Tuesday, December 29, 2015

बच्चों की कस्टडी (सौंपने) की मांग

फिल्म अभिनेत्री करिश्मा कपूर के पति संजय कपूर ने परिवार अदालत में अर्जी दायर कर अपने दोनों बच्चों की कस्टडी (सौंपने) की मांग की है। दोनों बच्चे अभी अपनी मां के साथ रहते हैं। संजय के वकील ने 15 दिनों पूर्व अर्जी दायर की थी। दोनों की शादी 2003 में हुई थी।
करिश्मा की वकील जालजा नांबियार ने इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया। लेकिन संजय के वकील ने अपनी पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि 15 दिन पहले ही अर्जी दायर की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बेटी समाइरा और बेटे किआन राज की कस्टडी के लिए अर्जी दायर की गई है। यह पूछने पर कि अर्जी में संजय ने कोई आरोप लगाया है या नहीं, वकील ने इसका जवाब देने से मना कर दिया।
उन्होंने हालांकि यह बताया कि संजय ने इससे पहले भी अर्जी दायर की थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया था। उन्होंने बताया कि दोनों ने आपसी सहमति से तलाक का मुकदमा दायर किया था जिसमें बच्चे किसके साथ रहेंगे इसके नियम व शर्तें भी शामिल थे।

लेकिन तलाक की अर्जी का निपटारा पिछले महीने हो गया। करिश्मा और संजय दोनों ने अर्जी पर आपसी सहमति वापस ले ली थी जिसके बाद निपटारा किया गया। करिश्मा के वकील क्रांति साठे ने संपर्क करने पर कहा कि परिवार अदालत से उन्हें कोई अभी तक कोई दस्तावेज नहीं मिला है।

Friday, December 11, 2015

मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस-वे एक नजर में

केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने भरोसा दिलाया है कि मेरठ से दिल्ली के बीच का 75 किमी का सफर दो वर्ष में महज 40 मिनट में तय होने लगेगा। दैनिक जागरण की ओर से गुरुवार को आयोजित जागरण फोरम में गडकरी ने कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। इस पर जनवरी से काम शुरू हो जाएगा। मौजूदा समय में मेरठ से दिल्ली के सफर में आमतौर पर ढाई से तीन घंटे का समय लग जाता है और जनता को जाम और भारी प्रदूषण आदि से जूझना पड़ता है।
जागरण फोरम के विशेष सत्र में सवालों के जवाब में गडकरी ने कहा कि दिल्ली के जाम में मैं पहली बार नहीं फंसा। रोज फंसता हूं। खासकर एयरपोर्ट जाते वक्त धौलाकुआं से गुड़गांव के बीच। इसलिए एनएचएआइ से डिजाइन देने को कहा है। दिल्ली के ट्रैफिक के अध्ययन के आदेश भी दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को मिलेगी। भूरेलाल समिति की रिपोर्ट पर 13 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट भी तैयार कर दिया है। लेकिन वास्तविक समाधान ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे बनने पर होगा। इन्हें 400 दिन में पूरा करेंगे। दिल्ली जयपुर हाईवे के बारे में गडकरी का कहना था कि 87 फीसद काम पूरा हो चुका है। 55 फ्लाईओवर में से 50 पूरे हो गए हैं। बाकी भी मार्च तक पूरे हो जाएंगे।
मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस-वे एक नजर में
दिल्ली स्थित निजामुद्दीन ब्रिज से डासना तक एक्सप्रेस वे और हाईवे को मिलाकर कुल 14 लेन की सड़क बनेगी। इसमें छह लेन का एक्सप्रेस-वे होगा जबकि आठ लेन का हाईवे। यह दूरी लगभग 30 किमी की होगी। इसके बाद एक्सप्रेस वे डासना से मेरठ परतापुर तिराहे तक छह लेन का आएगा। यहां से बच्चा पार्क के निकट एनएच-235 को कनेक्ट करेगा।
ये हैं चुनौतियां

प्रोजेक्ट के लिए मेरठ के 14 गांव की 108.36 हेक्टेयर भूमि जबकि गाजियाबाद के 19 गांव की 333 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। अधिग्रहण को लेकर पेच अब भी फंसा है। किसानों की मांग है कि उन्हें मुआवजा 10 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से दिया जाए, लेकिन जो सरकारी रेट है, वह एक तिहाई से भी कम बताई जा रही है, जो किसानों को मान्य नहीं है। वैसे भी मेरठ में अब तक 10 गांव की भूमि के अधिग्रहण की ही प्रक्रिया पूरी हुई है।

