विकास
पाठ के पाठकों को दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें
Sunday, November 11, 2012
Tuesday, November 6, 2012
टेलिकॉम इंडस्ट्री के लिए आने वाले दिन काफी अहम
मोबाइल कंस्यूमर्स और टेलिकॉम इंडस्ट्री के लिए आने वाले दिन काफी
अहम होने वाले हैं। ये फैसले तय करेंगे कि भविष्य में उन्हें कौन सी नई सुविधा मिल
सकती है या कहां कठिनाई हो सकती है।
इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, नब्बे के दशक में देश में मोबाइल क्रांति आने के बाद पहली बार यह सेक्टर बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसका असर मोबाइल उपभोक्ताओं पर भी पड़ना तय है। अभी देश में तकरीबन 91 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया भर में सबसे सस्ती सेवा पाने वाले देशों में शामिल है।
इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, नब्बे के दशक में देश में मोबाइल क्रांति आने के बाद पहली बार यह सेक्टर बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसका असर मोबाइल उपभोक्ताओं पर भी पड़ना तय है। अभी देश में तकरीबन 91 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया भर में सबसे सस्ती सेवा पाने वाले देशों में शामिल है।
Wednesday, October 31, 2012
मुंबई - ट्रांस हार्बर लिंक - आगेबढ़ाने की दिशा में एक और सकारात्मक कदम
देश के सबसे बड़े 22 किमी का समुद्री संपर्कमार्ग मुंबई - ट्रांस हार्बर लिंक ( एमटीएचएल ) का काम आगेबढ़ाने की दिशा में एक और सकारात्मक कदम उठाया गया है।वह कि अब केंद्र सरकार इस परियोजना में आने वाले लागतकी 20 फीसदी रकम खर्च करने को तैयार हो गया है। चूंकिअभी हाल ही में इस प्रॉजेक्ट की लागत 8,800 करोड़ सेबढ़ाकर 9,600 करोड़ कर दी गई थी , अत : अब केंद्र सरकारने इस प्रॉजेक्ट पर 1,920 रुपये खर्च करने की हामी भर दीहै। इसका फैसला केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने दिल्ली में मंगलवारको लिया। इस प्रॉजेक्ट की नोडल एजेंसी एमएमआरडीए के कमिश्नर राहुल अस्थाना ने प्रॉजेक्ट के डिटेल्स कीब्रीफिंग वित्त मंत्रालय द्वारा गठित इंपॉवर्ड कमिटी के अधिकारियों को की। चूंकि इस पूरे प्रॉजेक्ट का 20 प्रतिशतखर्च राज्य सरकार ही अदा करने वाली है , अत : बाकी का 60 प्रतिशत रकम उस कंपनी को वहन करना होगा ,जो इसका टेंडर हथियाएगी।
इस प्रॉजेक्ट के लिए एक अच्छी खबर यह भी है कि अब इसे वन और पर्यावरण मंत्रालय से भी हरी झंडी मिलगई है और इस परियोजना पर जनवरी , 2013 से काम शुरू होने की संभावना है। जब यह ब्रिज 2017 तकबनकर पूरा हो जाएगा तो यह मुंबई में राजीव गांधी बांद्रा - वर्ली सी लिंक के बाद अरब सागर में यह दूसरा औरदेश का सबसे बड़ा 22 किलोमीटर लंबा पुल होगा। दक्षिण मुम्बई के शिवड़ी से शुरू होने वाला छह लेन का यहसमुद्री सम्पर्क मार्ग ठाणे क्रीक से होते हुए रायगढ़ जिले के पास स्थित न्हावा शेवा के पास चर्ली गांव में समाप्त होजाएगा। एमएमआरडीए के एक अधिकारी के मुताबिक कवठकर ने कहा कि अगले दो - तीन महीनों में जरूरीऔपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद हमें आशा है कि जनवरी , 2013 से इस पर काम शुरू हो जाएगा। फिलहालशिवडी - न्हावा शेवा लिंक परियोजना के लिए टेंडर मंगाए जा चुके हैं और पांच कंपनियों को शार्ट लिस्ट भीकिया गया है। ज्यादा संभावना है कि अगले महीने तक इन कंपनियों से प्रॅपोजल मंगा लिया जाएगा।
