Tuesday, June 9, 2015

ट्रेनों को रोकने के लिए लगी चेन जल्द ही हटा दी जाएगी

ट्रेन के डिब्बों पर लिखा मेसेज 'गाड़ी खड़ी करने के लिए जंजीर खींचिए' अब बीते दौर की बात बन जाएगा। आपात स्थिति में ट्रेनों को रोकने के लिए लगी चेन जल्द ही हटा दी जाएगी। बेवजह होने वाली चेन पुलिंग से निपटने के लिए रेल मंत्रालय ने ट्रेन के डिब्बों से चेन को हटाने का फैसला किया है।
रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बिना कारण चेन पुलिंग के चलते ट्रेनें अक्सर समय पर नहीं पहुंच पातीं। इस वजह से रेलवे को 3 हजार करोड़ रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ा है। बरेली के इज्जतनगर में ट्रेनों से चेनों को हटाने का काम शुरू हो गया है।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कोच में ड्राइवर और सहायक ड्राइवर के मोबाइल नंबर लिखे जाएंगे। आपात स्थिति में यात्री उन पर कॉल कर सकेंगे।
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर डिविजन के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने कहा, 'देशभर की फैक्ट्रियों में बन रहे नए कोचों में अलार्म चेन नहीं लगाई जा रही हैं। ट्रेन में ड्राइवर और सहायक ड्राइवर के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने के अलावा हर तीन डिब्बों के लिए एक कर्मचारी वॉकी-टॉकी के साथ तैनात किया जाएगा।'
केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बरेली की यात्रा के दौरान कहा कि चेन खींचकर ट्रेन रोकना उत्तर प्रदेश और बिहार की एक गंभीर समस्या है। बिना वाजिब कारण के ट्रेन रोकने की वजह से रेलवे को भारी नुकसान हुआ है। रेलवे बोर्ड की अधिसूचना में पहले ही कोचों में चेन न लगाने को कहा जा चुका है।
इज्जतनगर डिविजन के डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) चंद्र मोहन जिंदल ने कहा, 'ट्रेनों में देरी के प्रमुख कारणों में चेन पुलिंग को नकारा नहीं जा सकता। बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में चेन पुलिंग एक गंभीर समस्या है।'

Friday, May 15, 2015

आर्मी की तरफ से दिए गए चंदे को लेकर अजीब हालात

सेना प्रमुख द्वारा पिछले दिनों प्रधानमंत्री राहत कोष में आर्मी की तरफ से दिए गए चंदे को लेकर अजीब हालात पैदा हो गए हैं। सेना का कहना है कि उसने सैनिकों के वेतन से कोई चंदा नहीं दिया। ऐसे में उस चेक पर सवाल उठ रहा है, जिस पर लिखा गया था कि रकम सेना के वेतन से ली गई है।
चार महीने पहले आर्मी चीफ दलबीर सिंह सुहाग ने प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए 100 करोड़ रुपये का चेक दिया था। यह चेक उन्होंने खुद पीएम नरेंद्र मोदी को दिया था। मगर अब सेना की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सैनिकों की सैलरी से या अन्य तरीके से ऐसा कोई दान नहीं दिया गया है।

देहरादून के रहने वाले प्रभु डंडरियाल की तरफ से डाली गई आरटीआई के जवाब में आर्मी के सीपीआईओ लेफ्टिनेंट कर्नल राजीव गुलेरिया ने लिखा है, 'संबंधित एजेंसी ने सूचित किया है कि सेना के जवानों के वेतन से प्रधानमंत्री राहत कोष में कोई अनुदान नहीं दिया गया है। यह मामला अभी विचाराधीन है।'
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के ऑफिस की वेबसाइट पर डाले गए 67वें सेना दिवस समारोह की तस्वीरों में एक चेक दिख रहा था। जनरल सुहाग इस चेक को पीएम मोदी को सौंप रहे हैं। इस चेक में लिखा है, 'भारतीय सेना के सभी रैंक्स का एक दिन का वेतन।'
डंडरियाल ने अब प्रधानमंत्री कार्यालय से आरटीआई के जरिए इस चेक के बारे में जानकारी मांगी है। डंडरियाल ने कहा, 'जब 20 मार्च तक दान के लिए वेतन से कुछ नहीं लिया गया था, तो आर्मी चीफ ने 100 करोड़ रुपये का चेक कैसे दे दिया? इसीलिए मैंने आरटीआई के जरिए पीएमओ से जवाब मांगा है।'

