Saturday, March 5, 2016

वकीलों से जुड़ी कुछ हालिया घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई



पटियाला हाउस कांड समेत वकीलों से जुड़ी कुछ हालिया घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। उसका मानना है कि इस तरह की घटनाओं से कानूनी पेशे की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचा है। शीर्ष न्यायालय ने इसके मद्देनजर वकीलों से आत्म निरीक्षण करने के लिए कहा है।
मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "समय आ गया है जब हमें आत्म निरीक्षण करना चाहिए। इससे बार कौंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) को भी मदद मिलेगी। कुछ वकील विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ लड़ाई कर रहे हैं। कुछ पत्थरबाजी कर रहे हैं। जबकि केवल कुछ ही कानूनी बहस में हिस्सा ले रहे हैं।"
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने आल इंडिया बार एग्जामिनेशन (एआइबीई) की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान उपरोक्त टिप्पणी की। वकालत का लाइसेंस जारी करने के लिए बार कौंसिल ऑफ इंडिया हर साल एआइबीई का आयोजन करती है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को इस मामले को पांच सदस्यीय संविधान पीठ के हवाले कर दिया।

Thursday, February 18, 2016

देशद्रोह के मामले ने अन्‍य छात्रों और पूर्व छात्रों के लिए मुसीबत



जेएनयू के कुछ छात्रों पर चल रहे देशद्रोह के मामले ने अन्‍य छात्रों और पूर्व छात्रों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। एबीवीपी और अन्‍य छात्र संगठनों के प्रदर्शन से मुनिरका में मकान मालिकों ने जेएनयू में पढ़ने वाले छात्रों से घर खाली करने को कहा है।
मुनिरका इलाके में इस यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र बड़ी संख्‍या में रहते हैं। कुछ मकान मालिक बहाना बनाकर छात्रों से घर खाली कराने को कह रहे हैं, वहीं कुछ लोग छात्रों से कह रहे हैं कि वे मुनिरका इलाके से कुछ दिनों के लिए चले जाएं या फिर यूनिवर्सिटी के साथ अपने जुड़ाव के बारे में कम से कम नहीं बताएं।
मंत्री और राजनेता लगातार जेएनयू को देश विरोधी गतिविधि‍यों का गढ़ बता रहे हैं। यह स्थिति तब है, जब श‍िक्षाविद और जेएनयू के फैकल्‍टी लगातार कह रहे हैं कि वे इस मामले में पूरे संस्‍थान को बदनाम नहीं करें। यह स्थिति अन्‍य छात्रों के मन में डर पैदा कर रही है।
अभिषेक नाम के एक छात्र ने कहा कि मुनिरका में स्‍थानीय लोग जानते हैं कि हम जेएनयू में पढ़ते हैं या जेएनयू के पूर्व छात्र रहे हैं। हमारे मकान मालिक ने हमें घर खाली करने को कहा है। उसने बताया कि उसके दो दोस्‍तों ने 12 फरवरी को अपना कमरा खाली कर दिया। मकान मालिक छात्रों को उनका सिक्‍योरिटी डिपॉजिट भी नहीं वापस दे रहे हैं।

Sunday, February 7, 2016

अब वॉट्सऐप नौकरी पाने का जरिया भी बन गया



अब वॉट्सऐप नौकरी पाने का जरिया भी बन गया है। मुंबई के जेवियर इंस्टिट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन के छह छात्रों ने वॉट्सऐप के जरिए घर बैठे इंटरव्यू दिए और उन्हें नौकरी मिल भी गई। देश में यह अपने तरह का पहला मामला है।
छात्रों से गुड़गांव स्थित एक नामी एडवरटाइजिंग कंपनी ने संपर्क साधा था। कंपनी ने 'द इंटरर्नशिप' नामक वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर छात्रों को उसमें जोड़ा और घर बैठे ही इंटरव्यू देने की सुविधा मुहैया कराई।
कंपनी का मानना है कि घर बैठे ही इंटरव्यू देना छात्रों के लिए सुविधाजनक होगा। साथ ही आने-जाने का खर्च और एनर्जी भी बचेगी।
Skype और Google Hangouts के साथ ही LinkedIn, Twitter और Facebook जैसी सोशलनेटवर्किंग साइट्स की मदद से कैंपस रिक्रूटमेंट किया जाता रहा है।
नौकरी पाने वाले छात्रों में से एक साईं पदवाल के मुताबिक, यह बहुत रोमांचक था। हमें पता ही नहीं चला कि हमारा इंटरव्यू हो रहा है। हमसे `Be like Bill' सीरीज पर मेमेस् बनाने को कहा गया था। इस प्लेटफॉर्म की मदद से हमने यह काम बखूबी कर दिखाया।
वॉट्सऐप के जरिए इंटरव्यू लेने वाले जेडब्ल्यूटी के सीनियर क्रिएटिव डायरेक्टर बी. दासगुप्ता कहते हैं, रिज्यूम से बमुश्किल पता चलता है कि छात्र कितने क्रिएटिव हैं। एक क्रिएटिव पर्सन तब अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करता है, जब उसे उसके माहौल में अकेला छोड़ दिया जाए। वॉट्सऐप के माध्यम से हमने यही करने की कोशिश की।