Tuesday, December 8, 2015

आजम खान अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से ज्यादा खतरनाक

शिवसेना ने यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान की तुलना अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से कर डाली है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए आजम खान पर निशाना साधा है। शिवसेना ने आरोप लगाया है कि आजम खान अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से ज्यादा खतरनाक हैं।
शिवसेना ने भारत में अल्पसंख्यकों के मामले को लेकर आजम के संयुक्त राष्ट्र से दखल देने की अपील करने पर उनकी कड़ी आलोचना की है। 
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले उत्तरप्रदेश के मंत्री आजम खान ने यह मांग करते हुए नया विवाद छेड़ा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आतंकी संगठन घोषित किया जाए।

उन्होंने संगठन पर दंगे की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोप लगाया जिसपर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया जताई थी। खान ने कहा था कि उन्होंने (आरएसएस) कई दंगों को अंजाम दिया और कई की साजिश रची है। आरएसएस को आतंकी संगठन घोषित किया जाना चाहिए।

Thursday, December 3, 2015

एक करोड़ 80 लाख के रुपए के सालाना पैकेज

पटना के छात्र आशुतोष अग्रवाल को गूगल की ओर से एक करोड़ 80 लाख के रुपए के सालाना पैकेज का ऑफर दिया गया है। मजेदार बात यह है कि आशुतोष कंप्यूटर साइंस के फाइनल ईयर के स्टूडेंट हैं और अभी उनकी पढ़ाई पूरी नहीं हुई है।

लखनऊ के रहने वाले आशुतोष इससे पहले गूगल से इंटर्नशिप कर चुके हैं। उनका कहना है कि सेलेक्शन के लिए कई टेलीफोन राउंड से गुजरना पड़ा। गूगल में इंटर्नशिप की वजह से जॉब मिलने में आसानी हुई। आशुतोष का कहना है कि इसके लिए दो टेलीफोनिक राउंड हुए। उसके बाद कई स्तरों पर टेस्ट लिया गया।

Monday, November 30, 2015

संविधान की शपथ दिलाने अपील

शिवसेना ने आज अपने मुखपत्र सामना के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शपथ के लिए पवित्र धार्मिक गंथ्रों की जगह संविधान की शपथ दिलाने अपील की है कि ताकि देश को धर्म के आधार पर हो रही राजनीति से ऊपर उठाया जा सके।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा हैकि दिवंगत बाला साहेब ठाकरे का मानना था कि कानून में सभी धर्म समान हैं। इसलिए संविधान सभी धर्म के लोगों के लिए धार्मिक पुस्तक होनी चाहिए।
सामना ने अपने संपादकीय में लिखा है कि सभी लोगों के लिए कानून एक समान है लेकिन संविधान कानून से भी ऊपर है। इसलिए अदालतों में भी धार्मिक गंथ्रों की बजाय संविधान की शपथ दिलानी चाहिए।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को बदलना के बारे में सोचना आत्मघाती है। प्रधानमंत्री ने ये भी कहा था कि संविधान एक पवित्र किताब है।

प्रधानमंत्री के उसी बयान पर शिवसेना ने कहा कि प्रधानमंत्री को अब अपनी इस सोच को आगे बढ़ाते हुए देश को धर्म आधारित राजनीति से ऊपर लाने की कोशिश करनी चाहिए।

Friday, November 27, 2015

'संविधान दिवस

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से देश में पहली बार 26 नवंबर गुरुवार को 'संविधान दिवस' के रूप में मनाया गया। देश की नई पीढ़ी को संविधान से रूबरू कराने के लिए इस दिन स्कूलों में तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों की कड़ी में सबसे पहले प्रार्थना के समय ही छात्र-छात्राओं को संविधान की प्रस्तावना पढ़ाई गई। इसके साथ ही विभिन्न स्कूलों में छात्र संसद आयोजित की गई।

