Monday, September 29, 2014

15 मिनट की भी छुट्टी नहीं ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को न्यू यॉर्क के मैडिसन स्क्वेयर गार्डन में अपने अमेरिकी दौरे का मेगा शो किया। मोदी, मोदी, मोदी... के शोर के बीच दिए अपने भाषण से मोदी ने वहां मौजूद भारतीय-अमेरिकी समुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। मोदी के भाषण में भारत की तेजी से बदल रही छवि का जिक्र था, तो साथ ही अपनी सरकार द्वारा उठाए कदम भी उन्होंने गिनाए। मोदी ने भाषण के दौरान प्रवासी भारतीयों को तोहफा देते PIO कार्ड होल्डर्स को आजीवन वीज़ा देने का फैसला किया। मोदी ने लंबे समय तक भारत में रहने वालों को पुलिस थाने जाने जाने की की जरूरत को भी खत्म करने की घोषणा की।

खचाखच भरे मैडिसन स्क्वेयर गार्डन में करीब 19 हजार लोगों की भीड़ के बीच मोदी ने जब अपना भाषण शुरू किया तो  मोदी ने अपने भाषण में भारतीयों के हुनर से बदलती देश की छवि का जिक्र किया।
मोदी ने भारतीय के कौशल के बलबूते देश की बदलती छवि का जिक्र करते हुए कहा, 'एक समय दुनिया हमें सांप-सपेरों का देश मानती थी, आपने सूचना-तकनीकी में जो क्रांति की है उससे देश की छवि बदली है। ताइवान में एक बार किसी ने मुझसे पूछा कि भारत काले जादू और सांप-संपेरों का ही देश है क्या? मैंने कहा- हमारे पूर्वज सांप के साथ खेलते थे, हम तो माउस के साथ खेलते हैं। आप सबने अपने व्यवहार, संस्कार और क्षमता के जरिए अमेरिका में बहुत इज्जत कमाई है, आपके माध्यम से अमेरिका ही नहीं दुनिया में हमारी सकारात्मक पहचान बनी है।
मोदी ने कहा कि उन्होंने चुनाव कुर्सी पाने के लिए नहीं जीता है। चुनाव जीतना जिम्मेदारी होती है। मैंने जब से पीएम पद का दायित्व संभाला है, 15 मिनट भी छुट्टी नहीं ली है। मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि आपने जो मुझे दायित्व दिया है, हम कुछ भी ऐसा नहीं करेंगे जिससे आपको नीचा देखने की नौबत आए। मैं लोगों के सपनों का भारत बनाऊंगा।
मोदी ने कहा, 'आप लोगों (NRI) की कभी-कभी इच्छा होती होगी कि अपने माता-पिता को भारत ले जाकर गंगा स्नान करवाएं लेकिन यह इतनी मैली हो चुकी है कि ऐसा करने का आपका मन नहीं करता होगा।' पीएम ने कहा कि गंगा को शुद्ध होना चाहिए और इसके लिए आपकी मदद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गंगा सफाई सिर्फ आस्था नहीं है बल्कि यह जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से भी आवश्यक है।
पीएम मोदी ने भारत के सफल मंगल अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि अहमदाबाद में एक आटो में सफर करने का खर्च 10 रुपए प्रति किलोमीटर है लेकिन मंगल अभियान में इस लाल ग्रह तक का 65 करोड़ किलोमीटर का सफर तय करने में मात्र सात रुपए प्रति किलोमीटर का खर्च आया।
 मोदी ने कहा कि पूरे विश्व के लोग अमेरिका में रहने आते हैं जबकि भारतीय पूरी दुनिया में रहते हैं।मोदी ने प्रवासियों को भारत आने का न्योता दिया और हाल में शुरू अभियान 'मेक इन इंडिया' के तहत बिजनस शुरू करने का आह्वान कहा।

