स्वंत्रता
दिवस की पूर्व संध्या पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें
Friday, August 14, 2015
Thursday, August 13, 2015
आतंकी मुस्लिम महिलाओं की लोकप्रिय ड्रेस बुरके में
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किश्तवाड़ टाउन से बुधवार को
लश्कर-ए-तैयबा के दो संदिग्ध आतंकियों को अरेस्ट किया है। एक आतंकी मुस्लिम
महिलाओं की लोकप्रिय ड्रेस बुरके में था। इन दोनों की पहचान जमाल दीन और अब्दुल
करीम के रूप में हुई है। ये दोनों भाई हैं और केशवान ठकरई के रहने वाले हैं।
सूत्रों का कहना है कि इन्हें चोवघाम ग्राउंड से अरेस्ट किया गया है। यही पर
स्वतंत्रता दिवस की परेड होने वाली है। ये दोनों उस इलाके की रेकी करने आए थे।
दोनों गिरफ्तार आतंकी लश्कर आतंकी हबीब गुज्जर के भाई हैं। 2011 सुरक्षा बलों के जॉइंट ऑपरेशन में हबीब गुज्जर मारा गया था। जमाल को इससे पहले भी पुलिस ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर अरेस्ट किया था लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि जमाल को जब गिरफ्तार किया गया तब वह बुरके में था।
यहां तक कि उसने महिलाओं के जूते पहन रखे थे। लेकिन चोवघान ग्राउंड में सतर्क पुलिस वालों को इसकी गतिविधियों पर शक हुआ। पुलिस पहले से ही स्वतंत्रता दिवस को लेकर जमाल पर नजर रख रही थी। उधमपुर जिले में बीएसएफ के दल पर आतंकी हमले को लेकर पुलिस काफी सतर्कता बरत रही है। पुलिस को लश्कर की गतिविधियों को लेकर संदेश मिला था। मंगलवार को पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया था। पुलिस को खबर थी कि आतंकियों ने कलाकोटे इलाके से एक ग्रामीण को अगवा किया है। हालांकि बाद में यह सूचना गलत साबित हुई। गायब ग्रामीण शाम तक खुद ही घर लौट आया था। इसके बावजूद पुलिस कई स्थानों पर बेहद चौकसी बरत रही थी।
दोनों गिरफ्तार आतंकी लश्कर आतंकी हबीब गुज्जर के भाई हैं। 2011 सुरक्षा बलों के जॉइंट ऑपरेशन में हबीब गुज्जर मारा गया था। जमाल को इससे पहले भी पुलिस ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर अरेस्ट किया था लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि जमाल को जब गिरफ्तार किया गया तब वह बुरके में था।
यहां तक कि उसने महिलाओं के जूते पहन रखे थे। लेकिन चोवघान ग्राउंड में सतर्क पुलिस वालों को इसकी गतिविधियों पर शक हुआ। पुलिस पहले से ही स्वतंत्रता दिवस को लेकर जमाल पर नजर रख रही थी। उधमपुर जिले में बीएसएफ के दल पर आतंकी हमले को लेकर पुलिस काफी सतर्कता बरत रही है। पुलिस को लश्कर की गतिविधियों को लेकर संदेश मिला था। मंगलवार को पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया था। पुलिस को खबर थी कि आतंकियों ने कलाकोटे इलाके से एक ग्रामीण को अगवा किया है। हालांकि बाद में यह सूचना गलत साबित हुई। गायब ग्रामीण शाम तक खुद ही घर लौट आया था। इसके बावजूद पुलिस कई स्थानों पर बेहद चौकसी बरत रही थी।
Monday, August 10, 2015
प्राथमिक उपचार का तरीका
6ठी में
पढ़ने वाली शुबद्रा बालशी को जब एक कोबरा ने काटा तो उसने बहुत शांत होकर अपनी बहन
से अपने पैर एक एक पट्टी बांधने को कहा ताकि जहर का फैलना कम किया जा सके। इसके
बाद शुबद्रा के माता-पिता उसे अस्पताल लेकर गए।
12 साल की शुबद्रा को जब
कोबरा ने काटा तब वह सो रही थी। जब शुबद्रा को पता चला कि उसे सांप ने काट लिया है, तो उसने
बिना घबराए अपनी बहन से अपने दाहिने पांव पर पट्टी बांधने को कहा। यह प्राथमिक