Wednesday, May 6, 2015

बॉलिवुड सुपरस्टार सलमान खान को 5 साल जेल की सजा

साल 2002 के हिट ऐंड रन केस में दोषी करार दिए गए बॉलिवुड सुपरस्टार सलमान खान को मुंबई की सेशंस कोर्ट ने 5 साल जेल की सजा सुनाई है। गैर इरादतन हत्या मामले में सलमान के खिलाफ लगे सभी आरोप कोर्ट ने सही पाए।
उतार चढ़ावों से भरे 12 साल पुराने इस मामले में न्यायाधीश डी डब्ल्यू देशपांडे ने 49 साल के ऐक्टर के खिलाफ फैसला सुनाया। इस मौके पर सलमान और उनका परिवार अदालत में मौजूद थे। अदालत ने कहा कि सलमान शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे और उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।
Bottom of Form

अदालत ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए दिल्ली के बीएमडब्ल्यू निखिल नंदा और अलीस्टेयर परेरा मामले का अनुसरण करते हुए सलमान को दोषी ठहराया। अदालत ने सलमान से पूछा कि फैसले पर उन्हें क्या कहना है तो सलमान ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि हादसे के वक्त वह कार नहीं चला रहे थे।
वहीं, इस बीच मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ के साथ पुलिसकर्मियों की झड़प भी हो गई। पुलिस ने इसके बाद मीडियाकर्मियों को बाहर कर कोर्ट रूम के दरवाजे को बंद कर दिया।
अदालत जिस समय अपना फैसला सुना रही थी, सलमान की आंखों में आंसू थे और वह चुपचाप खड़े थे। फैसले के बाद उनके वकील ने मामले की सजा की मात्रा पर जिरह शुरू की। इस महत्वपूर्ण मामले में आज फैसले को देखते हुए अदालत परिसर में और इसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई, जहां सलमान के भाई अरबाज, सोहेल, बहन अर्पिता खान सहित उनका परिवार आज सुबह ही पहुंच गया था।
28
सितंबर 2002 की रात को सलमान की टोयोटा लैंड कू्जर बांद्रा के उपनगरीय इलाके में पटरी पर सोए लोगों को कुचलती हुई एक बेकरी में घुस गई थी, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हुए थे। बांद्रा के मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट (जिन्होंने सलमान के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने के हल्के आरोप में सुनवाई की थी, जिसमें अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है) ने 2012 में गैर इरादतन हत्या के अधिक गंभीर आरोप के साथ मामला सेशन कोर्ट को भेज दिया था।
जहां अभियोजन इस बात पर अडिग था कि हादसे के वक्त शराब पीकर सलमान ही लैंड क्रूजर चला रहे थे, वहीं सलमान का दावा था कि उस समय उनका ड्राइवर अशोक सिंह ड्राइविंग सीट पर था। सिंह ने भी बचाव पक्ष की इसी बात समर्थन किया। बचाव पक्ष ने यह दलील भी दी कि पुलिस ने स्टीयरिंग व्हील से उंगलियों के निशान नहीं उठाए थे, जिससे यह मालूम चले कि वाहन कौन चला रहा था।
अभियोजक प्रदीप घरात का आरोप था कि सलमान एक बार में 'बकार्डी रम' पीने के बाद गाड़ी चला रहे थे। हालांकि सलमान ने इस आरोप से इंकार करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ एक गिलास पानी पीया था। हादसे में नुरुल्लाह महबूब शरीफ की मौत हो गई थी, जबकि कलीम मोहम्मद पठान, मुन्ना मलाई खान, अब्दुल्लाह रौफ शेख और मुस्लिम शेख घायल हुए थे।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दाउंदकर ने एक अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि पुलिस ने गलत डॉक्टरों से पूछताछ कर झूठे साक्ष्य पेश किए, जिससे मामले में तीन साल की देरी हुई। उन्होंने याचिका में पुलिस द्वारा मुख्य प्रत्यक्षदर्शी कमाल खान से पूछताछ नहीं किए जाने के संबंध में भी सवाल उठाए थे। सलमान खान को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग 2 (गैर इरादतन हत्या), 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), 337 और 338 (गंभीर चोट पहुंचाना अथवा जीवन को खतरे में डालना) और 427 (संपति को नुकसान), के तहत आरोपित किया गया था। मोटर वाहन कानून के तहत खान के खिलाफ 34 (ए), (बी) पढ़ें 181 के साथ (नियमों के विरुद्ध वाहन चलाने) और 185 (शराब पीने के बाद तेज रफ्तार से वाहन चलाने) आरोप लगाए गए हैं। उनको बम्बई मद्यनिषेध कानून के तहत भी आरोपित किया गया, जो शराब के नशे में गाड़ी चलाने से जुड़ा है।
इससे पहले, सुबह नीली जींस और सफेद कमीज पहने सलमान एक सफेद कार से बांद्रा स्थित अपने आवास से दक्षिण मुंबई स्थित सेशंस कोर्ट पहुंचे। उनके साथ उनके बॉडीगार्ड थे। वहां बाहर लोगों का जमावड़ा था और एक तमिल समूह प्रदर्शन करते हुए ऐक्टर के लिए अधिकतम सजा की मांग कर रहा था जिन्होंने श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महिन्दा राजपक्षे का समर्थन किया था।