इस प्रॉजेक्ट के लिए एक अच्छी खबर यह भी है कि अब इसे वन और पर्यावरण मंत्रालय से भी हरी झंडी मिलगई है और इस परियोजना पर जनवरी , 2013 से काम शुरू होने की संभावना है। जब यह ब्रिज 2017 तकबनकर पूरा हो जाएगा तो यह मुंबई में राजीव गांधी बांद्रा - वर्ली सी लिंक के बाद अरब सागर में यह दूसरा औरदेश का सबसे बड़ा 22 किलोमीटर लंबा पुल होगा। दक्षिण मुम्बई के शिवड़ी से शुरू होने वाला छह लेन का यहसमुद्री सम्पर्क मार्ग ठाणे क्रीक से होते हुए रायगढ़ जिले के पास स्थित न्हावा शेवा के पास चर्ली गांव में समाप्त होजाएगा। एमएमआरडीए के एक अधिकारी के मुताबिक कवठकर ने कहा कि अगले दो - तीन महीनों में जरूरीऔपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद हमें आशा है कि जनवरी , 2013 से इस पर काम शुरू हो जाएगा। फिलहालशिवडी - न्हावा शेवा लिंक परियोजना के लिए टेंडर मंगाए जा चुके हैं और पांच कंपनियों को शार्ट लिस्ट भीकिया गया है। ज्यादा संभावना है कि अगले महीने तक इन कंपनियों से प्रॅपोजल मंगा लिया जाएगा।
Sunday, October 21, 2012
दो नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा
ठाणे से पनवेल के बीच चलने वाली ट्रांस-हार्बर लिंक रूट पर दिघा और बोनकोड़े के रूप में दो नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इनके बनने से दो से तीन लाख यात्रियों को फायदा होगा। केंद्रीय रेलवे बोर्ड ने सैद्धांतिक रुप ले इसकी मंजूरी दे दी है।
ठाणे के सांसद डॉ. संजीव नाईक से मिली जानकारी के अनुसार ठाणे से वाशी होकर पनवेल तक जाने वाले ट्रांस हार्बर लिंक रूट पर दिघा व बोनकोड़े स्टेशनों की मंजूरी इसी 18 अक्टूबर को रेलवे के मुख्य प्रबंधक सुबोध कुमार के साथ हुई बैठक में घोषित की गई। इस बैठक में छहों सांसदों समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
ठाणे के सांसद डॉ. संजीव नाईक से मिली जानकारी के अनुसार ठाणे से वाशी होकर पनवेल तक जाने वाले ट्रांस हार्बर लिंक रूट पर दिघा व बोनकोड़े स्टेशनों की मंजूरी इसी 18 अक्टूबर को रेलवे के मुख्य प्रबंधक सुबोध कुमार के साथ हुई बैठक में घोषित की गई। इस बैठक में छहों सांसदों समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
Friday, October 12, 2012
हमारी भाषा खो गई तो सब कुछ खो जा जाएगा
सार्क देशों का
भाषा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काफी सुनहरा भविष्य है। कंप्यूटिंग टेक्नॉलजी
में लोगों की रुचि काफी बढ़ी है। पीसी और इंटरनेट का तेजी से विस्तार आफिस तक ही
सीमित नहीं। यह घर-घर तक पहुंच चुका है। लोगों में आगे बढ़ने और नई तकनीक अपनाने
