Thursday, November 11, 2010
दिल्ली ने महाराष्ट्र पर पृथ्वी मिसाइल छोड़ी
Monday, October 11, 2010
बीते हफ्ते नई ट्रेनों की 101वीं खेप मुंबई पहुंच गई।
Tuesday, September 14, 2010
संदेश
14 सितम्बर, 'हिंदी दिवस' के अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं ।
आज से 61 साल पहले 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान सभा की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि संघ की राजभाषा हिंदी होगी ।
गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस की तरह आज का दिन भी राष्ट्रीय गौरव का दिन है । आज का दिन न केवल 'हिंदी दिवस' बल्कि सभी भारतीय भाषाओं के परस्पर आदान-प्रदान, एकता और आपसी सौहार्द का भी दिन है ।
संविधान की आठवीं अनुसूची में हिंदी को संघ की राजभाषा और विभिन्न राज्यों की अपनी-अपनी भाषाओं को उन राज्यों की राजभाषा का दर्जा दिया गया है । संविधान निर्माताओं का यह पावन उद्देश्य था कि स्वतंत्र भारत में केंद्र सरकार का काम-काज हिंदी में और राज्य सरकारों का काम राज्यों की राजभाषा में चले तथा हमें किसी विदेशी भाषा की जरूरत न हो और हम अपनी अस्मिता का स्वयं सम्मान कर सकें ।
गांधी जी का यह सपना था कि स्वतंत्र भारत में हम अपने देश की ही भाषाओं को अपनाएं और उनके महत्व को समझें । इससे देश वास्तविक प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ेगा और सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनेगा ।
राजभाषा हिंदी का प्रयोग प्रसार न केवल हमारी संवैधानिक जिम्मेवारी है, बल्कि यह हमारी नैतिक जिम्मेवारी भी है । मैं चाहूंगा कि भारत सरकार की राजभाषा नीति को सफल बनाने के लिए न केवल आप स्वयं कार्यालय के काम-काज में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करें बल्कि व्यक्तिगत रूचि ले कर इसे बढ़ावा भी दें जिससे हम गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित सभी लक्ष्यों को हासिल कर सकें ।
'हिंदी दिवस' के अवसर पर हर वर्ष हमें इस बात का एक मौका मिलता है कि हम स्चयं अपना आत्मावलोकन करें कि पिछले वर्ष में हमने राजभाषा के काम-काज में कितनी प्रगति की है और कहां हमारी कमियां रही हैं, जिससे आगामी वर्ष में उन कमियों को पूरा करने के लिए हम स्वयं अपने लक्ष्य निर्धारित कर सकें
आज का युग सूचना प्रौद्यौगिकी का युग है । मैं चाहूंगा कि एमआरवीसी में भी सूचना प्रौद्यौगिकी के हर क्षेत्र में राजभाषा हिंदी को बढ़ावा दिया जाए ।
इस अवसर पर मैं उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी यह खास अपील करता हूं कि जिन्हें हिंदी का ज्ञान है वे अनुवाद का सहारा छोड़कर अब मूल रूप से अपना सभी काम हिंदी में करना शुरू करें । मेरा यह विशेष आग्रह है कि 'हिंदी दिवस' के दिन एमआरवीसी के सभी अधिकारी और कर्मचारी अपना पूरा काम हिंदी में ही करें ।
14 सितम्बर 2010
(डॉ. पी. सी सहगल)
प्रबंध निदेशक
Friday, September 10, 2010
Friday, September 3, 2010
जय कन्हैया लाल' के जयकारे
Sunday, August 15, 2010
Monday, August 2, 2010
एमआरवीसी के प्रबंधनिदेशक पुरस्कृत
Friday, July 16, 2010
चर्चगेट जा रही लोकल माहिम स्टेशन पर पटरी से उतर गई।