Monday, May 4, 2015

सभी रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही पीने के पानी के लिए वॉटर एटीएम

दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही पीने के पानी के लिए वॉटर एटीएम लगाए जाएंगे। इनसे यात्रियों को सस्ता और ठंडा पानी मुहैया कराया जाएगा। यह सुविधा नॉर्दर्न रेलवे आईआरसीटीसी के माध्यम से देगा।
उम्मीद है कि इस साल अक्टूबर तक दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों के सभी प्लेटफॉर्मों पर यह फेसलिटीज शुरू हो जाएगी। फिलहाल कई रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा मौजूद नहीं है। नॉर्दर्न रेलवे इस साल के अंत तक लगभग 300-400 वॉटर एटीएम लगाएगा, जिसमें हर प्लेटफॉर्म पर दो वॉटर एटीएम की सुविधा मौजूद रहेगी। हालांकि पानी के रेट अभी तय नहीं है। उम्मीद है कि एक रुपये में 250एमएल (एक गिलास) और 3 रुपये में 1 लीटर(एक बोतल) पानी मिल सकता है।

नॉर्दर्न रेलवे के मुताबिक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन करीब एक करोड़ लीटर पानी की खपत है। यहां के सभी 16 प्लेटफॉर्मों पर वॉटर एटीएम लगाए जाएंगे। कुछ प्लेटफॉर्मों पर वॉटर एटीएम के अलावा वेंडिंग मशीनें भी लगाई जाएंगी। जिन्हें यह वॉटर एटीएम चलाने में समस्या होगी, वह इन वेंडिंग मशीन का लाभ उठा सकेंगे। नई दिल्ली स्टेशन से हर रोज पांच लाख पैसेंजर्स और 300 ट्रेन अप-डाउन करती हैं। इसी तरह पुरानी दिल्ली और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर हर रोज 60-60 लाख लीटर पानी की खपत है। पीने के साफ पानी की यहां भी कमी है। ऐसे में यह सुविधा इन स्टेशनों पर भी दी जाएगी। सराय रोहिल्ला और दिल्ली का मॉडल रेलवे स्टेशन बनने जा रहे आनंद विहार में भी यात्रियों को यह सुविधा दी जाएगी। इन दोनों स्टेशनों पर डेली 40-40 लाख लीटर पानी की खपत है। फिलहाल दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों पर दिल्ली जल बोर्ड और रेलवे वॉटर रीन्यूवेल से पीने के पानी की मांग पूरी करता है। जल बोर्ड से जितना पानी पहले मिलता था। अब उसमें काफी कमी की गई है। उसके स्थान पर रेलवे रीन्यूवेल से उस पानी की कमी को पूरा कर रहा है। कई स्टेशनों पर यात्रियों की यह शिकायत भी रहती है कि कई बार गंदा पानी आ जाता है। ऐसे में सूत्रों का कहना है कि रेलवे अपने स्तर पर पीने का साफ पानी मुहैया कराने की कोशिश तो कर रहा है, लेकिन आरओ वॉटर उससे कहीं अधिक अच्छा और साफ होगा। इस मामले में दिल्ली डिवीजन के डीआरएम अरूण अरोड़ा का कहना है कि पीने के पानी के अलावा हम लोग साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसमें रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्मों पर गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। रेलवे ट्रैक के आसपास बसी झुग्गियों को भी जल्द ही हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