की ललक दिखाई देती है। मुझे विश्वास है कि निरंतर विकास करती हमारी टेक्नॉलजी
सार्क देशों को अपनी भाषा के प्रसार के लिए नई दिशा प्रदान करती रहेगी। इस स्थिति
को और विकसित करने एवं बढ़ाने की आवश्यकता है। सार्क देशों में कंप्यूटर और उसके
प्रयोग की असीम संभावनाएं हैं। बहुत सारी पुस्तकें, पत्रिकाएं ऑडियो प्रशिक्षण सामग्री तथा प्रशिक्षण केंद्र का विस्तार
किया जाना चाहिए
Monday, October 8, 2012
15 डिब्बों की 16 सर्वि
यात्रियों की बढ़ती हुई
भीड़ और मांग के बाद सेंट्रल रेलवे 15 अक्टूबर से पहली बार 15 डिब्बों की 16 सर्विस चलाएगी। इसके साथ ही सेंट्रल रेलवे की मेन लाइन पर चलने वाली
लोकल सर्विस की संख्या 785 से 803 हो जाएगी।
सभी 15 डिब्बों की सर्विस फास्ट लोकल होंगी। इन बढ़ाई गई सर्विस में से पीक ऑवर्स में पांच सर्विस चलाई जाएंगी। इसके अलावा सेंट्रल रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली 206 फास्ट लोकल सेवाओं की संख्या बढ़ाकर 233 कर दी जाएगी।
सभी 15 डिब्बों की सर्विस फास्ट लोकल होंगी। इन बढ़ाई गई सर्विस में से पीक ऑवर्स में पांच सर्विस चलाई जाएंगी। इसके अलावा सेंट्रल रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली 206 फास्ट लोकल सेवाओं की संख्या बढ़ाकर 233 कर दी जाएगी।
Monday, September 24, 2012
प्रॉपर्टी की कीमतों में आग लगी हुई है
रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट देश में सबसे फायदे
वाला सौदा है। नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) में तो यह बात और सही है, जहां प्रॉपर्टी
की कीमतों में आग लगी हुई है। अगर लॉन्ग टर्म में ओवरऑल रिटर्न की बात करें,
तो 15 साल में कोई भी प्रॉपर्टी आपको 15
फीसदी सीएजीआर से रिटर्न दे सकती है। इस तरह का रिटर्न किसी भी ऐसेट
से मिलना मुश्किल है। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि दिल्ली
और मुंबई में कीमतें इस लेवल पर पहुंच चुकी हैं कि अब इन शहरों में प्रॉपर्टी में
इन्वेस्टमेंट से बेहतर रिटर्न हासिल करना मुमकिन नहीं है। हालांकि, अगर आप लॉन्ग टर्म रिकॉर्ड्स देखेंगे तो ऊंची कीमतों के बावजूद रिटर्न
बेहतर रहा है।
अभी बैंक इंटरेस्ट रेट घटा रहे हैं। इससे घर खरीदने वालों की संख्या बढ़ेगी। ऐसे में पहले से तेज प्रॉपर्टी की कीमतों में और तेजी देखने को मिलेगी। लिहाजा, आप पर्सनल यूज या इन्वेस्टमेंट के लिए घर खरीदना चाहते हैं, तो कीमतें घटने का इंतजार करना आपके लिए ठीक नहीं होगा। अगर आप प्रॉपर्टी में पैसा लगाने चाहते हैं, तो लॉन्ग टर्म प्लान बेहतर रहेगा। एनसीआर में पिछले कुछ सालों में किराए में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। अगर आप रेंटल इनकम की बात करें, तो घर खरीदने के लिए आपका इन्वेस्टमेंट काफी कम पड़ता है। मिसाल के तौर पर, अगर आप एक करोड़ का घर खरीदते हैं तो 20 साल के लिए 10 फीसदी इंटरेस्ट के हिसाब से आपकी ईएमआई 96,502 रुपए होगी। इसमें से 83,333 रुपए पहले महीने ब्याज के तौर पर एडजस्ट हो जाएंगे और 13,169 रुपए की भरपाई प्रिंसिपल में होगी।