उपचार का वह तरीका था जो कुछ ही सप्ताह पहले शुबद्रा ने क्लास में पढ़ते हुए सीखा
था।
कक्षा 6 में पढ़ने वाली शुबद्रा और उसकी कक्षा के बाकी छात्रों को टीचर ने सांप द्वारा काट लिए जाने की स्थिति में प्राथमिक उपचार का तरीका बताया था। शुबद्रा ने वही तरीका आजमाया।
शुबद्रा राजाराम बालशी मुंबई से 120 किलोमीटर दूर पालघर जिले कि ग्वाथानपाड़ा गांव में रहती है। प्राथिमक उपचार के बाद उसके माता-पिता उसे पास के सरकारी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने शुबद्रा का इलाज किया।
शुबद्रा को 4 अगस्त की सुबह सांप ने काटा था। उसे वनगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से शनिवार को छुट्टी दी गई।
शुबद्रा ने बताया कि उसकी शिक्षिका प्रतिभा कदम द्वारा सिखाए गए सबक के कारण ही वह सही तरीके से हालात का सामना कर सकी। बीती 14 जुलाई को ही प्रतिभा कादम ने अपनी क्लास के बच्चों को आपातकाल, खासकर दुघर्टना या फिर सांप द्वारा काट लिए जाने की स्थिति में क्या किया जाना चाहिए के बारे में बताया था। उन्होंने बच्चों से आपातकाल में ध्यान रखने वाली चीजें लिखकर याद करने को भी कहा था। शुबद्रा दाहानु जिला परिषद स्कूल में पढ़ती है।
शुबद्रा के पिता राजाराम बालशी बताते हैं कि 4 अगस्त को तड़के सुबह शुबद्रा पैर में तेज दर्द होने की बात करते हुए जगी। पहले उसने सोचा कि उसकी पालतू बिल्ली ने उसे खरोंच मार दी है, लेकिन जब उसने ध्यान से देखा तब उसे पता चला कि उसे सांप ने काटा है।
घबराने की जगह, शुबद्रा ने याद किया कि उसकी टीचर ने ऐसी हालत से निपटने के लिए क्या निर्देश दिए थे। उसने अपने पिता को जगाया और अपनी 10 साल की छोटी बहन सुमिधा से कहा कि वह उसके दाहिने पैर पर जोर से एक पट्टी बांध दे ताकि सांप का जहर तेजी से खून में ना मिल सके।
शुबद्रा को यह भी याद था कि टीचर ने बताया था कि पट्टी सांप के काटने की जगह के पास बांधना चाहिए, ना कि उसके ऊपर। राजाराम ने बताया कि जब शुबद्रा को सांप ने काटा उस समय पूरा परिवार सो रहा था। उसने सबको जगाया और बिना घबराये हुए बेहद शांत भाव से बताया कि उसे एक सांप ने काट लिया है।
राजाराम ने बताया कि पूरा परिवार यह सुनकर घबरा गया, लेकिन शुबद्रा ने उनसे कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उसने कहा कि वह जानती है कि ऐसे मौके पर क्या करना चाहिए। प्राथमिक उपचार के बाद पड़ोसियों की मदद से परिवार ने शुबद्रा को अस्पताल पहुंचाया।
वनगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रमेश मकनिकर ने शुबद्रा को सांप द्वारा काटे जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उसे सही समय पर अस्पताल लाया गया। अगर थोड़ी सी भी देर होती तो दिक्कत हो सकती थी।
वहीं, शिक्षिका कदम ने शुबद्रा की समझदारी का श्रेय लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने अपने छात्रों को एक असाइनमेंट दिया था क्योंकि मैं चाहती थी कि वह किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें। मेरे ज्यादातर छात्र पालघर के दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं और जरूरी नहीं कि ऐसी जगहों पर हमेशा सही समय पर मदद पहुंच जाए।'
कदम ने यह भी बताया कि असाइनमेंट का एक मकसद छात्रों को यह सिखाना भी था कि जरूरत पड़ने पर दूसरे लोगों की मदद किस तरह से की जा सकती है।
