009

महालक्ष्मी का स्वागत करें

दीपावली सुख और समृद्धि का पर्व है और हर साल यह हमारी जिंदगी में कुछ उम्मीदें लेकर आता है, लेकिन इस साल यह खास है। गुजरे एक बरस में हमने ऐसी अनहोनी झेली, जैसी कहते हैं कि 80 बरस पहले आई थी, लेकिन स्लोडाउन के इस दौर को हमने किसी खेल की तरह गुजार दिया। यह दिवाली इस जीत का जश्न है। तो आइए, एक बार फिर महालक्ष्मी का स्वागत करें और देखें कि ग्लोबल आर्थिक संकट से हमने क्या सीखा। इस अनुभव के आधार पर पेश हैं इन्वेस्टमेंट और वेल्थ क्रिएशन के वे गुर, जिनके पीछे दुनिया के सबसे गुणी मनी मैनिजरों और सबसे बड़े धन कुबेरों का ज्ञान मौजूद है: निवेश जुआ नहीं होता शेयर मार्किट के बारे में लोग एक्स्ट्रीम खयालात रखते हैं। या तो यह कि वहां रातों-रात अमीर हुआ जा सकता है या फिर यह कि स्टॉक इन्वेस्टमंट
तबाही का रास्ता है। दोनों ही खयाल गलत हैं। निवेश जुआ नहीं है, उसे एक साइंस की तरह अपनाना चाहिए। सबसे अच्छे निवेशक भी मानते हैं कि अगर उन्हें एवरेज 20 फीसदी सालाना रिटर्न मिल जाए तो वे खुद को धन्य समझेंगे। गो सिस्टमैटिक बाजार की उठापटक ने बता दिया है कि एक ही झोंक में सब कुछ दांव पर लगा देना कितना खतरनाक होता है। सिस्टमैटिक तरीके से यानी धीरे-धीरे किस्तों में अपना पोर्टफोलियो तैयार कीजिए। याद रहे कोई भी बाजार के टॉप और बॉटम की भविष्यवाणी नहीं कर सकता। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमंट इस रिस्क को कम करता है। जल्दी शुरुआत करें निवेश की शुरुआत जिंदगी में जितने जल्द होगी, उतना बेहतर रहेगा। कम उम्र में जोखिम लिए जा सकते हैं। स्टॉक इन्वेस्टमेंट के लिए यह सही समय होता है। शुरू में बचाई गई छोटी रकम भी वक्त के साथ बड़ा खजाना बन जाती है। पहले यकीन करें अगर आपको भारत और दुनिया के बेहतर भविष्य पर यकीन है, तो निवेश कीजिए। उन कंपनियों को चुनिए जो उस भविष्य में साझीदार होंगी। एक अच्छा इन्वेस्टर होने के लिए आशावाद जरूरी है। उम्मीद ही तो है, जो हमें बचाए रखती है। यह आपका ही पैसा है निवेश का मतलब पैसा लगाकर सो जाना नहीं है। याद रखिए यह आपका ही पैसा है, इसलिए जागरूक बनिए। देश और दुनिया के हालात को समझने की कोशिश कीजिए, कंपनियों की किस्मत पढ़ना जानिए और सबसे बड़ी बात, हर सलाह के पीछे भागने की बजाए उतनी ही कंपनियों में पैसा लगाइए जिन्हें आप नियमित तौर पर ट्रैक कर सकें। सेफ्टी सबसे जरूरी अमीर बनने का ख्वाब देखने में कोई बुराई नहीं, लेकिन इससे जरूरी है अपनी पूंजी को डूबने से बचाए रखना। उन कंपनियों का साथ दीजिए जो टिकाऊ और भरोसेमंद हैं। आप देखेंगे कि लंबी रेस में मजबूत इंजन जीतता है, सेक्सी लुक नहीं।

Sunday, October 4, 2009

काम करेंगे



काम करेंगें, काम करेंगें,
जग में हम कुछ नाम करेंगें.
काम करेंगें, काम करेंगें,
कभी नहीं आराम करेंगें,
रुकने वाला पानी सडता,
रुकने वाला चक्का सडता,
रुकने वाली घडी न चलती,
रुकने वाली कलम न लिखती,
रुकने वाली फौजें हारी,
राह रुकी तो मन्जिल भारी,
हम रुकने की रीत न सीखें,
हम झुकने का गीत न सीखें,
काम करेंगें, काम करेंगें,
जग में हम कुछ नाम करेंगे,
काम करेंगें, काम करेंगें,
रोशन एमआरवीसी का नाम करेंगे.

कांतीलाल शिवराम कसबले
कार्यलय सहायक

Tuesday, September 22, 2009

एमआरवीसी का नाम बढे उससे अधिक काम बढे

देश के कोने कोने में रेल हमारी जाती है
हिंदी भाषा ही जिसको सारे मार्ग दिखाती है ।


यात्री अपने प्रांत के एक दूजे से मिल जाते हैं
यात्रा के दौरान वे सब हिंदी के गुन गाते है ।


मद्रासी हो गुजराती हो यात्री चाहे हो सिंधी
मेल मिलाप की बात चले जब, सबकी भाषा हो हिंदी ।


रेल मिलाती है शहरों को गांवों से देहातो से
तुम भी अपने दिल मिलाओं हिंदी छलके बातों से ।


एक ही भाषा है जो सारे भाषाओं की रानी है
हिंदी में ही काम चले जब सामने हिंदुस्तानी है ।


विकास पथ के पथ पर चलके रेल विकास करना है
तकनीकों का स्वागत करके तकलीफों का नीकास करना है ।


एमआरवीसी का नाम बढे उससे अधिक काम बढे
यात्री जिससे हो संतुष्ट ऐसे प्रयास करना है ।

कलीमुल्ला अ. अजी़म
एमआरवीसी