मोदी ने प्रवासी भारतीयों को तोहफा देते हुए कहा कि PIO कार्ड होल्डर्स की वीजा की कई समस्याएं हैं। हमने फैसला किया है कि उन्हें आजीवन वीज़ा दिया जाएगा। लंबे समय तक भारत में रहने वालों को पुलिस थाने जाना पड़ता है, अब ऐसा नहीं करना पड़ेगा। PIO और OCI स्कीम्स में अंतर से कई समस्याएं पैदा होती हैं। हम दोनों को मिला कर एक स्कीम बनाएंगे। जल्द ही वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा भी लॉन्च कर दी जाएगी। पर्यटन के लिए आने वाले यूएस सिटिजंस को लॉन्ग-टर्म वीज़ा मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जन-धन योजना के तहत बैंकों में अबतक करीब 1500 करोड़ रुपए जमा हुए हैं जबकि लोग शून्य धनराशि से भी नया खाता खुलवा सकते थे। पीएम ने कहा कि इस योजना में करीब चार करोड़ नए खाते खोले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश में आधे से ज्यादा परिवारों के पास बैंक खाते नहीं है।
देश की विशाल आबादी की एक बड़ी बुनियादी समस्या 'शौचालय' के अभाव को दूर करने के लिए अपने दृष्टिकोण को मोदी ने छोटे आदमी की बड़ी सोच की संज्ञा दी। पीएम मोदी ने कहा कि मैं एक छोटा आदमी हूं और छोटे लोगों के लिए बड़े काम करने की इच्छा रखता हूं।
मोदी ने कहा कि पीएम बनने के बाद जब वह साफ-सफाई और शौचालय आदि बनाने की बात करते हैं तो लोगों को अजीब सा लगता है और वे कहते हैं, 'कोई बड़ा विजन बताओ।' उन्होंने कहा, 'ऐसा कहने पर मैं कहता हूं कि भाई देखिये, छोटा इंसान हूं, सामान्य इंसान हूं। मेरा बचपन ही ऐसा बीता है। छोटा हूं इसीलिए मेरा मन भी छोटे-छोटे काम में लगता है और छोटे-छोटे लोगों के लिए काम करने का मन करता है लेकिन छोटों के लिए बड़े-बड़े काम करने की इच्छा रखता हूं।
प्रधानमंत्री बनने के बाद शौचालय बनाने की बात करने पर लोग सवाल उठाते हैं कि क्या यह पीएम के काम हैं लेकिन मैं नहीं जानता और मैंने तय किया है कि मैं टॉइलेट बनाने के काम करूंगा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी को दो बातें प्रिय थी। एक देश को आजादी दिलाना और देश को स्वच्छ बनाना। उन्होंने सवाल किया कि जब गांधीजी ने देश को आजादी दिला दी तो क्या हमारा यह दायित्व नहीं है कि हम भारत को गंदगी से मुक्त करें।
मोदी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि वह नए-नए कानून बनाने के लिए अपनी पीठ थपथपाती थीं जबकि उनकी सरकार ने पुराने पड़ चुके कानूनों को खत्म करने का बीड़ा उठाया है। मोदी ने कहा, 'पहले की सरकारें इस बात पर गर्व किया करती थी कि उन्होंने कितने कानून बनाए लेकिन मैंने इसका उलटा शुरू किया है। मैंने जितने बेकार कानून हैं, सबको खत्म करने का फैसला किया है।
मोदी ने अपने भाषण में लोकसभा चुनाव में भारतीय के योगदान के लिए आभार जताया। मोदी ने कहा, 'आप में से कुछ को ही मतदान का मौका मिला होगा, लेकिन नतीजों के लिए आप में से कोई सोया नहीं होगा। जितना जश्न हिंदुस्तान मना रहा था, उससे भी कई गुना जश्न यहां भारतीय समाज मना रहा था। भारत के चुनाव अभियान में जुड़ने वाले लोगों को मैं थैंक्स कहता हूं। 30 साल के बाद भारत में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनी है।'
पीएम ने लोकसभा चुनाव से पहले चुनावी नतीजों के अनुमानों पर तंज कसते हुए कहा,  मोदी ने कहा कि चुनाव जीतने के साथ ही एक बड़ी जिम्मेदारी आ गई है. जबसे मैंने काम संभाला है, 15 मिनट की भी छुट्टी नहीं ली है।

Thursday, September 25, 2014

कोल्ड ड्रिंक्स उत्पादों में 5 पर्सेंट फल का रस मिलाने की कोशिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेप्सी जैसी सॉफ्ट ड्रिंक्स कंपनियों से कहा है कि वे अपने कोल्ड ड्रिंक्स उत्पादों में 5 पर्सेंट फल का रस मिलाने की कोशिश करें। इससे भारत में मुश्किल में पड़े किसानों को अपने उत्पादों के लिए एक नया बाजार मिल सकेगा।
मोदी ने बुधवार को देश के पहले यूनाइडेट फूड पार्क का उद्घाटन करते हुए कहा, 'हम पेप्सी, कोक पीते हैं और मुझे नहीं पता कि ऐसे कितने और पेय बाजार में उपलब्ध हैं। यह अरबों रुपए का कारोबार है। मैंने कंपनियों से कहा है कि क्या वे अपने ड्रिंक्स में 5 पर्सेंट फ्रूट जूस मिला सकती हैं।'
उन्होंने कहा, 'मैं ज्यादा के लिए नहीं कह रहा। अगर किसानों द्वारा उत्पादित फलों का पांच पर्सेंट रस मिलाया जाता है तो किसान बिक्री के लिए बाजार तलाशने को मजबूर नहीं होंगे। इस तरह के एक ही फैसले से अरबों रुपए का कारोबार सुनिश्चित हो सकता है।'
मोदी ने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार के अनुसंधान संगठनों से पहले ही कहा है कि वे कोला ड्रिंक्स में फलों के रस के मिश्रण की संभावना पर काम करें। कोला ड्रिंक्स को आमतौर पर स्वास्थ्यकारी नहीं माना जाता।