कक्षा 6 में पढ़ने वाली शुबद्रा और उसकी कक्षा के बाकी छात्रों को टीचर ने सांप द्वारा काट लिए जाने की स्थिति में प्राथमिक उपचार का तरीका बताया था। शुबद्रा ने वही तरीका आजमाया।
शुबद्रा राजाराम बालशी मुंबई से 120 किलोमीटर दूर पालघर जिले कि ग्वाथानपाड़ा गांव में रहती है। प्राथिमक उपचार के बाद उसके माता-पिता उसे पास के सरकारी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने शुबद्रा का इलाज किया।
शुबद्रा को 4 अगस्त की सुबह सांप ने काटा था। उसे वनगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से शनिवार को छुट्टी दी गई।
शुबद्रा ने बताया कि उसकी शिक्षिका प्रतिभा कदम द्वारा सिखाए गए सबक के कारण ही वह सही तरीके से हालात का सामना कर सकी। बीती 14 जुलाई को ही प्रतिभा कादम ने अपनी क्लास के बच्चों को आपातकाल, खासकर दुघर्टना या फिर सांप द्वारा काट लिए जाने की स्थिति में क्या किया जाना चाहिए के बारे में बताया था। उन्होंने बच्चों से आपातकाल में ध्यान रखने वाली चीजें लिखकर याद करने को भी कहा था। शुबद्रा दाहानु जिला परिषद स्कूल में पढ़ती है।
शुबद्रा के पिता राजाराम बालशी बताते हैं कि 4 अगस्त को तड़के सुबह शुबद्रा पैर में तेज दर्द होने की बात करते हुए जगी। पहले उसने सोचा कि उसकी पालतू बिल्ली ने उसे खरोंच मार दी है, लेकिन जब उसने ध्यान से देखा तब उसे पता चला कि उसे सांप ने काटा है।
घबराने की जगह, शुबद्रा ने याद किया कि उसकी टीचर ने ऐसी हालत से निपटने के लिए क्या निर्देश दिए थे। उसने अपने पिता को जगाया और अपनी 10 साल की छोटी बहन सुमिधा से कहा कि वह उसके दाहिने पैर पर जोर से एक पट्टी बांध दे ताकि सांप का जहर तेजी से खून में ना मिल सके।
शुबद्रा को यह भी याद था कि टीचर ने बताया था कि पट्टी सांप के काटने की जगह के पास बांधना चाहिए, ना कि उसके ऊपर। राजाराम ने बताया कि जब शुबद्रा को सांप ने काटा उस समय पूरा परिवार सो रहा था। उसने सबको जगाया और बिना घबराये हुए बेहद शांत भाव से बताया कि उसे एक सांप ने काट लिया है।
राजाराम ने बताया कि पूरा परिवार यह सुनकर घबरा गया, लेकिन शुबद्रा ने उनसे कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उसने कहा कि वह जानती है कि ऐसे मौके पर क्या करना चाहिए। प्राथमिक उपचार के बाद पड़ोसियों की मदद से परिवार ने शुबद्रा को अस्पताल पहुंचाया।
वनगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रमेश मकनिकर ने शुबद्रा को सांप द्वारा काटे जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उसे सही समय पर अस्पताल लाया गया। अगर थोड़ी सी भी देर होती तो दिक्कत हो सकती थी।
वहीं, शिक्षिका कदम ने शुबद्रा की समझदारी का श्रेय लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने अपने छात्रों को एक असाइनमेंट दिया था क्योंकि मैं चाहती थी कि वह किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें। मेरे ज्यादातर छात्र पालघर के दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं और जरूरी नहीं कि ऐसी जगहों पर हमेशा सही समय पर मदद पहुंच जाए।'
कदम ने यह भी बताया कि असाइनमेंट का एक मकसद छात्रों को यह सिखाना भी था कि जरूरत पड़ने पर दूसरे लोगों की मदद किस तरह से की जा सकती है।
Wednesday, August 5, 2015
बहन का जीन्स-टी शर्ट पहनना- मौत
अपनी 17 साल की बहन
का जीन्स-टी शर्ट पहनना और लड़कों से बात करना उसके 19 साल के भाई
को इतना नागवार गुजरा कि उसने बहन की जमकर पिटाई कर दी। सोमवार रात को हुई इस घटना
