बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई रेलवे विकास निगम (एमआरवीसी ) को मध्य रेलवे के ठाणे और दीवा के बीच दोनई लाइनों का निर्माण शुरू करने की अनुमति दे दी है। इसनिर्माण को वन और पर्यावरण मंत्रालय के सिद्धांतों के अनुरूपमंजूरी दी गई है।
एमआरवीसी के मुताबिक दो अतिरिक्त यानी पांचवीं एवं छठीलाइन का काम पूरा हो जाने पर व्यस्त समय में यातायात कीभीड़भाड़ कम करने में सहूलियत होगी। साथ ही हाल में शुरूकिए गए नए मेल एवं शहरी रेलगाडि़यों के परिचालन में भीसुविधा होगी।
एमआरवीसी की याचिका पर छह मार्च को सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस मोहित शाह और जस्टिस अनूप मोहताने नए रेलवे ट्रैकों के निर्माण को अनुमति दी।
मुंबई रेलवे विकास निगम ने याचिका दायर कर कहा कि वन और पर्यावरण मंत्रालय ने ठाणे और दीवा के बीचनए रेलवे लाइन के निर्माण को 5 दिसंबर 2012 को सूचना भेजकर सैद्धांतिक रूप से सहमति जता दी है।
एमआरवीसी के मुताबिक दो अतिरिक्त यानी पांचवीं एवं छठीलाइन का काम पूरा हो जाने पर व्यस्त समय में यातायात कीभीड़भाड़ कम करने में सहूलियत होगी। साथ ही हाल में शुरूकिए गए नए मेल एवं शहरी रेलगाडि़यों के परिचालन में भीसुविधा होगी।
एमआरवीसी की याचिका पर छह मार्च को सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस मोहित शाह और जस्टिस अनूप मोहताने नए रेलवे ट्रैकों के निर्माण को अनुमति दी।
मुंबई रेलवे विकास निगम ने याचिका दायर कर कहा कि वन और पर्यावरण मंत्रालय ने ठाणे और दीवा के बीचनए रेलवे लाइन के निर्माण को 5 दिसंबर 2012 को सूचना भेजकर सैद्धांतिक रूप से सहमति जता दी है।
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