हमारे सभी पाठकों को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक
शुभकामनायें
Friday, September 4, 2015
Tuesday, September 1, 2015
जहां पानी की चोरी होती है
चोर कुछ भी चुरा सकता है। लेकिन क्या पानी चुराने के लिए किसी घर में कभी
चोरी हो सकती है। शायद नहीं। लेकिन महाराष्ट्र में एक ऐसा शहर है, जहां
पानी की चोरी होती है। लातून जिले में ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां
लोग पीने के पानी की चोरी करते हैं। दरअसल इस शहर में पानी की घोर किल्लत है।
ऐसे में जिनके घरों में पानी रहता है, वो इसे ताले के पीछे
सुरक्षित रखते हैं। क्योंकि ऐसे घर बाल्टीधारी चोरों के निशाने पर होते हैं। ये
चोर बाल्टी लेकर घरों में चुपके से घुसते हैं और पानी चुराकर भाग जाते हैं।
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और लातूर जिले में पानी की घोर किल्लत है। यही वजह है
कि यहां सोने-चांदी से भी ज्यादा कीमती चीज अगर कोई है, तो
वो हैं पानी।
Wednesday, August 26, 2015
स्वच्छ भारत अभियान
साथियों
स्वच्छ
भारत अभियान हम सभी का अभियान हो, ऐसी कामनाएं .
हम
सब मिलकर अपने आस पास गंदगी न होने दें ।
Monday, August 24, 2015
एशिया के कई शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली
चीन की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंताओं के मद्देनजर एशिया के कई शेयर
बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी
गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई गिरावट से
भारत को फायदा हो सकता है। भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी गिरावट आ
सकती है। हालांकि एक्सपर्ट्स इसे ग्लोबल मंदी के नजरिए से देख रहे हैं।
शंघाई के मुख्य शेयर सूचकांक ने खुलने के साथ 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की, वहीं तोक्यो और हांगकांग के बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
आइरन ओर माइनर फोर्टस्क्यू के वार्षिक मुनाफे को 90 प्रतिशत की चोट पहुंचते ही ऑस्ट्रेलियन डॉलर भी फिसल गया।
एशिया में सबसे बड़ा पहलू है तेल की कीमत। इसका सबसे बड़ा व्यापार है व इससे जुड़ा छोटे से छोटा पहलू बाजार पर असर डालता है। चीन के 'तूफान' से क्रूड की कीमतों में भी ऐतिहासिक गिरावट आ रही है।
ब्रेंट ने सोमवार को 6 साल की सबसे निचली गिरावट दर्ज की। यूएस वेस्ट टेक्सस ने 40 डॉलर प्रति बैरल जबकि ब्रेंट 45 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया।
बाजार चीन की धीमी आर्थिक वृद्धि और चीन में फैक्ट्री उत्पादन गिरने को लेकर चिंतित है।
मार्केट एक्सपर्ट्स अतुल सूरी का मानना है कि अमेरिकी बाजारों में शुक्रवार को आई भारी गिरावट के बाद निफ्टी 8000 के स्तर को तोड़ सकता है। वहीं, चुनिंदा शेयरों में 5-10 फीसदी की गिरावट देखी जा सकती है।
इसी के साथ वह एक अहम बात कहते हैं कि ग्लोबल मंदी के आसार नहीं हैं और ग्लोबल बाजार में कमोडिटी की कीमतें नीचे आने से भारत को फायदा होगा।
अतुल के मुताबिक अमेरिका और दुनिया के बाजारों में गिरावट का असर भारत पर भी दिखेगा, लेकिन भारत दुनिया के दूसरे बाजारों से बेहतर स्थिति में रहेगा। भारत के बाजार सबसे पहले रिकवरी दिखाएंगे।
शंघाई के मुख्य शेयर सूचकांक ने खुलने के साथ 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की, वहीं तोक्यो और हांगकांग के बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
आइरन ओर माइनर फोर्टस्क्यू के वार्षिक मुनाफे को 90 प्रतिशत की चोट पहुंचते ही ऑस्ट्रेलियन डॉलर भी फिसल गया।
एशिया में सबसे बड़ा पहलू है तेल की कीमत। इसका सबसे बड़ा व्यापार है व इससे जुड़ा छोटे से छोटा पहलू बाजार पर असर डालता है। चीन के 'तूफान' से क्रूड की कीमतों में भी ऐतिहासिक गिरावट आ रही है।