के बाद लड़की को गहरी चोटें आई। चोट के कारण ही उसकी मौत भी हो गई।
ओंकार सुनील लाड नाम के युवक को हालांकि गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस एक घटना से समाज में महिलाओं की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता का नाम ऐश्वर्या था। उसके भाई सुनील को शक था कि ऐश्वर्या का किसी लड़के के साथ कोई प्रेम संबंध है।
लक्ष्मीपुरी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर धन्याकुमार गोडसे ने बताया कि जब ऐश्वर्या ने सुनील के आरोपों से इनकार किया तो उसे गुस्सा आ गया और उसने पहले तो ऐश्वर्या को एक लकड़ी के डंडे से और फिर परदे के डंडे से मारा। ऐश्वर्या के सिर पर गहरी चोट आई और काफी खून निकलने के कारण वह बेहोश हो गई।
पुलिस ने बताया कि घटना के समय सुनील की मां गर पर ही मौजूद थीं। मां और बहन के होने का सुनील पर कोई असर नहीं पड़ता था। वह अपनी मनमर्जी करके ही मानता था। भाई-बहन के बीच की लड़ाई में जब मां ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन्हें भी हल्की चोटें आईं।
ओंकार सुनील लाड नाम के युवक को हालांकि गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस एक घटना से समाज में महिलाओं की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता का नाम ऐश्वर्या था। उसके भाई सुनील को शक था कि ऐश्वर्या का किसी लड़के के साथ कोई प्रेम संबंध है।
लक्ष्मीपुरी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर धन्याकुमार गोडसे ने बताया कि जब ऐश्वर्या ने सुनील के आरोपों से इनकार किया तो उसे गुस्सा आ गया और उसने पहले तो ऐश्वर्या को एक लकड़ी के डंडे से और फिर परदे के डंडे से मारा। ऐश्वर्या के सिर पर गहरी चोट आई और काफी खून निकलने के कारण वह बेहोश हो गई।
पुलिस ने बताया कि घटना के समय सुनील की मां गर पर ही मौजूद थीं। मां और बहन के होने का सुनील पर कोई असर नहीं पड़ता था। वह अपनी मनमर्जी करके ही मानता था। भाई-बहन के बीच की लड़ाई में जब मां ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन्हें भी हल्की चोटें आईं।
Friday, July 31, 2015
मोटापा
मोटापे की समस्या से निपटने के लिए अब तक कई तरह की दवाएं तैयार की जा चुकी
हैं। लेकिन, अब एक ऐसी दवा आने वाली है,
जो मोटापा बढ़ाने वाले तत्वों को आपके शरीर में ही नहीं
घुसने देगी । दुनिया भर
में महामारी जैसी समस्या बन चुका मोटापा इस दवा के प्रभाव से आपके शरीर से दूर ही
रहेगा। शोधकर्ताओं के मुताबिक बीते कुठ सालों में मोटापे की समस्या ने बहुत तेजी
से अपने पांव फैलाए हैं।
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने 'एमएसपी' नाम से एक ऐसी दवा तैयार करने का काम किया है, जो शरीर में फैट बढ़ाने वाले पार्टिकल्स से लड़ने का काम करेगी। कन्सास यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की ओर से तैयार यह दवा आंतों में मौजूद ऐसे पदार्थों से लड़ेगी, जो आसानी से हजम नहीं होते। इस दवा के असर से यह तत्व मल के साथ बाहर निकल जाएंगे।
मोटापे की समस्या से निजात पाने के लिए फिलहाल जो दवाएं बाजार में मौजूद हैं, उनको लेकर भी कई तरह की मुश्किलें हैं। कई बार यह मोटापा तो कम नहीं कर पातीं, बल्कि अन्य साइड इफेक्ट्स पैदा करती हैं। जिससे दिल की बीमारियां और अवसाद की समस्या भी बढ़ जाती है। इसके अलावा मोटापे की समस्या से निजात के लिए हालिया दौर में सर्जरी और व्यायाम जैसे तरीके प्रचलित हैं।
