Monday, July 28, 2014

सभी अहम मामलों में 10 अगस्त से पहले कदम

नरेंद्र मोदी सरकार के पहले आम बजट से लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उन्हें इसमें कोई बड़ी घोषणा नहीं दिखी। अब मोदी प्रशासन बजट के प्रस्तावों पर तेजी से कदम बढ़ाना चाहता है ताकि अगले कुछ सप्ताहों में इनमें से कुछ को लागू कर दिया जाए। इस कोशिश की वजह यह है कि 15 अगस्त को जब प्रधानमंत्री लाल किले से देश को संबोधित करें तो उनके पास इन योजनाओं के बारे में ठोस रूप से कहने के लिए कुछ हो। 
कैबिनेट सचिव अजित सेठ ने सभी मंत्रालयों और विभागों को सभी अहम मामलों में 10 अगस्त से पहले कदम बढ़ाने को कहा है ताकि स्वतंत्रता दिवस पर पीएम के भाषण की तैयारी की जा सके। 26 मई को पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह देश के नाम पहला प्रमुख संबोधन होगा और नई सरकार इस मौके पर अपनी उपलब्धियां गिनाना चाहती है। प्रधानमंत्री कार्यालय बजट में की गई घोषणाओं के अमल पर सीधे नजर रख रहा है। वह दूसरे नीतिगत मुद्दों पर कदमों की निगरानी भी कर रहा है।
 

एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया, 'इरादा यह है कि कदम जल्द से जल्द बढ़ाए जाएं। ज्यादातर बजट घोषणाओं को फाइनल टच दिया जा रहा है ताकि उन पर अमल 10 अगस्त से पहले शुरू हो जाए।' वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 10 जुलाई को बजट पेश किया था। बजट घोषणाओं को लागू करने के कदमों में आमतौर पर तब तेजी आती है, जब अगला बजट पेश करने का वक्त करीब आए और वित्त मंत्रालय का बजट डिवीजन हालात की समीक्षा करे। हालांकि, इस बार निर्देश बिल्कुल साफ हैं- फाइलें दबाकर न बैठें और निर्णय हो जाए तो उसे तुरंत लागू करें। 
इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर कर कैबिनेट ने इसकी शुरुआत कर दी है। रक्षा और रेलवे सेक्टर से जुड़े फैसले भी जल्द होने की उम्मीद है। बजट घोषणाओं पर काम कर रहे वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, 'सरकारी गलियारे में इस वक्त जल्द कदम उठाने पर जोर है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि सब कुछ समय से कर लिया जाएगा। डिसइनवेस्टमेंट डिपार्टमेंट एसेट-सेल का कैलेंडर बना रहा है।
 
इस बीच, इसने ओएनजीसी और एनएचपीसी में सरकारी हिस्सा बेचने का ऐलान भी कर दिया है। सरकार ने सरकारी कंपनियों में अपना हिस्सा बेचकर 58,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने एक एक्सपेंडिचर मैनेजमेंट कमिशन बनाने का वादा भी किया है, जो सरकारी खर्च का ढर्रा बदलने के सुझाव देगा। वित्त मंत्रालय इस आयोग का ऐलान जल्द कर सकती है। पिछली तारीख से टैक्स लगाने से जुड़े मामलों से निपटने का सिस्टम अगले महीने सामने आ सकता है। साथ ही, इंडस्ट्री से नियमित तौर पर बातचीत के लिए एक हाई-लेवल कमेटी भी बनाई जा सकती है।
 