Monday, April 27, 2015

बिल्डिंग भूकंप के दौरान ज्यादा सेफ

आप यदि एनसीआर के किसी भी शहर की हाईराइज बिल्डिंग में रह रहे हैं तो आपका घर भूकंप में सेफ है। अनधिकृत कॉलोनियों में बनी चार या छह मंजिल की बिल्डिंग के बजाय नोएडा अथॉरिटी की ओर से अलॉट ग्रुप हाऊसिंग प्लॉट में बन रही बिल्डिंग भूकंप के दौरान ज्यादा सेफ हैं। जानकारों के मुताबिक इन बिल्डिंगों का डिजाइन स्ट्रक्चरल इंजीनियर से अप्रूव्ड कराना जरूरी होता है। साथ ही जब कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेना होता है, तब भी स्ट्रक्चरल इंजीनियर और फायर डिपार्टमेंट का सर्टिफिकेट जरूरी होता है।
भवन निर्माण तकनीक के एक्सपर्ट आर्किटेक्ट हरीश त्रिपाठी कहते हैं कि जब भी कोई हाईराइज बिल्डिंग तैयार होती है तो उसकी लंबाई के मुताबिक बेस के लिए नींव में कंक्रीट का प्लेटफॉर्म तैयार किया जाता है। यह हाईट के अनुसार ही लंबा और चौड़ा होता है। ऐसी बिल्डिंगों में नैशनल बिल्डिंग कोड का ध्यान रखा जाता है। मैप जितने भी फ्लोर के हिसाब से पास हुआ हो, बिल्डिंग भी उससे ज्यादा की फ्लोर का नहीं होनी चाहिए। यदि कोई बिल्डर रिवाइज्ड नक्शा पास कराना चाहता है तो उसे बुकिंग कराने वाले इन्वेस्टरों से एनओसी लेनी होती है। यदि कोई बिल्डर मनमाने तरीके से एक्स्ट्रा फ्लोर बनाता अथॉरिटी अलॉटमेंट कैंसल कर सकती है।
नोएडा अथॉरिटी में पूर्व चीफ आर्किटेक्ट प्लैनर राजपाल कौशिक का कहना है कि कोई भी हाईराइज बिल्डिंग बनाते वक्त मिट्टी की टेस्टिंग और पानी की कंडिशन देखी जाती है। इनमें बिल्डर भूकंप रोधी तकनीक इस्तेमाल करते हैं। जापान में अब कोई हाईराइज बिल्डिंग नहीं गिरती जबकि वहां खूब भूकंप खूब आते हैं। यही वजह है कि हाईराइज बिल्डिंगें ज्यादा सेफ हैं।

क्रेडाई के मेंबर आरके अरोड़ा का कहना है कि सभी हाईराइज बिल्डिंगों को भूकंपरोधी बनाना जरूरी है। इस तरह की बिल्डिंग बनाने के लिए फाऊंडेशन को मजबूत करने की दिशा में सबसे अहम काम किया जाता है। मिट्टी की टेस्टिंग के बाद पाइलिंग की जाती है। फाऊंडेशन का बेस मजबूत करने के बाद इसे फ्रेम स्ट्रक्चर में बनाकर बिल्डिंग का निर्माण किया जाता है। इसमें अब जम्प फोम और माईवान (मलेशियन टेक्नॉलजी) का इस्तेमाल किया जाता है। अब स्लैब और दीवार को एक साथ मिलाकर शेयर वॉल बनाई जाती है जो सेफ्टी और स्ट्रक्चर के लिहाज से बेहद मजबूत है। स्ट्रक्चरल इंजीनियर से बिल्डिंग का वेट कराने के बाद इसे आईआईटी रूड़की या दिल्ली से नई तकनीक के हिसाब से सर्टिफाई भी कराया जाता है।