रविवार दोपहर पश्चिम रेल के यात्रियों को उस समय परेशानियों का सामना करना पड़ा जब विरार से चर्चगेट जा रही लोकल माहिम स्टेशन पर पटरी से उतर गई। इसकी वजह से फ्रंट कोच के तीन पहिए पटरी से उतरकर रगड़ खाते हुए जमीन से जा मिले। बता दें कि एक कोच में 8 पहिए होते हैं। मगर इस दुर्घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली। घटना दोपहर पौने तीन बजे की है जब प्लेटफॉर्म (लाइन) नंबर 4 से प्लेटफॉर्म नं. 2 पर जा रही फास्ट लोकल अपना संतुलन खो बैठी और वह पटरी से उतर गई। हालांकि इस दुर्घटना का समाचार पाते ही एजीएम और डीआरएम एक्सिडेंट रिलीफ ट्रेन के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे मगर जब तक उनके मार्गदर्शन में इसका रेस्टोरेशन हो पाता, बाकी की लोकल ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ। यह सामान्य तभी हुआ जब शाम 6.15 बजे तक पटरी से उतरी लोकल को वहां से हटा दिया गया। गौरतलब है कि मेगा ब्लॉक का दिन होने से माहिम और मुंबई सेंट्रल के बीच मरम्मत का काम किया जा रहा था और इस दरमियान माहिम से मुंबई सेंट्रल फास्ट ट्रैक की लोकल को स्लो ट्रैक पर डायवर्ट किए जाने की व्यवस्था की गई थी। यह हादसा उसी समय हुआ, जब लोकल क्रासओवर से गुजर रही थी। गौरतलब है कि जब भी ट्रेन को एक लाइन से दूसरी लाइन पर डायवर्ट किया जाता है तो उस समय ट्रेन की स्पीड 15 किमी से कम ही रखी जाती है। पहला शक मोटरमैन के ऊपर जा रहा है। हालांकि पश्चिम रेल के अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है कि इस हादसे में मोटरमैन की तरफ से कोई गड़बड़ी हुई है। इसके मुख्य प्रवक्ता एस. एस. गुप्ता ने कहा है कि डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं और जांच के बाद ही इस हादसे की सही वजह पता चल पाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान लोकल की स्पीड भी जांच का एक मुद्दा जरूर रहेगा।
Saturday, July 10, 2010
बरनावा-बिनौली मार्ग स्थित गांव करणावल के पास गुरुवार को एक मारुति वैन और इंडिका में आमने-सामने से भिड़ंत
Saturday, July 3, 2010
लोकल सेवा में सुधार के लिए विश्व बैंक ने 43 करोड़ डॉलर का कर्ज मंजूर
Thursday, March 4, 2010
महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी ने डॉ. सहगल को पुरस्कृत किया
Thursday, January 28, 2010
डॉ. पी सी सहगल - कमलापति त्रिपाठी स्वर्ण पदक से सम्मानित
मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक डॉ. पी सी सहगल को कमलापति त्रिपाठी राजभाषा स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है । यह सम्मान दिनांक 27 जनवरी, 2010 को रेलवे बोर्ड नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड श्री सुरिन्दर सिंह खुराना के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया । समारोह में बोर्ड तथा अन्य भारतीय रेलों के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजू़द थे ।
यह सम्मान भारतीय रेलों में कार्यरत अधिकारियों के लिए सर्वोच्च्य सम्मान है जो कि महाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों को उनकी विशिष्ठ सेवाओं के लिए दिया जाता है जिसमें राजभाषा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यो का समावेश है । यह पहला अवसर है कि भारतीय रेलों के उपक्रमों में कार्यरत प्रबंध निदेशक को यह सम्मान प्राप्त हुआ है ।
उल्लेखनीय है कि डॉ. पी सी सहगल ने हिन्दी में नई तकनीक की ए सी डी सी रेक नामक तकनीकी पुस्तक लिखी है जिसे इसी कार्यक्रम में प्रथम पुरस्कार दिया गया है ।
Monday, January 18, 2010
राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य के लिए डॉ. पी सी सहगल को कमलापति त्रिपाठी राजभाषा पदक
Saturday, January 2, 2010
नव वर्ष की शुभकामनाएं
हमारे प्रिय पाठकों को नव वर्ष की शुभकामनाएं
नव वर्ष 2010 आपकेलिए सुख-समृद्ध् आरोग्य, तथा मनोकामनाएं पूर्ण करे,
इन्ही शुभकामनाओं द्वारा आपके समक्ष नई आशाओं के साथ
डॉ राजेन्द्र कुमार गुप्ता