Wednesday, October 29, 2014

मोबाइल सिम लेने के लिए 'आधार' नंबर को अनिवार्य


केंद्र सरकार मोबाइल सिम लेने के लिए 'आधार' नंबर को अनिवार्य करने की तैयारी में है। वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, 'आधार' परियोजना की समीक्षा के दौरान पाया गया है कि नए और पुराने मोबाइल कनेक्शन के साथ आधार संख्या अनिवार्य करना उचित होगा। इससे फर्जी उपभोक्ताओं को पहचानने और अपराध में मोबाइल के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। इस बीच भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने कहा है कि अब तक देश में 70 करोड़ लोगों को आधार कार्ड जारी हो गए हैं। 
आधार प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने महसूस किया कि आधार नंबर को नए और पुराने मोबाइल फोन कनेक्शनों से जोड़ना सही कदम होगा। आधार नंबर को पहचान सत्यापन का एकमात्र जरिया बनाने पर आशंका जाहिर कर चुके गृह मंत्रलय ने हाल में यह कहते हुए इसका समर्थन किया है कि इससे व्यक्ति का किसी भी समय, कहीं भी, कैसे भी सत्यापन मुमकिन है। देश की बड़ी आबादी के पास अभी भी आधार कार्ड नहीं हैं, इसलिए सरकार सिम कार्डों को आधार नंबर से जोड़ने का काम धीमी रफ्तार से आगे बढ़ाएगी। 

इससे पहले यूपीए शासन के दौरान आधार लिंक्ड बैंक अकाउंट को कुकिंग गैस सब्सिडी लेने के लिए अनिवार्य बनाने की योजना अधर में लटक गई थी। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद इस प्रोजेक्ट को लागू नहीं किया जा सका था। सुप्रीम कोर्ट ने पाया था कि सरकार किसी भी नागरिक को महज इस वजह से बेनेफिट देने से इनकार नहीं कर सकती है कि उसके पास आधार नंबर नहीं है।  यूनीक आइडेंटिटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने अभी तक देश में रह रहे 70 करोड़ लोगों को यूनीक आईडी नंबर वाले आधार कार्ड जारी किए हैं। यूआईडीएआई के मुताबिक आंध्र प्रदेश, केरल, दिल्ली, हिमाचल सहित 9 राज्यों में 90 फीसदी लोगों और 16 राज्यों में 70 फीसदी लोगों को आधार कार्ड हासिल हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में आधार के नॉमिनेशन का काम तेज रफ्तार से चल रहा है। दिसंबर तक 100 करोड़ लोगों को आधार नंबर जारी करने का लक्ष्य है। 

Wednesday, October 22, 2014

शुभेच्छा

सभी पाठकों को दीपावली की हार्दिक शुभेच्छा ।


(डॉ. राजेन्द्र कुमार गुप्ता)

Monday, October 20, 2014

सबसे अधिक 6.96 लाख मतों के अंतर चुनाव जीतने का रेकॉर्ड

महाराष्ट्र में बीड सीट पर उपचुनाव में दिवंगत बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी प्रीतम मुंडे ने इतिहास रचते हुए अब तक सबसे अधिक 6.96 लाख मतों के अंतर चुनाव जीतने का रेकॉर्ड बनाया। 
साल 2004 के चुनाव में सीपीएम के अनिल बसु ने 5.92 लाख मतों के अंतर से जीत दर्ज करके रेकॉर्ड बनाया था, जिसे अब प्रीतम मुंडे तोड़ने में कामयाब रहीं। इस साल के प्रारंभ में हुए लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी ने 5 लाख 70 हजार से अधिक मतों से गुजरात के वड़ोदरा सीट से जीत दर्ज की थी और वह बसु का रेकॉर्ड तोड़ने से करीब 22 हजार मतों से वंचित रह गए थे। अब उनकी ही पार्टी में प्रीतम मुंडे ने यह रेकॉर्ड तोड़ दिया। 
दिल्ली में एक सड़क दुर्घटना में केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे के निधन के कारण बीड़ सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा, जिसका प्रतिनिधित्व मुंडे कर रहे थे। इस सीट पर 15 अक्टूबर को उपचुनाव कराया गया था। प्रीतम मुंडे ने इस सीट पर अपने निकटमत प्रतिद्वन्द्वी और कांग्रेस उम्मीदवार अशोकराव शंकरराव पाटिल को 6.96 लाख मतों से पराजित किया। प्रीतम को 9,22,416 वोट मिले वहीं पाटिल को 2,26,095 वोट मिले।