Wednesday, September 24, 2014

20 फीसदी सर्कल रेट बढ़ने से लोगों के घर का सपना टूट जाएगा

कांग्रेस ने बढ़े हुए सर्कल रेट को फौरन वापस लेने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि 20 फीसदी सर्कल रेट बढ़ने से लोगों के घर का सपना टूट जाएगा। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली और मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार के इशारे पर दिल्ली में सर्कल रेट बढ़ाए गए हैं। दिल्ली वालों को अच्छे दिन दिखाने वाली बीजेपी ने राजधानी के मिडिल क्लास और गरीब लोगों का घर का सपना तोड़ दिया है। अब लोगों के बुरे दिन की शुरुआत हो गई है।
कांग्रेसी नेताओं ने आरोप लगाया कि सर्कल रेट बढ़ने से मकान खरीदना तो महंगा हो ही जाएगा, साथ ही किराये पर रहने वाले लोगों का किराया भी महंगा होगा। कांग्रेसी नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार एक्साइज और वैट में हो रहे रेवेन्यू घाटे की भरपाई सर्कल रेट बढ़ाकर करना चाहती है। सर्कल रेट बढ़ने का सबसे ज्यादा असर राजधानी की 70 फीसदी उस आबादी पर पड़ेगा जो निम्न वर्ग के तहत आती है।

मुकेश ने यह भी आरोप लगाया कि मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के हर इलाके के एक समान सर्कल रेट तय करके वसंत कुंज और उत्तम नगर को एक तराजू में तोला जा रहा है। जबकि दोनों के रेट और मार्केट रेट में जमीन आसमान का अंतर है। कांग्रेस इस फैसले का विरोध करेगी।

Wednesday, September 17, 2014

रेलवे भी पवन चक्कियां लगाने, बिजली बनाने और बांटने का काम नहीं करेगा।

पीएमओ (प्राइम मिनिस्टर ऑफिस) और इंडियन रेलवे इन दिनों गुजरात के एक बुजुर्ग शख्स के अजीबोगरीब आइडिए से जूझ रहे हैं। 81 साल के अहमादाबाद निवासी विपिन त्रिवेदी ने पीएमओ को सुझाव दिया है कि रेलवे ट्रैक पर पवन चक्कियां लगाकर बिजली पैदा की जा सकती है। इनका कहना है कि ट्रेन चलने पर पैदा होने वाली तेज हवा का इस्तेमाल बिजली बनाने में किया जाना चाहिए।
विपिन त्रिवेदी बैंक ऑफ बड़ौदा की ऐग्रीकल्चर ऐंड रूरल डेवलपमेंट विंग में काम कर चुके हैं। उन्होंने पीएमओ को लिखे लेटर में यह आइडिया सुझाया है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पीएमओ ने यह मामला रेलवे मंत्रालय को भेजकर इस आइडिए को अमल में लाने की संभावना और इसकी संभावित लागत पर जवाब मांगा है। यही नहीं, रेलवे मंत्रालय से इसकी नियमितअपडेट देने को भी कहा गया है।

पीएमओ से लेटर मिलने के बाद से ही रेलवे मंत्रालय के अधिकारी विपिन त्रिवेदी के साथ बातचीत में लगे हैं। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने उन्हें बता दिया है कि इस तरह की तकनीक विकसित करना संभव नहीं है लेकिन, उन्हें रेलवे की ओर से तकनीकी जानकारियां लेने को दिल्ली बुलाया जा सकता है। त्रिवेदी का कहना है, एक दिन रेलवे ट्रैक के किनारे टहलते हुए उन्हें यह आइडिया आया। उन्होंने ये आइडिया नरेंद्र मोदी के साथ गुजरात पावर सेक्टर में काम कर चुके और इस समय पीएमओ में अडिशनल प्रिंसिपल सेक्रटरी के तौर पर तैनात अपने दोस्त के परिचित को भेजा।
त्रिवेदी का कहना है कि अब वह अपने दिल्ली बुलाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। रेलवे अधिकारियों की मानें तो मंत्रालय में किसी को भी त्रिवेदी के आइडिए का सच होना मुश्किल लग रहा है। उन्होंने त्रिवेदी के लेटर के जवाब में उन्हें लिखा, एक ट्रेन सिर्फ 20 सेकेंड में एक पवन चक्की को पार कर लेगी। पवन चक्की से हर 15 मिनट में भी एक ट्रेन गुजरगी तो दिन भर में पवन चक्की सिर्फ 25 मिनट के लिए चल सकेगी। इसमें जितनी बिजली पैदा होगी उससे कहीं ज्यादा लागत आएगी। हालांकि, इसके बाद मिले भेजे लेटर में मंत्रालय के अधिकारियों ने त्रिवेदी से उनके इस आइडिए के तकनीकी पहलुओं पर आगे भी चर्चा करने की बात कही है।
रेलवे अधिकारी इस बारे में पीएमओ को भी जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है, देश में किसी को भी बेहतरी के लिए आइडिया आ सकता है और वह इस बारे में पीएमओ को लिख सकता है। उनके अमल में आने की संभावनाओं की जांच करना हमारा काम है। आईआईएम इलाहाबाद में प्रफेसर और वैकल्पिक ऊर्जा के विशेषज्ञ अनिल गुप्ता का भी कहना है कि यह आइडिया अमल में लाने लायक नहीं है। रेलवे भी पवन चक्कियां लगाने, बिजली बनाने और बांटने का काम नहीं करेगा।