मुंबई के शिवड़ी से न्हावा शेवा तक समंदर के बीचोबीच बननेवाले 22 किमी लंबे ट्रांस हाबॅर लिंक का काम आहिस्ता -आहिस्ता बढ़ने लगा है। पिछले दिनों वित्त मंत्रालय कीनिगहबानी में गठित हाई पॉवर कमिटी द्वारा वायबिलिटी गैपफंडिंग का प्रस्ताव मंजूर करने से इसका काम आगे बढ़ा है औरअब इंतजार है तो एमएमआरडीए द्वारा टेंडर निकालने का।यह तय हो गया है कि 9,630 करोड़ रुपये की लागत वाले इसब्रिज के निर्माण के लिए केंद्र सरकार 20 प्रतिशत अर्थात1,926 करोड़ रुपये केंद्र सरकार बतौर वायबिलिटी गैप फंडपेश करेगी।
उल्लेखनीय यह है कि इस प्रॉजेक्ट के काम में कोई आगे देरी ना हो , इसके लिए खुद मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कोपत्र लिखकर इस पर ध्यान देने का अनुरोध किया है। उन्होंने आशंका जताई है कि कुछ और एजेंसियां केंद्रीय स्तरपर इसमें अड़ंगा डालकर प्रॉजेक्ट के कामकाज में व्यवधान डाल सकती हैं। गौरतलब है कि हाल ही में जेएनपीटीने इस प्रॉजेक्ट पर अपनी तरफ से कुछ आपत्तियां दर्ज की हैं।
देश के सबसे बड़े और बेशकीमती प्रॉजेक्ट के ताजातरीन डिवेलपमेंट के बारे में एमएमआरडीए के एक अधिकारीने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा गठित इंपॉवर्ड कमिटी ने ट्रांसहार्बर लिंक के लिए वीजीएफ की संस्तुति दे दी हैऔर अब हम इस ब्रिज के निर्माण के लिए सबसे अहम कदम ' टेंडरिंग ' का काम शुरू करने वाले हैं। उन्होंनेबताया कि हम इस साल की शुरुआत में ही 5 कंपनियों के समूह का चयन कर चुके हैं और उन्हें ब्रिज की डिजाइनऔर अपनी जरूरतों को पेश करने को कह दिया गया है। उन्होंने बताया कि अगले 4-5 महीनों में देश के इससबसे लंबे ब्रिज के निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय यह है कि इस प्रॉजेक्ट के काम में कोई आगे देरी ना हो , इसके लिए खुद मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कोपत्र लिखकर इस पर ध्यान देने का अनुरोध किया है। उन्होंने आशंका जताई है कि कुछ और एजेंसियां केंद्रीय स्तरपर इसमें अड़ंगा डालकर प्रॉजेक्ट के कामकाज में व्यवधान डाल सकती हैं। गौरतलब है कि हाल ही में जेएनपीटीने इस प्रॉजेक्ट पर अपनी तरफ से कुछ आपत्तियां दर्ज की हैं।
देश के सबसे बड़े और बेशकीमती प्रॉजेक्ट के ताजातरीन डिवेलपमेंट के बारे में एमएमआरडीए के एक अधिकारीने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा गठित इंपॉवर्ड कमिटी ने ट्रांसहार्बर लिंक के लिए वीजीएफ की संस्तुति दे दी हैऔर अब हम इस ब्रिज के निर्माण के लिए सबसे अहम कदम ' टेंडरिंग ' का काम शुरू करने वाले हैं। उन्होंनेबताया कि हम इस साल की शुरुआत में ही 5 कंपनियों के समूह का चयन कर चुके हैं और उन्हें ब्रिज की डिजाइनऔर अपनी जरूरतों को पेश करने को कह दिया गया है। उन्होंने बताया कि अगले 4-5 महीनों में देश के इससबसे लंबे ब्रिज के निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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