Thursday, February 21, 2013

मंझोले लेवल के करप्ट नेता


नवोदित भ्रष्टाचारी कहना तो उन्हें ठीक नहीं। उदित हो चुके हैं वो कई सालों से, पर कोई बड़ा डील उनके नाम नहीं है, सो उन्हें बड़ा नेता भी नहीं कहा जा सकता। मंझोले लेवल के करप्ट नेता हैं। मैं सुबह उनसे मिलने गया था, तो उनके इर्द-गिर्द दिल्ली के टेंट माफिया कारोबारी थे।
 टेंट माफिया का दुखड़ा कुछ यूं था- देखिए नेता लोग पूरे देश पर कब्जा कर लेता है। अफसर लोग पूरे देश को खाए जाता है, और हम दिल्ली का 10-15 पार्क कब्जा करके उसका किराया पब्लिक से कुछेक लाख वसूल लें, तो हाय-तौबा हो जाती है। कड़ाई की बात होने लगती है। डीडीए अब टेंपररी स्ट्रक्चर बनाने में लगा है, शादी के लिए सस्ते में देगा। टेंट माफिया की किसी को फिक्र ही नहीं है। हाय, कैसा अन्याय हमारे साथ।
मैंने नेताजी से कहा- कैसी बातें करते-सुनते हैं आप। आपको मॉरल ग्राउंड पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
नेताजी सीरियस हो गए- मॉरल ग्राउंड कहां है भई, पहले क्यों न बताया। इन गरीब टेंट माफियाओं को बता देते, वहीं कब्जा करके, शादी के लिए किराए पर देकर लाख- करोड़ कमा लेते। रामलीला ग्राउंड तो सुने हैं। परेड ग्राउंड, पुलिस ग्राउंड भी सुने हैं, ये मॉरल ग्राउंड कहां नया बन गया। ऐसा कौन सा नया मॉरल ग्राउंड है, जिसे हम नहीं जानते।
आखिरी बात नेताजी ने प्रख्यात अभिनेता स्वर्गीय राजकुमार स्टाइल में कही। राजकुमारजी ने 'मेरे हूजूर' (1968) फिल्म में एक कालजयी डायलॉग कहा था- लखनऊ में ऐसी कौन सी फिरदौस हैं, जिसे हम नहीं जानते। फिरदौसजी उस फिल्म में राजकुमारजी की समकालीन नाचने-गाने वाली थीं, जिन्हें न जानने का दुख कम आश्चर्य ज्यादा राजकुमारजी प्रकट कर रहे थे।
एनसीआर में ऐसा कौन सा ग्राउंड है, जिस पर रैली या कब्जे का विचार हमें न आया हो- नेताजी का आश्चर्य यह था। नेताजी ने मुझे डांटा- बताओ मॉरल ग्राउंड कहां है, टेंट माफियाओं के जरिए शादियां अब से वहीं हुआ करेंगी।
मैं हड़बड़ा गया और बोला-मुझे क्या पता, मॉरल ग्राउंड कहां है। तुम बुद्धिजीवियों को पता कुछ होता नहीं है, पर फोकटी में सलाह देते घूमते हो। अब नेताजी गूगल मैप्स में मॉरल ग्राउंड ढूंढने में लगे हैं।

Sunday, February 17, 2013

अगले 6 महीने में पीएसयू बैंक 56,500 लोगों को हायर करेंगे


 अगले 6 महीने में पीएसयू बैंक 56,500 लोगों को हायर करेंगे। पिछले 10 साल में यह अपनी तरह की पहली हायरिंग ड्राइव है। सरकारी बैंकों का बिजनस तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, आरबीआई के नए बैंकिंग लाइसेंस देने के बाद इस सेगमेंट में मुकाबला और बढ़ेगा। सरकारी बैंक इसकी तैयारी के लिए नई हायरिंग करने जा रहे हैं।दर्जन भर सरकारी बैंक पिछले साल के मुकाबले इस बार 30 फीसदी ज्यादा हायरिंग करेंगे। बैंकरों का कहना है कि उन्हें बिजनस इन्वाइरनमेंट बेहतर होने की उम्मीद है। इसे देखते हुए यह प्लैनिंग की गई है। द इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन ने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को छोड़कर 20 सरकारी बैंक 22,415 ऑफिसरों और 32,453 क्लर्कों को हायर करेंगे। उसके मुताबिक, ब्रांच एक्सपैंशन और रिटायरमेंट-एट्रिशन की भरपाई के लिए सरकारी बैंकों हायरिंग करने जा रहे हैं। वहीं, एसबीआई करीब 1,500 ऑफिसरों को हायर करेगा।

Monday, February 4, 2013

लात मारी और जिससे माइकल जमीन परगिर पड़ा


उल्हासनगर के गोल मैदान के पास आपसी धक्का मुक्की के बीचमाइकल पाचरणे के गुप्तांग पर उसके पड़ोसी हरेश निंभोरे नेलात मार दी , जिससे माइकल की मौत हो गई। उल्हासनगरपुलिस ने निभोरे पर हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तारकर लिया है। सूत्रों के अनुसार गोल मैदान परिसर के नजदीकरहने वाले डेनियल पाचरणे ने रविवार देर रात अपने लड़केमाइकल को चाइनीज खाने के लिए पैसे दिए , इससे डेनियलकी पत्नी उषा भड़क गई और उनका आपस में झगड़ा होनेलगा। पड़ोस में रहने वाला हरेश निंभोरे अपने घर के सामनेसे खड़ा होकर इन लोगों का झगड़ा देखने लगा। ऐसे में तमाशबीन बने हरेश निंभोरे को देख माइकल उसे मारनेदौड़ा। दोनों में हुई धक्का मुक्की के बीच हरेश ने माइकल के गुप्तांग पर लात मारी और जिससे माइकल जमीन परगिर पड़ा  माइकल को उपचार के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया , जंहा डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।