ब्रेंट ने सोमवार को 6 साल की सबसे निचली गिरावट दर्ज की। यूएस वेस्ट टेक्सस ने 40 डॉलर प्रति बैरल जबकि ब्रेंट 45 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया।
बाजार चीन की धीमी आर्थिक वृद्धि और चीन में फैक्ट्री उत्पादन गिरने को लेकर चिंतित है।
मार्केट एक्सपर्ट्स अतुल सूरी का मानना है कि अमेरिकी बाजारों में शुक्रवार को आई भारी गिरावट के बाद निफ्टी 8000 के स्तर को तोड़ सकता है। वहीं, चुनिंदा शेयरों में 5-10 फीसदी की गिरावट देखी जा सकती है।
इसी के साथ वह एक अहम बात कहते हैं कि ग्लोबल मंदी के आसार नहीं हैं और ग्लोबल बाजार में कमोडिटी की कीमतें नीचे आने से भारत को फायदा होगा।
अतुल के मुताबिक अमेरिका और दुनिया के बाजारों में गिरावट का असर भारत पर भी दिखेगा, लेकिन भारत दुनिया के दूसरे बाजारों से बेहतर स्थिति में रहेगा। भारत के बाजार सबसे पहले रिकवरी दिखाएंगे।
Friday, August 14, 2015
स्वंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें
स्वंत्रता
दिवस की पूर्व संध्या पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें
Thursday, August 13, 2015
आतंकी मुस्लिम महिलाओं की लोकप्रिय ड्रेस बुरके में
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किश्तवाड़ टाउन से बुधवार को
लश्कर-ए-तैयबा के दो संदिग्ध आतंकियों को अरेस्ट किया है। एक आतंकी मुस्लिम
महिलाओं की लोकप्रिय ड्रेस बुरके में था। इन दोनों की पहचान जमाल दीन और अब्दुल
करीम के रूप में हुई है। ये दोनों भाई हैं और केशवान ठकरई के रहने वाले हैं।
सूत्रों का कहना है कि इन्हें चोवघाम ग्राउंड से अरेस्ट किया गया है। यही पर
स्वतंत्रता दिवस की परेड होने वाली है। ये दोनों उस इलाके की रेकी करने आए थे।
दोनों गिरफ्तार आतंकी लश्कर आतंकी हबीब गुज्जर के भाई हैं। 2011 सुरक्षा बलों के जॉइंट ऑपरेशन में हबीब गुज्जर मारा गया था। जमाल को इससे पहले भी पुलिस ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर अरेस्ट किया था लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि जमाल को जब गिरफ्तार किया गया तब वह बुरके में था।
यहां तक कि उसने महिलाओं के जूते पहन रखे थे। लेकिन चोवघान ग्राउंड में सतर्क पुलिस वालों को इसकी गतिविधियों पर शक हुआ। पुलिस पहले से ही स्वतंत्रता दिवस को लेकर जमाल पर नजर रख रही थी। उधमपुर जिले में बीएसएफ के दल पर आतंकी हमले को लेकर पुलिस काफी सतर्कता बरत रही है। पुलिस को लश्कर की गतिविधियों को लेकर संदेश मिला था। मंगलवार को पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया था। पुलिस को खबर थी कि आतंकियों ने कलाकोटे इलाके से एक ग्रामीण को अगवा किया है। हालांकि बाद में यह सूचना गलत साबित हुई। गायब ग्रामीण शाम तक खुद ही घर लौट आया था। इसके बावजूद पुलिस कई स्थानों पर बेहद चौकसी बरत रही थी।
दोनों गिरफ्तार आतंकी लश्कर आतंकी हबीब गुज्जर के भाई हैं। 2011 सुरक्षा बलों के जॉइंट ऑपरेशन में हबीब गुज्जर मारा गया था। जमाल को इससे पहले भी पुलिस ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर अरेस्ट किया था लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि जमाल को जब गिरफ्तार किया गया तब वह बुरके में था।
यहां तक कि उसने महिलाओं के जूते पहन रखे थे। लेकिन चोवघान ग्राउंड में सतर्क पुलिस वालों को इसकी गतिविधियों पर शक हुआ। पुलिस पहले से ही स्वतंत्रता दिवस को लेकर जमाल पर नजर रख रही थी। उधमपुर जिले में बीएसएफ के दल पर आतंकी हमले को लेकर पुलिस काफी सतर्कता बरत रही है। पुलिस को लश्कर की गतिविधियों को लेकर संदेश मिला था। मंगलवार को पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया था। पुलिस को खबर थी कि आतंकियों ने कलाकोटे इलाके से एक ग्रामीण को अगवा किया है। हालांकि बाद में यह सूचना गलत साबित हुई। गायब ग्रामीण शाम तक खुद ही घर लौट आया था। इसके बावजूद पुलिस कई स्थानों पर बेहद चौकसी बरत रही थी।
