Friday, May 15, 2015

आर्मी की तरफ से दिए गए चंदे को लेकर अजीब हालात

सेना प्रमुख द्वारा पिछले दिनों प्रधानमंत्री राहत कोष में आर्मी की तरफ से दिए गए चंदे को लेकर अजीब हालात पैदा हो गए हैं। सेना का कहना है कि उसने सैनिकों के वेतन से कोई चंदा नहीं दिया। ऐसे में उस चेक पर सवाल उठ रहा है, जिस पर लिखा गया था कि रकम सेना के वेतन से ली गई है।
चार महीने पहले आर्मी चीफ दलबीर सिंह सुहाग ने प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए 100 करोड़ रुपये का चेक दिया था। यह चेक उन्होंने खुद पीएम नरेंद्र मोदी को दिया था। मगर अब सेना की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सैनिकों की सैलरी से या अन्य तरीके से ऐसा कोई दान नहीं दिया गया है।

देहरादून के रहने वाले प्रभु डंडरियाल की तरफ से डाली गई आरटीआई के जवाब में आर्मी के सीपीआईओ लेफ्टिनेंट कर्नल राजीव गुलेरिया ने लिखा है, 'संबंधित एजेंसी ने सूचित किया है कि सेना के जवानों के वेतन से प्रधानमंत्री राहत कोष में कोई अनुदान नहीं दिया गया है। यह मामला अभी विचाराधीन है।'
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के ऑफिस की वेबसाइट पर डाले गए 67वें सेना दिवस समारोह की तस्वीरों में एक चेक दिख रहा था। जनरल सुहाग इस चेक को पीएम मोदी को सौंप रहे हैं। इस चेक में लिखा है, 'भारतीय सेना के सभी रैंक्स का एक दिन का वेतन।'
डंडरियाल ने अब प्रधानमंत्री कार्यालय से आरटीआई के जरिए इस चेक के बारे में जानकारी मांगी है। डंडरियाल ने कहा, 'जब 20 मार्च तक दान के लिए वेतन से कुछ नहीं लिया गया था, तो आर्मी चीफ ने 100 करोड़ रुपये का चेक कैसे दे दिया? इसीलिए मैंने आरटीआई के जरिए पीएमओ से जवाब मांगा है।'

Wednesday, May 6, 2015

बॉलिवुड सुपरस्टार सलमान खान को 5 साल जेल की सजा

साल 2002 के हिट ऐंड रन केस में दोषी करार दिए गए बॉलिवुड सुपरस्टार सलमान खान को मुंबई की सेशंस कोर्ट ने 5 साल जेल की सजा सुनाई है। गैर इरादतन हत्या मामले में सलमान के खिलाफ लगे सभी आरोप कोर्ट ने सही पाए।
उतार चढ़ावों से भरे 12 साल पुराने इस मामले में न्यायाधीश डी डब्ल्यू देशपांडे ने 49 साल के ऐक्टर के खिलाफ फैसला सुनाया। इस मौके पर सलमान और उनका परिवार अदालत में मौजूद थे। अदालत ने कहा कि सलमान शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे और उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।
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अदालत ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए दिल्ली के बीएमडब्ल्यू निखिल नंदा और अलीस्टेयर परेरा मामले का अनुसरण करते हुए सलमान को दोषी ठहराया। अदालत ने सलमान से पूछा कि फैसले पर उन्हें क्या कहना है तो सलमान ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि हादसे के वक्त वह कार नहीं चला रहे थे।
वहीं, इस बीच मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ के साथ पुलिसकर्मियों की झड़प भी हो गई। पुलिस ने इसके बाद मीडियाकर्मियों को बाहर कर कोर्ट रूम के दरवाजे को बंद कर दिया।
अदालत जिस समय अपना फैसला सुना रही थी, सलमान की आंखों में आंसू थे और वह चुपचाप खड़े थे। फैसले के बाद उनके वकील ने मामले की सजा की मात्रा पर जिरह शुरू की। इस महत्वपूर्ण मामले में आज फैसले को देखते हुए अदालत परिसर में और इसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई, जहां सलमान के भाई अरबाज, सोहेल, बहन अर्पिता खान सहित उनका परिवार आज सुबह ही पहुंच गया था।
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सितंबर 2002 की रात को सलमान की टोयोटा लैंड कू्जर बांद्रा के उपनगरीय इलाके में पटरी पर सोए लोगों को कुचलती हुई एक बेकरी में घुस गई थी, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हुए थे। बांद्रा के मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट (जिन्होंने सलमान के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने के हल्के आरोप में सुनवाई की थी, जिसमें अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है) ने 2012 में गैर इरादतन हत्या के अधिक गंभीर आरोप के साथ मामला सेशन कोर्ट को भेज दिया था।
जहां अभियोजन इस बात पर अडिग था कि हादसे के वक्त शराब पीकर सलमान ही लैंड क्रूजर चला रहे थे, वहीं सलमान का दावा था कि उस समय उनका ड्राइवर अशोक सिंह ड्राइविंग सीट पर था। सिंह ने भी बचाव पक्ष की इसी बात समर्थन किया। बचाव पक्ष ने यह दलील भी दी कि पुलिस ने स्टीयरिंग व्हील से उंगलियों के निशान नहीं उठाए थे, जिससे यह मालूम चले कि वाहन कौन चला रहा था।
अभियोजक प्रदीप घरात का आरोप था कि सलमान एक बार में 'बकार्डी रम' पीने के बाद गाड़ी चला रहे थे। हालांकि सलमान ने इस आरोप से इंकार करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ एक गिलास पानी पीया था। हादसे में नुरुल्लाह महबूब शरीफ की मौत हो गई थी, जबकि कलीम मोहम्मद पठान, मुन्ना मलाई खान, अब्दुल्लाह रौफ शेख और मुस्लिम शेख घायल हुए थे।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दाउंदकर ने एक अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि पुलिस ने गलत डॉक्टरों से पूछताछ कर झूठे साक्ष्य पेश किए, जिससे मामले में तीन साल की देरी हुई। उन्होंने याचिका में पुलिस द्वारा मुख्य प्रत्यक्षदर्शी कमाल खान से पूछताछ नहीं किए जाने के संबंध में भी सवाल उठाए थे। सलमान खान को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग 2 (गैर इरादतन हत्या), 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), 337 और 338 (गंभीर चोट पहुंचाना अथवा जीवन को खतरे में डालना) और 427 (संपति को नुकसान), के तहत आरोपित किया गया था। मोटर वाहन कानून के तहत खान के खिलाफ 34 (ए), (बी) पढ़ें 181 के साथ (नियमों के विरुद्ध वाहन चलाने) और 185 (शराब पीने के बाद तेज रफ्तार से वाहन चलाने) आरोप लगाए गए हैं। उनको बम्बई मद्यनिषेध कानून के तहत भी आरोपित किया गया, जो शराब के नशे में गाड़ी चलाने से जुड़ा है।
इससे पहले, सुबह नीली जींस और सफेद कमीज पहने सलमान एक सफेद कार से बांद्रा स्थित अपने आवास से दक्षिण मुंबई स्थित सेशंस कोर्ट पहुंचे। उनके साथ उनके बॉडीगार्ड थे। वहां बाहर लोगों का जमावड़ा था और एक तमिल समूह प्रदर्शन करते हुए ऐक्टर के लिए अधिकतम सजा की मांग कर रहा था जिन्होंने श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महिन्दा राजपक्षे का समर्थन किया था।

