Tuesday, November 20, 2012

अजमल आमिर कसाब के शव को यरवदा जेल में दफना दिया गया


 आतंकी अजमल आमिर कसाब के शव को यरवदा जेल में दफना दिया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने बताया कि कसाब के शव को पाकिस्तान को न सौंपकर जेल के अंदर ही दफन कर दिया गया। इससे पहले कयास लग रहे थे कि कसाब के शरीर को या तो पाकिस्तान के हवाले किया जाएगा, या ओसामा-बिन-लादेन की ही तरह पर समंदर में दफन किया जाएगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान ने जानकारी दी कि कसाब को यरवदा जेल के अंदर ही दफनाया गया है। इस बात के लिए खास इंतजाम किए गए हैं कि कसाब की कब्र की कोई पहचान न हो। मुंबई हमले के दौरान मार गिराए गए कसाब के साथियों के शवों को भी गुमनाम जगह पर दफन किया गया था। उस वक्त समस्या यह थी कि पाकिस्तान ने शव लिए नहीं और भारत में मुस्लिम धर्म गुरुओं ने अपील की थी आतंकियों को यहां न दफनाया जाए। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सुबह बताया था कि पाकिस्तान को इस बारे में एक लेटर भी भेजा गया था, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया।

कुछ लोग मांग कर रहे थे कि कसाब के शरीर को भारत में दफनाने के बजाए समंदर में दफन कर दिया जाए। आशंका थी कि अगर कसाब को भारत में दफन किया जाता है, तो कट्टरपंथी और राष्ट्र विरोधी लोग उसे हीरो बना सकते हैं। इसी तरह की आशंका के डर से अमेरिका ने 9/11 के गुनहगार ओसामा बिना लादेन को मार गिराने के बाद उसकी डेड बॉडी को समंदर में दफन कर दिया था। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कसाब के शरीर को जेल में दफनाने का फैसला किया, ताकि वहां कोई पहुंच न सके।

Sunday, November 11, 2012

हार्दिक शुभकामनायें



विकास पाठ  के पाठकों को दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें

Tuesday, November 6, 2012

टेलिकॉम इंडस्ट्री के लिए आने वाले दिन काफी अहम


 मोबाइल कंस्यूमर्स और टेलिकॉम इंडस्ट्री के लिए आने वाले दिन काफी अहम होने वाले हैं। ये फैसले तय करेंगे कि भविष्य में उन्हें कौन सी नई सुविधा मिल सकती है या कहां कठिनाई हो सकती है।

इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, नब्बे के दशक में देश में मोबाइल क्रांति आने के बाद पहली बार यह सेक्टर बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसका असर मोबाइल उपभोक्ताओं पर भी पड़ना तय है। अभी देश में तकरीबन 91 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया भर में सबसे सस्ती सेवा पाने वाले देशों में शामिल है।

Wednesday, October 31, 2012

मुंबई - ट्रांस हार्बर लिंक - आगेबढ़ाने की दिशा में एक और सकारात्मक कदम


 देश के सबसे बड़े 22 किमी का समुद्री संपर्कमार्ग मुंबई - ट्रांस हार्बर लिंक ( एमटीएचएल ) का काम आगेबढ़ाने की दिशा में एक और सकारात्मक कदम उठाया गया है।वह कि अब केंद्र सरकार इस परियोजना में आने वाले लागतकी 20 फीसदी रकम खर्च करने को तैयार हो गया है। चूंकिअभी हाल ही में इस प्रॉजेक्ट की लागत 8,800 करोड़ सेबढ़ाकर 9,600 करोड़ कर दी गई थी , अत : अब केंद्र सरकारने इस प्रॉजेक्ट पर 1,920 रुपये खर्च करने की हामी भर दीहै। इसका फैसला केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने दिल्ली में मंगलवारको लिया। इस प्रॉजेक्ट की नोडल एजेंसी एमएमआरडीए के कमिश्नर राहुल अस्थाना ने प्रॉजेक्ट के डिटेल्स कीब्रीफिंग वित्त मंत्रालय द्वारा गठित इंपॉवर्ड कमिटी के अधिकारियों को की। चूंकि इस पूरे प्रॉजेक्ट का 20 प्रतिशतखर्च राज्य सरकार ही अदा करने वाली है , अत : बाकी का 60 प्रतिशत रकम उस कंपनी को वहन करना होगा ,जो इसका टेंडर हथियाएगी। 