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने 'एमएसपी' नाम से एक ऐसी दवा तैयार करने का काम किया है, जो शरीर में फैट बढ़ाने वाले पार्टिकल्स से लड़ने का काम करेगी। कन्सास यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की ओर से तैयार यह दवा आंतों में मौजूद ऐसे पदार्थों से लड़ेगी, जो आसानी से हजम नहीं होते। इस दवा के असर से यह तत्व मल के साथ बाहर निकल जाएंगे।
मोटापे की समस्या से निजात पाने के लिए फिलहाल जो दवाएं बाजार में मौजूद हैं, उनको लेकर भी कई तरह की मुश्किलें हैं। कई बार यह मोटापा तो कम नहीं कर पातीं, बल्कि अन्य साइड इफेक्ट्स पैदा करती हैं। जिससे दिल की बीमारियां और अवसाद की समस्या भी बढ़ जाती है। इसके अलावा मोटापे की समस्या से निजात के लिए हालिया दौर में सर्जरी और व्यायाम जैसे तरीके प्रचलित हैं।
Tuesday, July 28, 2015
भावपूर्ण श्रद्धांजलि – शत शत नमन
पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने जिस वक्त आखिरी सांस ली
थी, उस वक्त उनके करीबी सहयोगी सृजन पाल सिंह वहीं थे।
उन्होंने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर डॉक्टर कलाम के आखिरी पलों का जिक्र किया है। हम
सृजन पाल सिंह की फेसबुक पोस्ट से उन पलों की कहानी आपके सामने रख रहे हैं:
"हम लेक्चर हॉल में गए। वह लेट नहीं होना चाहते थे। वह हमेशा कहते थे कि छात्रों से इंतजार नहीं करवाया जाना चाहिए। मैंने तुरंत उनका माइक सेट किया, लेक्चर के बारे में थोड़ा ब्रीफ किया और कंप्यूटर संभाल लिया। जैसे ही मैंने उनका माइक सेट किया, वह मुस्कुराए और बोले, 'Funny Guy! सब ठीक है न?'
जब कभी वह Funny guy कहते, इसके कई मतलब निकलते। इसका मतलब इस बात पर निर्भर करता कि उनकी टोन कैसी थी और आपने क्या अंदाजा लगाया। इसका मतलब यह हो सकता है कि तुमने बहुत बढ़िया काम किया और यह भी कि तुमने कुछ गड़बड़ कर दी है। पिछले 6 सालों में मुझे 'Funny guy' का मतलब समझ आना शुरू हो गया था। इस बार इसे समझने का आखिरी मौका था।
'Funny guy! सब ठीक है?', उन्होंने कहा। मैंने मुस्कुराते हुए कहा, 'जी हां।' ये उनके कहे आखिरी शब्द थे। मैं उनके पीछे बैठा था। उनके दो मिनट के भाषण के बाद मैंने कुछ महसूस किया कि उन्होंने कुछ ज्यादा ही लंबा ठहराव ले लिया है। जैसे ही मैंने उनकी तरफ नजर उठाई, तभी वह गिर गए।
हमने उन्हें उठाया। डॉक्टर दौड़ता हुआ आया और हमने वह सब कुछ किया, जो कर सकते थे। मैं उनकी बिल्कुल थोड़ी सी खुली आंखों का वह मंजर नहीं भूल सकता। एक हाथ से मैंने उनका सिर पकड़ा था। उनका हाथ मेरी उंगली पर भिंचा हुआ था। उनके चेहरे पर स्थितरता थी और उनकी उन खामोश आंखों से मानो ज्ञान की आभा बिखर रही थी।
उन्होंने कुछ नहीं कहा। उनके चेहरे पर दर्द का भी नामो-निशान तक नहीं था। पांच मिनट के अंदर हम नजदीकी अस्पताल में थे। कुछ ही मिनटों में उन्होंने हमें बताया कि मिसाइल मैन ने उड़ान भर ली है, हमेशा के लिए। मैंने आखिरी बार उनके चरण स्पर्श किए। अलविदा बुजुर्ग दोस्त! महान परमार्शदाता! विचारों में दर्शन करूंगा और अगले जन्म में मुलाकात।"
"हम लेक्चर हॉल में गए। वह लेट नहीं होना चाहते थे। वह हमेशा कहते थे कि छात्रों से इंतजार नहीं करवाया जाना चाहिए। मैंने तुरंत उनका माइक सेट किया, लेक्चर के बारे में थोड़ा ब्रीफ किया और कंप्यूटर संभाल लिया। जैसे ही मैंने उनका माइक सेट किया, वह मुस्कुराए और बोले, 'Funny Guy! सब ठीक है न?'