Friday, July 18, 2014

जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मेट्रो चलाने की तैयारी

मेरठ महानगर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मेट्रो चलाने की तैयारी की जा रही है। शासन ने मेरठ विकास प्रधिकरण को इसके लिए डिटेलड प्रोजेक्ट रिर्पोट( डीपीआर) तैयार करने के लिए कहा है। इसके लिए 50 प्रतिशत धन केंद्र सरकार से मिलेगा और बाकी की व्यवस्था एमडीए को करनी होगी। 
केन्द्र सरकार की इच्छा पर आगरा, कानपुर, वाराणसी और मेरठ में यातायात की बढ़ती समस्या से निबटने के लिए यूपी सरकार इन महानगरों में पब्लिक टांर्स्पोट सिस्टम के तहत मेट्रो रेल चलाने की संभावनाओं पर गहनता से विचार कर रही है। इसी कड़ी में आवास और शहरी नियोजन के विशेष सचिव हरिकांत त्रिपाठी ने एमडीए के वीसी को पत्र लिखकर मेरठ महानगर में मेट्रो चलाए जाने के लिए डीपीआर तैयार करने को कहा है। 10 जुलाई 2014 को जारी किए गए पत्र में लिखा गया है कि प्राधिकरण डीपीआर रिर्पोट तैयार करने के लिए टर्म्स ऑफ रिफरेंस तैयार करके उस पर केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय से अनुमोदन लेगा। गौरतलब है कि शहरी विकास मंत्रालय से अनुमोदन मिलने पर प्रोजेक्ट के लिए केन्द्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की ओर से तय मेट्रो नीति के अनुसार डीपीआर में आने वाले कुल खर्च की 50 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की ओर से अनुदान में दी जाएगी। जबकि बाकी 50 प्रतिशत धनराशि प्रधिकरण को जुटानी होगी। पत्र में डीपीआर तैयार करते समय मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत आने वाली आवश्यक चीजों का ध्यान रखने के लिए भी कहा गया है। साथ ही शहर की आवशयकता, ट्रैफिक के महत्वपूर्ण पॉइंट्स आदि का घ्यान रखने की हिदायत भी दी गई है। एमडीए के अधिकारी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हे इस संबंध में शासन से पत्र प्राप्त हो गया है। उनका कहना है कि डीपीआर केंद्र सरकार की एजेंसी से बनवाने पर विचार किया जा रहा है। 

Wednesday, July 16, 2014

ब्रिक्स डिवेलपमेंट बैंक (बीडीबी) की स्थापना पर मुहर

आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पांच सदस्यीय ब्रिक्स देशों के नेताओं से कहा कि वे अभी जो कुछ चुनेंगे वह अंतत: विश्व का भविष्य तय करेगा। 
ब्रिक्स की इस बैठक में ब्रिक्स डिवेलपमेंट बैंक (बीडीबी) की स्थापना पर मुहर लगा दी गई। ब्रिक्स विकास बैंक कई देशों और विकासशील राष्ट्रों में परियोजनाओं का वित्तपोषण करेगा। इस बैंक का मुख्यालय नई दिल्ली या शांघाई में बनाए जाने को लेकर भारत और चीन का अपना अपना दावा है।मोदी के सामने चुनौती है कि वह बीडीबी के गठन में भारत की अहम भूमिका निश्चित करें। इस बैंक का मुख्यालय कहां होगा, इस पर भी फैसला होगा। अगर मोदी इसका मुख्यालय (भारत) नई दिल्ली में रखवा सकें, तो पूरे एशिया में इसका रुतबा बढ़ जाएगा।
 
ब्राजील, रूस, चीन, भारत और दक्षिण अफ्रीका वाले पांच देशों की शिखर बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान से अफ्रीका तक का क्षेत्र अशांति और संघर्ष के दौर से गुजर रहा है और जिन देशों को यह सब झेलना पड़ रहा है उनकी दशा पर मूक दर्शक बने रहने के गंभीर परिणाम होंगे।
पहली बार इस शिखर बैठक में भाग ले रहे मोदी ने कहा, 'मेरा दृढ़ विश्वास है कि आतंकवाद, किसी भी रूप और आकार में हो, मानवता के खिलाफ है। आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।'
उन्होंने कहा कि आज हम जो चुनेंगे वह न केवल हमारे देश का भविष्य तय करेगा, बल्कि कुल मिलाकर पूरे विश्व का भविष्य तय करेगा।
प्रधानमंत्री ने साइबर जगत के मुद्दे का जिक्र किया और कहा, 'साइबर जगत अनेक अवसरों का स्रोत है, लेकिन साइबर सुरक्षा एक अहम चिंता का विषय बन चुका है।'
मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों को साइबर क्षेत्र को समान वैश्विक हित के लिए बनाए रखने के मामले में अगुआई करनी चाहिए।

Tuesday, July 8, 2014

अब मोदी को बुलाओ

मुरादाबाद के कांठ में हुए विवाद पर बीजेपी ने स्थानीय प्रशासन पर समाजवादी पार्टी के एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का तो यहां तक कहना है कि जिन 62 लोगों को पहले गिरफ्तार कर थाने लाया गया था, उनके मुंह पर पुलिस ने जूते, चप्पलों, डंडों से मारा, गालियां दी और कहा अब मोदी को बुलाओ।
सोमवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांठ गांव में एक समुदाय के लाउड स्पीकर उतरवा दिए गए, दूसरे समुदाय के लाउड स्पीकर बजते रहे। गांव में रहने रहने वाले जाटव समाज के लोग पुलिसिया उत्पीड़न से डरकर घर में ताला लगाकर पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे ट्रैक पर पथराव की घटना में पुलिस ने उन लोगों को भी मुजरिम बना दिया, जिन्हें पहले से ही गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में रखा गया था। इनके नाम की सूची पहले ही डीजीपी से लेकर डीआईजी तक भेज दी गई थी। ऐसे फर्जी मुकदमे वापस होने चाहिए।