इस प्रॉजेक्ट के लिए एक अच्छी खबर यह भी है कि अब इसे वन और पर्यावरण मंत्रालय से भी हरी झंडी मिलगई है और इस परियोजना पर जनवरी , 2013 से काम शुरू होने की संभावना है। जब यह ब्रिज 2017 तकबनकर पूरा हो जाएगा तो यह मुंबई में राजीव गांधी बांद्रा - वर्ली सी लिंक के बाद अरब सागर में यह दूसरा औरदेश का सबसे बड़ा 22 किलोमीटर लंबा पुल होगा। दक्षिण मुम्बई के शिवड़ी से शुरू होने वाला छह लेन का यहसमुद्री सम्पर्क मार्ग ठाणे क्रीक से होते हुए रायगढ़ जिले के पास स्थित न्हावा शेवा के पास चर्ली गांव में समाप्त होजाएगा। एमएमआरडीए के एक अधिकारी के मुताबिक कवठकर ने कहा कि अगले दो - तीन महीनों में जरूरीऔपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद हमें आशा है कि जनवरी , 2013 से इस पर काम शुरू हो जाएगा। फिलहालशिवडी - न्हावा शेवा लिंक परियोजना के लिए टेंडर मंगाए जा चुके हैं और पांच कंपनियों को शार्ट लिस्ट भीकिया गया है। ज्यादा संभावना है कि अगले महीने तक इन कंपनियों से प्रॅपोजल मंगा लिया जाएगा।

Sunday, October 21, 2012

दो नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा


ठाणे से पनवेल के बीच चलने वाली ट्रांस-हार्बर लिंक रूट पर दिघा और बोनकोड़े के रूप में दो नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इनके बनने से दो से तीन लाख यात्रियों को फायदा होगा। केंद्रीय रेलवे बोर्ड ने सैद्धांतिक रुप ले इसकी मंजूरी दे दी है।

ठाणे के सांसद डॉ. संजीव नाईक से मिली जानकारी के अनुसार ठाणे से वाशी होकर पनवेल तक जाने वाले ट्रांस हार्बर लिंक रूट पर दिघा व बोनकोड़े स्टेशनों की मंजूरी इसी 18 अक्टूबर को रेलवे के मुख्य प्रबंधक सुबोध कुमार के साथ हुई बैठक में घोषित की गई। इस बैठक में छहों सांसदों समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

Friday, October 12, 2012

हमारी भाषा खो गई तो सब कुछ खो जा जाएगा


सार्क देशों का भाषा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काफी सुनहरा भविष्य है। कंप्यूटिंग टेक्नॉलजी में लोगों की रुचि काफी बढ़ी है। पीसी और इंटरनेट का तेजी से विस्तार आफिस तक ही सीमित नहीं। यह घर-घर तक पहुंच चुका है। लोगों में आगे बढ़ने और नई तकनीक अपनाने की ललक दिखाई देती है। मुझे विश्वास है कि निरंतर विकास करती हमारी टेक्नॉलजी सार्क देशों को अपनी भाषा के प्रसार के लिए नई दिशा प्रदान करती रहेगी। इस स्थिति को और विकसित करने एवं बढ़ाने की आवश्यकता है। सार्क देशों में कंप्यूटर और उसके प्रयोग की असीम संभावनाएं हैं। बहुत सारी पुस्तकें, पत्रिकाएं ऑडियो प्रशिक्षण सामग्री तथा प्रशिक्षण केंद्र का विस्तार किया जाना चाहिए

Monday, October 8, 2012

15 डिब्बों की 16 सर्वि


यात्रियों की बढ़ती हुई भीड़ और मांग के बाद सेंट्रल रेलवे 15 अक्टूबर से पहली बार 15 डिब्बों की 16 सर्विस चलाएगी। इसके साथ ही सेंट्रल रेलवे की मेन लाइन पर चलने वाली लोकल सर्विस की संख्या 785 से 803 हो जाएगी। 

सभी 15 डिब्बों की सर्विस फास्ट लोकल होंगी। इन बढ़ाई गई सर्विस में से पीक ऑवर्स में पांच सर्विस चलाई जाएंगी। इसके अलावा सेंट्रल रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली 206 फास्ट लोकल सेवाओं की संख्या बढ़ाकर 233 कर दी जाएगी।