Wednesday, October 1, 2014

हर पखवाड़े रेडियो के जरिये लोगों से संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तय किया है कि वह हर पखवाड़े रेडियो के जरिये लोगों से संवाद करेंगे। उनके इस फैसले से आकाशवाणी को अपनी रिब्रांडिंग होने की उम्मीद दिख रही है। आकाशवाणी के जरिये लोगों से पीएम की बातचीत की शुरुआत 3 अक्टूबर से होगी। 
जब देश में मास कम्युनिकेशन के साधनों की कमी थी, उस वक्त आकाशवाणी ही लोगों के लिए सूचना का बड़ा स्रोत हुआ करता था। हालांकि, पहले दूरदर्शन, फिर प्राइवेट टीवी चैनलों और बाद में प्राइवेट एफएम रेडियो ने इस सरकारी रेडियो ब्रॉडकास्टर को हाशिये पर धकेल दिया। राजनेता जहां टीवी के जरिये अपनी बात रखना पसंद करते हैं, वहीं रेडियो एंटरटेनमेंट के नाम पर लोगों ने प्राइवेट एफएम चैनलों से नाता जोड़ लिया है। 

पीएम ने केवल आकाशवाणी के जरिये लोगों से बात करने का जो फैसला किया है, उससे इस सरकारी रेडियो ब्रॉडकास्टर की ओर लोगों का ध्यान जरूर मुड़ेगा। आकाशवाणी ने भी इसके लिए पूरी तैयारी में है। इससे वाकिफ अधिकारियों ने बताया कि पीएम के सरकारी आवास 7 रेसकोर्स रोड में आकाशवाणी का एक स्टूडियो बनाया जा रहा है। यहां उसी तरह की सुविधाएं होंगी, जो अमेरिका के राष्ट्रपति के ओवल ऑफिस में हैं। 
एक अधिकारी ने बताया, 'ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा चुका है।' पीएम की यह चैट तकरीबन पूरे देश में सुनी जाएगी। आकाशवाणी की ब्रैंड इमेज भले ही कमजोर हुई हो, यह अब भी देश में सबसे ज्यादा एरिया कवर करता है। ऑल इंडिया रेडियो की पहुंच देश की 99.20% आबादी तक है। देश के 92.6% भूभाग को यह कवर करता है। 
एआईआर के डायरेक्टर जनरल एफ शहरयार ने कहा, 'प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस के मौके पर या कोई आपदा आने की स्थिति में ही रेडियो का उपयोग करते थे। इस बार मामला अलग है। हमें बताया गया है कि पीएम हर पखवाड़े एक बार आकाशवाणी के जरिये लोगों से बातचीत करेंगे।' इस काम में दूरदर्शन भी हाथ बंटाएगा। देश के 90% हिस्से तक पहुंच रखने वाला दूरदर्शन एआईआर की ऑडियो फीड प्रसारित करेगा। 
अधिकारियों ने बताया कि प्राइवेट एफएम चैनल भी एआईआर की फीड प्रसारित कर सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। रेडियो के जरिये नियमित रूप से संवाद की शुरुआत अमेरिका के प्रेसिडेंट फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट ने की थी। तब रेडियो की वही हैसियत थी, जो आज टीवी की है। महामंदी और द्वितीय विश्व युद्ध के असर से जूझ रहे अमेरिकियों से बातचीत में रूजवेल्ट ने रेडियो को जरिया बनाया था। अमेरिकी प्रेजिडेंट रोनाल्ड रीगन ने 1982 में इस परंपरा को दोबारा शुरू किया। मौजूदा अमेरिकी प्रेजिडेंट बराक ओबामा हर हफ्ते विडियो चैट करते हैं।