Friday, April 24, 2015

किसान की फिक्र नहीं है, सब अपनी राजनीति कर रहे हैं

बुधवार को जंतर-मंतर पर खुदकुशी करने वाले किसान के मुद्दे को लेकर लोकसभा में हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों को स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कड़ी फटकार लगाई । उन्होंने कहा कि किसी को भी किसान की फिक्र नहीं है, सब अपनी राजनीति कर रहे हैं।
गुरुवार को विपक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रश्नकाल स्थगित करने की मांग करते हुए कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और इस पर स्पीकर को फैसला करना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

स्पीकर सुमित्रा महाजन ने चर्चा के लिए 12 बजे का वक्त तय किया। इसके बाद सदन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा शुरू हो गई, मगर विपक्ष के सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे। स्पीकर ने कहा कि सदस्य शांति बनाए रखें, मगर 'होश में आओ, होश में आओ' की नारेबाजी जारी रही।

हंगामा न थमता देखर स्पीकर ने सांसदों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा, 'कल बचाने गए थे (किसान को)? अब दिखा रहे हो....।' बावजूद इसके सांसदों पर कोई असर नहीं हुआ। इस पर उन्होंने कहा, 'किसी को भी गरीब किसान की कोई फिक्र नहीं है। सब अपनी राजनीति करने में लगे हुए हैं।

Wednesday, April 15, 2015

हरकी पैड़ी (हरिद्वार में गंगा घाट) पर गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगनी चाहिए

गोरक्षा पीठाधीश्वर और गोरखपुर के सांसद महंत आदित्यनाथ ने कहा कि हरकी पैड़ी (हरिद्वार में गंगा घाट) पर गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगनी चाहिए । उन्होंने टिहरी झील में नौकायन के दौरान शराब और मांस परोसने के मसले पर भी मुख्यमंत्री हरीश रावत से बात करने का आश्वासन भी दिया। योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'टिहरी झील को पर्यटन स्थल नहीं बनाया जा सकता। यह झील वास्तव में गंगा है और यहां सनातन मूल्यों का पालन किया जाना चाहिए।'
महंत आदित्यनाथ ने पत्रकारों से कहा कि गंगा की पवित्रता और अविरलता के लिए हर संभव कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हरकी पैड़ी पर बायलॉज लागू करवाने के लिए वह मुख्यमंत्री से शीघ्र मुलाकात करेंगे ताकि गैर-हिंदुओं का यहां प्रवेश न हो। राम मंदिर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अयोध्या की पहचान राम मंदिर से है और मंदिर बनकर रहेगा। उन्होंने साक्षी महाराज के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कड़े नियम बनने चाहिए। उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान की ओर से लगातार दिए जा रहे कथित हिंदू विरोधी बयानों की उन्होंने निंदा की। 
इससे पहले मंगलवार को योगी महासभा कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'गंगा में व्यापार की इजाजत नहीं दी जा सकती। टिहरी झील के किनारे मांस आदि परोसा जा रहा है। योगी महासभा इसका विरोध करेगी।' आदित्यनाथ ने कहा कि नासिक कुंभ के अवसर पर गुरु गोरखनाथ झंडी यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा नागपंचमी से शुरू होकर शिवरात्रि तक (नासिक से मंगलौर, कर्नाटक तक) चलेगी।
आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रया देते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि जो सांसद नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें संसद में रहने का अधिकार नहीं। उन्होंने कहा कि आदित्यनाथ की संसद सदस्यता भी छीनी जानी चाहिए। किशोर उपाध्याय ने कहा कि नफरत के बयान देकर आदित्यनाथ ने देवभूमि का अपमान किया है। उन्होंने कहा, 'योगी आदित्यनाथ खुद उत्तराखंड के रहने वाले हैं। इसके बावजूद वे मातृभूमि का उपयोग जहर बोने के लिए कर रहे हैं।