लिहाजा, अगले महीने प्रिंसिपल घटकर 1 करोड़ के बजाय 99,86,331 रुपए हो जाएगा और अगले महीने ब्याज घटकर 83,224 रुपए। इस तरीके से ब्याज का बोझ घटता जाएगा, जिससे ईएमआई का बड़ा हिस्सा प्रिंसिपल के तौर पर अजस्ट करने में मदद मिलेगी। वहीं, अपार्टमेंट का ऐनुअल रेंटल कैपिटल वैल्यू का 2.5 फीसदी से बढ़कर 3 फीसदी हो जाएगा। इस हिसाब से 1 करोड़ के फ्लैट पर 25,000 रुपए सालाना किराया आपको मिल सकेगा। इससे आपको ब्याज खर्च कम करने में मदद मिलेगी। किराए में आमतौर पर सालाना 10 फीसदी की बढ़ोतरी होती है। हालांकि, अगर इसे सिर्फ 5 फीसदी भी मान कर चलें, तो इससे इंटरेस्ट का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा। 14वें साल के अंत तक फ्लैट का किराया ईएमआई के इंटरेस्ट वाले हिस्से से ज्यादा होगा। कुल मिलाकर अगर आप रेंटल इनकम को शामिल कर प्रॉपर्टी में रिटर्न का अंदाजा लगाते हैं, तो यह कम से कम 15 फीसदी सीएजीआर के दायरे में होगा।
अभी बैंक इंटरेस्ट रेट घटा रहे हैं। इससे घर खरीदने वालों की संख्या बढ़ेगी। ऐसे में पहले से तेज प्रॉपर्टी की कीमतों में और तेजी देखने को मिलेगी। लिहाजा, आप पर्सनल यूज या इन्वेस्टमेंट के लिए घर खरीदना चाहते हैं, तो कीमतें घटने का इंतजार करना आपके लिए ठीक नहीं होगा। अगर आप प्रॉपर्टी में पैसा लगाने चाहते हैं, तो लॉन्ग टर्म प्लान बेहतर रहेगा। एनसीआर में पिछले कुछ सालों में किराए में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। अगर आप रेंटल इनकम की बात करें, तो घर खरीदने के लिए आपका इन्वेस्टमेंट काफी कम पड़ता है। मिसाल के तौर पर, अगर आप एक करोड़ का घर खरीदते हैं तो 20 साल के लिए 10 फीसदी इंटरेस्ट के हिसाब से आपकी ईएमआई 96,502 रुपए होगी। इसमें से 83,333 रुपए पहले महीने ब्याज के तौर पर एडजस्ट हो जाएंगे और 13,169 रुपए की भरपाई प्रिंसिपल में होगी।
लिहाजा, अगले महीने प्रिंसिपल घटकर 1 करोड़ के बजाय 99,86,331 रुपए हो जाएगा और अगले महीने ब्याज घटकर 83,224 रुपए। इस तरीके से ब्याज का बोझ घटता जाएगा, जिससे ईएमआई का बड़ा हिस्सा प्रिंसिपल के तौर पर अजस्ट करने में मदद मिलेगी। वहीं, अपार्टमेंट का ऐनुअल रेंटल कैपिटल वैल्यू का 2.5 फीसदी से बढ़कर 3 फीसदी हो जाएगा। इस हिसाब से 1 करोड़ के फ्लैट पर 25,000 रुपए सालाना किराया आपको मिल सकेगा। इससे आपको ब्याज खर्च कम करने में मदद मिलेगी। किराए में आमतौर पर सालाना 10 फीसदी की बढ़ोतरी होती है। हालांकि, अगर इसे सिर्फ 5 फीसदी भी मान कर चलें, तो इससे इंटरेस्ट का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा। 14वें साल के अंत तक फ्लैट का किराया ईएमआई के इंटरेस्ट वाले हिस्से से ज्यादा होगा। कुल मिलाकर अगर आप रेंटल इनकम को शामिल कर प्रॉपर्टी में रिटर्न का अंदाजा लगाते हैं, तो यह कम से कम 15 फीसदी सीएजीआर के दायरे में होगा।
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