Monday, May 4, 2015

सभी रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही पीने के पानी के लिए वॉटर एटीएम

दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही पीने के पानी के लिए वॉटर एटीएम लगाए जाएंगे। इनसे यात्रियों को सस्ता और ठंडा पानी मुहैया कराया जाएगा। यह सुविधा नॉर्दर्न रेलवे आईआरसीटीसी के माध्यम से देगा।
उम्मीद है कि इस साल अक्टूबर तक दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों के सभी प्लेटफॉर्मों पर यह फेसलिटीज शुरू हो जाएगी। फिलहाल कई रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा मौजूद नहीं है। नॉर्दर्न रेलवे इस साल के अंत तक लगभग 300-400 वॉटर एटीएम लगाएगा, जिसमें हर प्लेटफॉर्म पर दो वॉटर एटीएम की सुविधा मौजूद रहेगी। हालांकि पानी के रेट अभी तय नहीं है। उम्मीद है कि एक रुपये में 250एमएल (एक गिलास) और 3 रुपये में 1 लीटर(एक बोतल) पानी मिल सकता है।

नॉर्दर्न रेलवे के मुताबिक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन करीब एक करोड़ लीटर पानी की खपत है। यहां के सभी 16 प्लेटफॉर्मों पर वॉटर एटीएम लगाए जाएंगे। कुछ प्लेटफॉर्मों पर वॉटर एटीएम के अलावा वेंडिंग मशीनें भी लगाई जाएंगी। जिन्हें यह वॉटर एटीएम चलाने में समस्या होगी, वह इन वेंडिंग मशीन का लाभ उठा सकेंगे। नई दिल्ली स्टेशन से हर रोज पांच लाख पैसेंजर्स और 300 ट्रेन अप-डाउन करती हैं। इसी तरह पुरानी दिल्ली और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर हर रोज 60-60 लाख लीटर पानी की खपत है। पीने के साफ पानी की यहां भी कमी है। ऐसे में यह सुविधा इन स्टेशनों पर भी दी जाएगी। सराय रोहिल्ला और दिल्ली का मॉडल रेलवे स्टेशन बनने जा रहे आनंद विहार में भी यात्रियों को यह सुविधा दी जाएगी। इन दोनों स्टेशनों पर डेली 40-40 लाख लीटर पानी की खपत है। फिलहाल दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों पर दिल्ली जल बोर्ड और रेलवे वॉटर रीन्यूवेल से पीने के पानी की मांग पूरी करता है। जल बोर्ड से जितना पानी पहले मिलता था। अब उसमें काफी कमी की गई है। उसके स्थान पर रेलवे रीन्यूवेल से उस पानी की कमी को पूरा कर रहा है। कई स्टेशनों पर यात्रियों की यह शिकायत भी रहती है कि कई बार गंदा पानी आ जाता है। ऐसे में सूत्रों का कहना है कि रेलवे अपने स्तर पर पीने का साफ पानी मुहैया कराने की कोशिश तो कर रहा है, लेकिन आरओ वॉटर उससे कहीं अधिक अच्छा और साफ होगा। इस मामले में दिल्ली डिवीजन के डीआरएम अरूण अरोड़ा का कहना है कि पीने के पानी के अलावा हम लोग साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसमें रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्मों पर गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। रेलवे ट्रैक के आसपास बसी झुग्गियों को भी जल्द ही हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।