जब कभी वह Funny guy कहते, इसके कई मतलब निकलते। इसका मतलब इस बात पर निर्भर करता कि उनकी टोन कैसी थी और आपने क्या अंदाजा लगाया। इसका मतलब यह हो सकता है कि तुमने बहुत बढ़िया काम किया और यह भी कि तुमने कुछ गड़बड़ कर दी है। पिछले 6 सालों में मुझे 'Funny guy' का मतलब समझ आना शुरू हो गया था। इस बार इसे समझने का आखिरी मौका था।
'Funny guy! सब ठीक है?', उन्होंने कहा। मैंने मुस्कुराते हुए कहा, 'जी हां।' ये उनके कहे आखिरी शब्द थे। मैं उनके पीछे बैठा था। उनके दो मिनट के भाषण के बाद मैंने कुछ महसूस किया कि उन्होंने कुछ ज्यादा ही लंबा ठहराव ले लिया है। जैसे ही मैंने उनकी तरफ नजर उठाई, तभी वह गिर गए।
हमने उन्हें उठाया। डॉक्टर दौड़ता हुआ आया और हमने वह सब कुछ किया, जो कर सकते थे। मैं उनकी बिल्कुल थोड़ी सी खुली आंखों का वह मंजर नहीं भूल सकता। एक हाथ से मैंने उनका सिर पकड़ा था। उनका हाथ मेरी उंगली पर भिंचा हुआ था। उनके चेहरे पर स्थितरता थी और उनकी उन खामोश आंखों से मानो ज्ञान की आभा बिखर रही थी।
उन्होंने कुछ नहीं कहा। उनके चेहरे पर दर्द का भी नामो-निशान तक नहीं था। पांच मिनट के अंदर हम नजदीकी अस्पताल में थे। कुछ ही मिनटों में उन्होंने हमें बताया कि मिसाइल मैन ने उड़ान भर ली है, हमेशा के लिए। मैंने आखिरी बार उनके चरण स्पर्श किए। अलविदा बुजुर्ग दोस्त! महान परमार्शदाता! विचारों में दर्शन करूंगा और अगले जन्म में मुलाकात।"
हमारी ओर से उस महान हस्ती को भावपूर्ण श्रद्धांजलि –
शत शत नमन
Thursday, July 23, 2015
जरा इधर भी नजर कीजिए
एक लड़की ने चुपचाप एक स्कूल टीचर को पिछले हफ्ते चिट्ठी दी थी। यह कोई
साधारण खत नहीं था। इस खत के जरिए लड़की ने छुट्टी नहीं मांगी थी। इस हताश लड़की
ने परेशान होकर टीचर को खत लिख मदद मांगी थी। लड़की ने चिट्ठी में लिखा था कि पिता
उसके साथ रेप करता है। उसकी मां चुपचाप देखती है लेकिन कुछ करती नहीं।
टीचर ने खत पाने के बाद वाशी में एक लोकल एनजीओ से संपर्क साधा। एनजीओ ने उस विकृत माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पिछले हफ्ते आठवीं क्लास में पढ़ने वाली 13 साल की इस स्टूडेंट ने अपने टीचर को खत लिखा तो डराने वाला वाकया सामने आया। उसने लिखा था, मेरा पिता मुझसे रेप करता है और मां चुप रहती है।'
लड़की के खत को पढ़ने के बाद बुरी तरह से टूट चुके टीचर इस मामले में एक भी शब्द कहने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं। उन्होंने चिट्ठी को पढ़कर तत्काल फेंक दिया। उन्हें डर था कि उसकी चिट्ठी कोई और पढ़ सकता है। टीचर ने लोकल एनजीओ से संपर्क साधा था। एनजीओ की मदद से ही एफआईआर दर्ज की गई थी। सोमवार की रात पिता और लड़की की मां दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