डॉ. वाजपेयी ने कहा कि यूपीपीएससी की परीक्षाएं जातिवाद का अड्डा बन गई हैं। एक जाति विशेष के अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में 95 फीसदी तक नंबर दिए गए, वहीं सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को जानबूझ कर काफी कम अंक दिए गए। यहां तक कि पीसीएस टॉपर तक को इंटरव्यू में नहीं बख्शा गया। इन अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम किसी जाति के विरोधी नहीं है, परन्तु किसी प्रकार के जातिवाद का हम विरोध करते है। यह जातिवाद राष्ट्रवाद के लिए खतरा है।

Friday, July 4, 2014

पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन का ट्रायल रन शुरू

देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन का ट्रायल रन शुरू हो गया है। गुरुवार 11 बजकर 15 मिनट पर यह ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर 6 से रवाना हुई और 160 किलोमीटर/घंटा की अधिकतम स्पीड से ट्रेन 100 मिनट में 195 किलोमीटर का सफर तय करके ट्रेन आगरा कैंट पहुंच गई। इसका ट्रायल रन अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा और सबकुछ ठीकठाक रहा, तो बजट में इसका ऐलान हो सकता है। नवंबर से दिल्ली-आगरा के बीच इस ट्रेन के चलने की संभावना है।
ट्रायल रन सफल होने पर इसे निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आगरा के लिए नियमित रूप से चलाने की योजना है। आज ट्रायल रने के तहत वापसी में यह आगरा से दोपहर 1:50 पर चली और नई दिल्ली साढ़े 3 बजे पहुंची।
सेमी हाई स्पीड ट्रेन का कोच कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी में बना है। इस ट्रेन में शताब्दी जैसे 10 कोच हैं, जबकि इंजन 5400 एचपी से लैस है। वर्तमान में भारत की सबसे तेज ट्रेन भोपाल शताब्दी है, जिसकी अधिकतम स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटे है। दिल्ली-आगरा रूट पर इस ट्रेन को चलाने के लिए न सिर्फ ट्रैक को दुरुस्त किया गया है बल्कि ट्रैक के आस-पास 10 किलोमीटर फेंसिंग भी लगाई गई है।


Tuesday, July 1, 2014

मीडिया रिपोर्टिंग की वजह से प्याज की कीमतों में इजाफा

सरकार की तमाम कोशिश के बाद भी दिल्ली में प्याज की कीमत में लगातार तेजी आ रही है। न केवल गली-मोहल्ले में, बल्कि मंडी में भी प्याज की कीमतों में इजाफा हो रहा है। प्याज की कीमत कंट्रोल करने के लिए सरकार वैन से प्याज बेच रही है। फिर भी प्याज लोगों को रुला रहा है। स्थिति यह है कि पिछले हफ्ते जो प्याज मंडी में 6 से 19 रुपये के बीच था, वह सोमवार को 9 से 24 रुपये के बीच पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में प्याज की दरें और बढ़ सकती हैं।
थोक विक्रेताओं का आरोप है कि मीडिया में प्याज की कीमतों में और बढ़ोतरी की खबरों ने जमाखोरी बढ़ा दी है। जमाखोरों ने प्याज के और महंगे होने के इंतजार में प्याज को दबा लिया है। इसी वजह से प्याज महंगा होता जा रहा है।
आजादपुर मंडी के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मीडिया रिपोर्टिंग की वजह से प्याज की कीमतों में इजाफा हो रहा है। मार्केट में प्याज की कोई कमी नहीं है, लेकिन फिर भी रेट भाग रहा है। यह महंगाई सीजन के हिसाब से नहीं है। आमतौर पर मानसून आने के बाद ही महंगाई बढ़ती है या 15 जुलाई के बाद ऐसी महंगाई देखी जाती है। अभी केवल प्याज महंगा हो रहा है, क्योंकि मीडिया में केवल प्याज की कीमतों में उछाल की संभावना जताई गई है।
पिछले दिनों मीडिया में खबर आई कि प्याज की कीमत 50 से 100 रुपये तक पहुंच सकता है। इस वजह से जमाखोर एक्टिव हो गए हैं। प्याज के अलावा किसी और सब्जी की कीमत में बढ़ोतरी नहीं हुई है और अभी ऐसी संभावना भी कम है। दूसरी ओर रिटेल में प्याज की कीमत दोगुनी हो चुकी है, लोग 30 से 35 रुपये किलो प्याज खरीदने को मजबूर हैं। प्याज के और महंगा होने की संभावना से लोग प्याज खरीद भी ज्यादा रहे हैं, इस वजह से मांग भी बढ़ गई है।