Monday, August 10, 2015
प्राथमिक उपचार का तरीका
6ठी में
पढ़ने वाली शुबद्रा बालशी को जब एक कोबरा ने काटा तो उसने बहुत शांत होकर अपनी बहन
से अपने पैर एक एक पट्टी बांधने को कहा ताकि जहर का फैलना कम किया जा सके। इसके
बाद शुबद्रा के माता-पिता उसे अस्पताल लेकर गए।
12 साल की शुबद्रा को जब
कोबरा ने काटा तब वह सो रही थी। जब शुबद्रा को पता चला कि उसे सांप ने काट लिया है, तो उसने
बिना घबराए अपनी बहन से अपने दाहिने पांव पर पट्टी बांधने को कहा। यह प्राथमिक
उपचार का वह तरीका था जो कुछ ही सप्ताह पहले शुबद्रा ने क्लास में पढ़ते हुए सीखा
था।
कक्षा 6 में पढ़ने वाली शुबद्रा और उसकी कक्षा के बाकी छात्रों को टीचर ने सांप द्वारा काट लिए जाने की स्थिति में प्राथमिक उपचार का तरीका बताया था। शुबद्रा ने वही तरीका आजमाया।
शुबद्रा राजाराम बालशी मुंबई से 120 किलोमीटर दूर पालघर जिले कि ग्वाथानपाड़ा गांव में रहती है। प्राथिमक उपचार के बाद उसके माता-पिता उसे पास के सरकारी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने शुबद्रा का इलाज किया।
शुबद्रा को 4 अगस्त की सुबह सांप ने काटा था। उसे वनगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से शनिवार को छुट्टी दी गई।
शुबद्रा ने बताया कि उसकी शिक्षिका प्रतिभा कदम द्वारा सिखाए गए सबक के कारण ही वह सही तरीके से हालात का सामना कर सकी। बीती 14 जुलाई को ही प्रतिभा कादम ने अपनी क्लास के बच्चों को आपातकाल, खासकर दुघर्टना या फिर सांप द्वारा काट लिए जाने की स्थिति में क्या किया जाना चाहिए के बारे में बताया था। उन्होंने बच्चों से आपातकाल में ध्यान रखने वाली चीजें लिखकर याद करने को भी कहा था। शुबद्रा दाहानु जिला परिषद स्कूल में पढ़ती है।
शुबद्रा के पिता राजाराम बालशी बताते हैं कि 4 अगस्त को तड़के सुबह शुबद्रा पैर में तेज दर्द होने की बात करते हुए जगी। पहले उसने सोचा कि उसकी पालतू बिल्ली ने उसे खरोंच मार दी है, लेकिन जब उसने ध्यान से देखा तब उसे पता चला कि उसे सांप ने काटा है।
घबराने की जगह, शुबद्रा ने याद किया कि उसकी टीचर ने ऐसी हालत से निपटने के लिए क्या निर्देश दिए थे। उसने अपने पिता को जगाया और अपनी 10 साल की छोटी बहन सुमिधा से कहा कि वह उसके दाहिने पैर पर जोर से एक पट्टी बांध दे ताकि सांप का जहर तेजी से खून में ना मिल सके।
शुबद्रा को यह भी याद था कि टीचर ने बताया था कि पट्टी सांप के काटने की जगह के पास बांधना चाहिए, ना कि उसके ऊपर। राजाराम ने बताया कि जब शुबद्रा को सांप ने काटा उस समय पूरा परिवार सो रहा था। उसने सबको जगाया और बिना घबराये हुए बेहद शांत भाव से बताया कि उसे एक सांप ने काट लिया है।
राजाराम ने बताया कि पूरा परिवार यह सुनकर घबरा गया, लेकिन शुबद्रा ने उनसे कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उसने कहा कि वह जानती है कि ऐसे मौके पर क्या करना चाहिए। प्राथमिक उपचार के बाद पड़ोसियों की मदद से परिवार ने शुबद्रा को अस्पताल पहुंचाया।
वनगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रमेश मकनिकर ने शुबद्रा को सांप द्वारा काटे जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उसे सही समय पर अस्पताल लाया गया। अगर थोड़ी सी भी देर होती तो दिक्कत हो सकती थी।