पुलिस ने कहा, '45 साल के लड़की का पिता फल बेचता है। पुलिस को दिए बयान में लड़की ने कहा है, 'मां के सामने मुझसे मेरा पिता रेप करता है। रेप के बाद मेरी मां मुझे खाने के लिए कुछ दवाई देती थी। जब मैं सात साल की थी तब से ही मेरा बाप मेरे साथ रेप कर रहा है।' शिकायत के बावजूद मेरी मां ने मदद करने से इनकार कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह प्रेगनेंसी से बचने के लिए मां की तरफ से दी जाने वाली दवाई की जांच कर रही है। रेप पीड़िता की एक बड़ी बहन और एक बड़ा भाई है। इसके साथ ही पीड़िता के दो और छोटे भाई हैं। पीड़िता ने दावा किया है कि जब भाई-बहन घर पर नहीं होते थे तब पिता रेप करता था। उसने पुलिस से कहा, 'जब मेरे भाई घर पर नहीं होते थे तब पिता रेप करता था। मेरे भाई का घर पर न होना पिता के लिए रेप करने का सुरक्षित मौका होता था। मेरी मां के सामने वह घर में रेप करता रहा लेकिन मां ने मेरी कभी मदद नहीं की।' लड़की ने पुलिस से कहा कि उसने अपनी 17 साल की बहन को भी इस वाकये के बारे में बताया था।
पुलिस ने बताया कि उसकी बड़ी बहन परिवार के साथ नहीं रहती थी। लड़की ने बताया कि उसकी बड़ी बहन पर भी पिता ने यौन हमले किए थे। लड़की ने यह भी बताया कि उसने इससे पहले रेप के बारे में अपने पड़ोसियों को बताया था लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। पड़ोसियों ने कहा था कि वह खुद ही पुलिस से संपर्क साधे।
वाशी पुलिस स्टेशन के एक पुलिस ऑफिसर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया, 'कुछ एनजीओ नवी मुंबई के स्कूलों में यौन उत्पीड़न पर काउंसलिंग क्लास शुरू की थी। इसी क्लास के दौरान लड़की ने महसूस किया कि उसे अपने पैरंट्स के खिलाफ बोलना चाहिए।'
पुलिस ने इस मामले में रेप पीड़िता की मां से पूछताछ की है। मां ने अपनी बेटी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। महिला ने दावा किया कि उसे 15 दिन पहले पता चला कि उसका पति बेटी के साथ रेप करता है। महिला ने कहा कि उसने जानने के बाद अपने पति को डांटा और बेटी से अलग रहने को कहा है। फिलहाल लड़की को एनजीओं के संरक्षण में रखा गया है।
लड़की के माता-पिता के खिलाफ इंडियन पिनल कोड के सेक्शन 376(रेप), सेक्शन 5 और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रोम सेक्शुअल ऑफेंस ऐक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इस मामले अभी केवल पिता को अरेस्ट किया गया है। लड़की के पिता को थाणे कोर्ट में मंगलवार को पेश किया गया था। फिलहाल उसे गुरुवार तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस शाहजी उमा ने इस वाकये की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पिता को अरेस्ट कर लिया गया है। शाह ने कहा कि इस वारदात में मां की भूमिका की जांच की जा रही है। पीड़िता ने दावा किया है कि उसकी मां के सामने रेप होता था और वह चुप रहती थी। पीड़ित लड़की ने मां पर रेप के बाद दवाई देने का भी आरोप लगाया है।
टीचर ने खत पाने के बाद वाशी में एक लोकल एनजीओ से संपर्क साधा। एनजीओ ने उस विकृत माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पिछले हफ्ते आठवीं क्लास में पढ़ने वाली 13 साल की इस स्टूडेंट ने अपने टीचर को खत लिखा तो डराने वाला वाकया सामने आया। उसने लिखा था, मेरा पिता मुझसे रेप करता है और मां चुप रहती है।'
लड़की के खत को पढ़ने के बाद बुरी तरह से टूट चुके टीचर इस मामले में एक भी शब्द कहने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं। उन्होंने चिट्ठी को पढ़कर तत्काल फेंक दिया। उन्हें डर था कि उसकी चिट्ठी कोई और पढ़ सकता है। टीचर ने लोकल एनजीओ से संपर्क साधा था। एनजीओ की मदद से ही एफआईआर दर्ज की गई थी। सोमवार की रात पिता और लड़की की मां दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