गार्गी ग‌र्ल्स स्कूल में प्रधानाचार्या अनुपमा सक्सेना ने छात्राओं को संविधान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। वेस्ट एड रोड स्थित गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल में आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम में प्रधानाचार्य कपिल सूद ने छात्रों को संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी के संस्थापक डा. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य लोगों के बारे में बताया। केंद्रीय विद्यालय सिख लाइंस में आयोजित युवा संसद में विपक्षी सांसदों ने महंगाई, सुरक्षा, आतंकवाद, विदेश नीति तथा शिक्षा नीति जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश की। सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्य प्रेम मेहता ने जानकारी दी। राधा गोविंद पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्या विनीता गुप्ता ने बच्चों को संविधान की जानकारी दी। जसवंत मिल्स इंटर कालेज में आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम में प्रधानाचार्य डा. राजेश अग्रवाल ने छात्रों को संविधान की उपयोगिता के बारे में बताया।

Monday, November 16, 2015

सभी लोग कानून का समान रूप से पालन करें

शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' ने अपने संपादकीय में पेरिस में हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए भारत सरकार को आतंकवाद के खिलाफ खुद से कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। संपादकीय में पश्चिमी देशों पर आतंकवाद को लेकर दोहरा नजरिया अपनाने पर सामना में तीखी टिप्‍पणी की गई है। इसमें लिखा है कि जबतक अपनी कुर्सी के नीचे धमाका नहीं होता है तब तक वह हिंदुस्‍तान की तड़प महसूस नहीं कर सकते हैं। सामना के मुताबिक पश्चिमी देश अपनी तरह से आतंकवाद से लड़ते हैं और यही भारत को भी सीखना होगा। इसमें कहा गया है कि आतंकवाद की घटनाओं पर जब पाकिस्‍तान टिप्‍पणी करता है तो यह बेहद हास्‍यास्‍पद लगता है क्‍योंकि वह 'आतंकवाद की बहुराष्‍ट्रीय कंपनी' है।
सामना में कहा गया है कि फ्रांस ने जब अपने यहां पर बुर्का बैन किया था तभी उसको परिणाम भुगतने की धमकी मिलनी शुरू हो गई थी। लेकिन वह इसके आगे नहीं झुका। इसका मकसद साफ था कि वह चाहता है कि फ्रांस में रहने वाले सभी लोग कानून का समान रूप से पालन करें, फिर चाहे वह किसी भी धर्म से संबंध क्‍यों न रखता हो। लेकिन भारत में ऐसा नहीं है। एक तरफ जहां फ्रांस वहां पर लगातार बढ़ रही म‍ुस्लिम आबादी से चिंतित दिखाई देता है वहीं भारत इससे कोई सबक नहीं लेता है। संपादकीय में कहा गया है कि भारत हमेशा से ही इस बढ़ती आबादी के सामने झुकने के लिए तैयार रहा है।
सामना में आईएस की उत्‍पत्ति के पीछे अमेरिका को बताया गया है। पत्र लिखता है कि अमेरिका ने अपने स्‍वार्थ की खातिर इराक को तबाह कर दिया और सद्दाम हुसैन को खत्‍म कर दिया। इसमें फ्रांस ने भी उसका साथ दिया। इसके फलस्‍वरूप वहां पर अराजकता का माहौल बना और आईएस का भूत पैदा हुआ जो आज यूरोप पर हमले कर रहा है। संपादकीय में लिखा है कि इस पाप में फ्रांस समान रूप से भागीदार है। क्‍योंकि सद्दाम के पतन के बाद ही उसके आसपास के देशों में अराजकता का माहौल पैदा हुआ। अब वही आतंकवाद यूरोपीय देशों के लिए संकट बन गया है।

पत्र में कहा गया है कि भारत के कश्‍मीर में भी आईएस दस्‍तक दे चुका है। पिछले दिनों वहां पर खुलेआम आईएस के झंडे दिखाए गए और प्रदर्शन किया गया। सामना में आईए को पूरी दुनिया के लिए खतरा बताया है। इसमें कहा गया है इन्‍होंने फ्रांस की जमीन को खून से लाल कर दिया है। अब इससे सबक सीखने की जरूरत है। संपादकीय में कहा गया है अब जरूरत है कि आतंकवाद की जड़ों को खत्‍म करने के लिए उनपर कड़ा प्रहार किया जाए।