वहीं, शिक्षिका कदम ने शुबद्रा की समझदारी का श्रेय लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने अपने छात्रों को एक असाइनमेंट दिया था क्योंकि मैं चाहती थी कि वह किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें। मेरे ज्यादातर छात्र पालघर के दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं और जरूरी नहीं कि ऐसी जगहों पर हमेशा सही समय पर मदद पहुंच जाए।'
कदम ने यह भी बताया कि असाइनमेंट का एक मकसद छात्रों को यह सिखाना भी था कि जरूरत पड़ने पर दूसरे लोगों की मदद किस तरह से की जा सकती है।
कक्षा 6 में पढ़ने वाली शुबद्रा और उसकी कक्षा के बाकी छात्रों को टीचर ने सांप द्वारा काट लिए जाने की स्थिति में प्राथमिक उपचार का तरीका बताया था। शुबद्रा ने वही तरीका आजमाया।
शुबद्रा राजाराम बालशी मुंबई से 120 किलोमीटर दूर पालघर जिले कि ग्वाथानपाड़ा गांव में रहती है। प्राथिमक उपचार के बाद उसके माता-पिता उसे पास के सरकारी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने शुबद्रा का इलाज किया।
शुबद्रा को 4 अगस्त की सुबह सांप ने काटा था। उसे वनगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से शनिवार को छुट्टी दी गई।
शुबद्रा ने बताया कि उसकी शिक्षिका प्रतिभा कदम द्वारा सिखाए गए सबक के कारण ही वह सही तरीके से हालात का सामना कर सकी। बीती 14 जुलाई को ही प्रतिभा कादम ने अपनी क्लास के बच्चों को आपातकाल, खासकर दुघर्टना या फिर सांप द्वारा काट लिए जाने की स्थिति में क्या किया जाना चाहिए के बारे में बताया था। उन्होंने बच्चों से आपातकाल में ध्यान रखने वाली चीजें लिखकर याद करने को भी कहा था। शुबद्रा दाहानु जिला परिषद स्कूल में पढ़ती है।
शुबद्रा के पिता राजाराम बालशी बताते हैं कि 4 अगस्त को तड़के सुबह शुबद्रा पैर में तेज दर्द होने की बात करते हुए जगी। पहले उसने सोचा कि उसकी पालतू बिल्ली ने उसे खरोंच मार दी है, लेकिन जब उसने ध्यान से देखा तब उसे पता चला कि उसे सांप ने काटा है।
घबराने की जगह, शुबद्रा ने याद किया कि उसकी टीचर ने ऐसी हालत से निपटने के लिए क्या निर्देश दिए थे। उसने अपने पिता को जगाया और अपनी 10 साल की छोटी बहन सुमिधा से कहा कि वह उसके दाहिने पैर पर जोर से एक पट्टी बांध दे ताकि सांप का जहर तेजी से खून में ना मिल सके।
शुबद्रा को यह भी याद था कि टीचर ने बताया था कि पट्टी सांप के काटने की जगह के पास बांधना चाहिए, ना कि उसके ऊपर। राजाराम ने बताया कि जब शुबद्रा को सांप ने काटा उस समय पूरा परिवार सो रहा था। उसने सबको जगाया और बिना घबराये हुए बेहद शांत भाव से बताया कि उसे एक सांप ने काट लिया है।
राजाराम ने बताया कि पूरा परिवार यह सुनकर घबरा गया, लेकिन शुबद्रा ने उनसे कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उसने कहा कि वह जानती है कि ऐसे मौके पर क्या करना चाहिए। प्राथमिक उपचार के बाद पड़ोसियों की मदद से परिवार ने शुबद्रा को अस्पताल पहुंचाया।
वनगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रमेश मकनिकर ने शुबद्रा को सांप द्वारा काटे जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उसे सही समय पर अस्पताल लाया गया। अगर थोड़ी सी भी देर होती तो दिक्कत हो सकती थी।
वहीं, शिक्षिका कदम ने शुबद्रा की समझदारी का श्रेय लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने अपने छात्रों को एक असाइनमेंट दिया था क्योंकि मैं चाहती थी कि वह किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें। मेरे ज्यादातर छात्र पालघर के दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं और जरूरी नहीं कि ऐसी जगहों पर हमेशा सही समय पर मदद पहुंच जाए।'
कदम ने यह भी बताया कि असाइनमेंट का एक मकसद छात्रों को यह सिखाना भी था कि जरूरत पड़ने पर दूसरे लोगों की मदद किस तरह से की जा सकती है।
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