पुलिस ने कहा, '45 साल के लड़की का पिता फल बेचता है। पुलिस को दिए बयान में लड़की ने कहा है, 'मां के सामने मुझसे मेरा पिता रेप करता है। रेप के बाद मेरी मां मुझे खाने के लिए कुछ दवाई देती थी। जब मैं सात साल की थी तब से ही मेरा बाप मेरे साथ रेप कर रहा है।' शिकायत के बावजूद मेरी मां ने मदद करने से इनकार कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह प्रेगनेंसी से बचने के लिए मां की तरफ से दी जाने वाली दवाई की जांच कर रही है। रेप पीड़िता की एक बड़ी बहन और एक बड़ा भाई है। इसके साथ ही पीड़िता के दो और छोटे भाई हैं। पीड़िता ने दावा किया है कि जब भाई-बहन घर पर नहीं होते थे तब पिता रेप करता था। उसने पुलिस से कहा, 'जब मेरे भाई घर पर नहीं होते थे तब पिता रेप करता था। मेरे भाई का घर पर न होना पिता के लिए रेप करने का सुरक्षित मौका होता था। मेरी मां के सामने वह घर में रेप करता रहा लेकिन मां ने मेरी कभी मदद नहीं की।' लड़की ने पुलिस से कहा कि उसने अपनी 17 साल की बहन को भी इस वाकये के बारे में बताया था।
पुलिस ने बताया कि उसकी बड़ी बहन परिवार के साथ नहीं रहती थी। लड़की ने बताया कि उसकी बड़ी बहन पर भी पिता ने यौन हमले किए थे। लड़की ने यह भी बताया कि उसने इससे पहले रेप के बारे में अपने पड़ोसियों को बताया था लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। पड़ोसियों ने कहा था कि वह खुद ही पुलिस से संपर्क साधे।
वाशी पुलिस स्टेशन के एक पुलिस ऑफिसर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया, 'कुछ एनजीओ नवी मुंबई के स्कूलों में यौन उत्पीड़न पर काउंसलिंग क्लास शुरू की थी। इसी क्लास के दौरान लड़की ने महसूस किया कि उसे अपने पैरंट्स के खिलाफ बोलना चाहिए।'
पुलिस ने इस मामले में रेप पीड़िता की मां से पूछताछ की है। मां ने अपनी बेटी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। महिला ने दावा किया कि उसे 15 दिन पहले पता चला कि उसका पति बेटी के साथ रेप करता है। महिला ने कहा कि उसने जानने के बाद अपने पति को डांटा और बेटी से अलग रहने को कहा है। फिलहाल लड़की को एनजीओं के संरक्षण में रखा गया है।
लड़की के माता-पिता के खिलाफ इंडियन पिनल कोड के सेक्शन 376(रेप), सेक्शन 5 और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रोम सेक्शुअल ऑफेंस ऐक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इस मामले अभी केवल पिता को अरेस्ट किया गया है। लड़की के पिता को थाणे कोर्ट में मंगलवार को पेश किया गया था। फिलहाल उसे गुरुवार तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस शाहजी उमा ने इस वाकये की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पिता को अरेस्ट कर लिया गया है। शाह ने कहा कि इस वारदात में मां की भूमिका की जांच की जा रही है। पीड़िता ने दावा किया है कि उसकी मां के सामने रेप होता था और वह चुप रहती थी। पीड़ित लड़की ने मां पर रेप के बाद दवाई देने का भी आरोप लगाया है।
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